tawang madhuri lake

Best 10. place tawang district sela pass & falls

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हेलो दोस्त कैसे हैं आप सभी उम्मीद करता हूं कि आप लोग अच्छे ही होंगे दोस्त पिछले पोस्ट में हम अंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले के घूमने वाले स्थल के बारे में बताया था। आज की इस पोस्ट में हम अरुणाचल प्रदेश  के तवांग जिले के बारे में बताएंगे कि यहां पर घूमने वाले जगह के बारे में बात करेंगे जो कि देखने में बहुत ही खूबसूरत जगह है। दोस्त आज के पोस्ट में हम tawang, sela pass, tawang madhuri lake, nuranang falls के बारे में जानकारी आप सभी को दी जाएगी तो आप सभी कृपया बने रहे इस पोस्ट के साथ और इंटरेस्टिंग जगह का आनंद लीजिए। तो दोस्त चलते हैं इस पोस्ट की ओर।

tawang history | तवांग इतिहास

hotels in tawang
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अरुणाचल प्रदेश के विचित्र शहर तिवांग एक प्राचीन पर्यटन स्थल है जो प्रकृति को अद्भूत रंगों की विशेषताओं के माध्य स्थित है। तिवांग अरुणाचल प्रदेश के पश्चिमोत्तर भाग में स्थित है। तिवांग जिले के वासियों को मुख्य धंधा कृषि और पशुपालन है। 2011 की जनगणना के दौरान यहां का जनसंख्या 11,202 है यह प्राकृतिक रूप से बहुत ही खूबसूरत है। तवांग बहुत ही खूबसूरत जगह है यहां पर पर्यटक को खूबसूरती चोटियों , छोटे-छोटे गांव, शानदार गोनपा, और इसके अलावा बहुत कुछ देख सकते हैं। इन सबके अलावा यहां पर इतिहास धर्म और पौराणिक कथाओं का सम्मिश्रण भी देखा जा सकता है। 70 वीं शताब्दी में मीराक लामा ने इस जिला का नाम अकरम किया था। यहां पर अत्यधिक मात्रा में मोनपा जाति के आदिवासी रहते है। आदिवासी पत्थर और बास के बने घरों में रहते हैं। यहां पर पर्यटक प्रकृति खूबसूरती के अलावा उनके बौद्ध मठ भी देख सकते हैं। यहां का मठ बहुत ही प्रसिद्ध है एशिया का सबसे बड़ा मठ तवांग मठ हैं।

तवांग मठ (tawang monastery) का निर्माण 1680 से 1681 ईस्वी में कराया गया था। तवांग एक पहाड़ी पर बना हुआ है समुद्र तल से लगभग 10000 फीट ऊंचा तल पर स्थित है। पूरे देश में यह अपने प्रकार का एक अकेला बौद्ध मठ है। तवांग मठ में 700 बौद्ध साधु ठहर सकते हैं। मठ के पास से एक नाहर भी बहती है। और ये बौद्ध मठ के लिए जल की आपूर्ति भी करती हैं। तवांग मटके प्रवेश द्वार दक्षिण में है प्रवेश द्वार का नाम कालालिंग है। कालालिंग देखने में झोपड़ी जैसा लगता है। जो पर्यटकों को बहुत पसंद आती है। tawang pin code- 790104

tawang weather | तवांग मौसम

साल में यहां ज्यादातर हीनों में सामान्य मौसम बना रहता है। यदि आप तवांग घूमने आते हैं तो यहां घूमने के लिए सबसे अच्छा समय (best time to visit tawang) मार्च से‌ अक्टूबर का होता है। क्योंकि इस दौरान यहां का मौसम काफी सुखदायक होता है।

गर्मी- तवांग में गर्मी मार्च से जून महीने तक गर्मी का एहसास होता है इस दौरान यहां पर अत्यधिक मात्रा में तवांग तापमान (tawang temperature)  22 डिग्री के आसपास रहता है आमतौर पर जून महीना साल का सबसे गर्मी का महीना होता है। अप्रैल में तवांग मौसम (tawang weather in april) समान्य रहता हैं।

मानसून- तवांग बारिश का मोसम जुलाई से सितंबर तक मुसलाधार बारिश होता है। इस दौरान यहां पर मौसम में काफी नमी रहती है।

सर्दी- तवांग में सर्दी ना नंबर से फरवरी महीने तक रहती है और जितना समय तक ही रहती है बहुत अत्यधिक मात्रा में ठंडी यहां पर पड़ती है इसके दौरान यहां का तापमान (temperature at tawang) शून्य के आसपास पहुंच जाता है न्यूनतम तापमान -13 डिग्री तक गिर जाता है, और अधिकतम तापमान 10 डिग्री तक पहुंच जाता है सबसे ज्यादा ठंड जनवरी के महीने में परती हैं।

Nearby places around Tawang | तवांगी के आसपास के स्थान

  • guwahati to tawang – 510.6 km
  • tezpur to tawang – 334 Km
  • bomdila to tawang- 175.7 km
  • guwahati to tawang distance- 510.6 km
  • guwahati to tawang train- NA
  • guwahati to tawang by road- 518 Km
  • tawang to bomdila- 176.7 km
  • itanagar to tawang- 446.7 km
  • tawang to bomdila distance- 176.7 km
  • tawang to dirang distance- 671.3 km

tawang hotels | तवांग होटल

  • The Oak
  • Hotel Tawang Centre Point
  • Hotel Tawang Holiday
  • Hotel Menda-La
  • OYO 67321 Sangetser Inn
  • Hotel Mount View
  • Dondrub Homestay
  • Hotel Tashi Ga-Tsel
  • Mountain Mist Resort
  • Vamoose Bliss
  • White House
  • Hotel Tawang Heights
  • Tsepal Yongjam
  • Pemaling Lords Inn Dirang
  • Druk Deothjung Hotel
  • Norphel Retreat
  • Wangchuk Hotel Mongar
  • Dirang Boutique Cottages
  • OYO 49561 North Hill Home Stay
  • Atisha Guest House
  • At Dirang
  • Hotel Norling

sela pass | सेला दर्रा

sela pass
sela pass

सेला दर्रा भारत के अरुणाचल प्रदेश राज्य के तवांग जिले और पश्चिम कमेंग जिले के मध्य अवस्थित एक ऊंचा तुंगता वाली पहाड़ी पर है। इसकी ऊंचाई लगभग 4170 मीटर है और यह तिब्बती बौद्ध शहर तवांग को दिरांग और गुवाहाटी से जोड़ता है। और यह भारत से एक मुख्य सड़क के माध्यम से जुड़ा हुआ है। और यहां की सड़कें बर्फो से ढके रहते हैं सेला दर्रा गर्मियों बहुत नहीं होती है यहां पर सर्दियों के दौरान में -10 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है

1962 में भारत और चीन के बीच युद्ध के दौरान ब्रिगेडियर होशियार सिंह राठी क्षेत्र के सेला दर्रे की रक्षात्मक थे। जिसमें भारत सेना की एक ब्रिगेड शामिल थी। भारत सेना के लिए ब्रिगेडियर होशियार सिंह 1962 में सेला दर्रा क्षेत्र में मारे गए थें। और यहां पर बहुत ही सुंदर दृश्य दिखाई पड़ता है कहा जाता है कि धरती पर स्वर्ग के एक टुकड़े का अनुभव करा सकता है। यहां शांत वातावरण रहता है और पर्यटकों के लिए आकर्षण शायद ही कभी शराबी पर प्रेमियों से भरा जमा होता है। सेला दर्रा अरुणाचल प्रदेश में सबसे अधिक देखी जाने वाली जगह में से एक है इस स्थान तक रंग से मार्ग के द्वारा यहां पर पहुंच सकते हैं। सेला दर्रा में लगभग 101 झील है यहां पर की सुंदरता बहुत ही अद्भुत है जो पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करता है। सेला दर्रा मौसम (sela pass weather) बहुत ही ठंडा और शीतल रहता है यहां के निवासियों को कभी गर्मी का एहसास नहीं होता है अरुणाचल प्रदेश में पर्यटकों के लिए एक दिलचस्प आकर्षण है सेला दर्रा तवांग (sela pass tawang) शहर से लगभग 78 किलोमीटर दूरी पर है। यहां का खूबसूरत नजारा बर्फ से ढके हुए पहाड़ और झिलमिलाती चिड़िया के पेर जो बर्फ से ढके रहते हैं। अरुणाचल प्रदेश की यह जगह बहुत ही सुंदर जगह है यहां के लोग को ठंडी के समय में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, क्योंकि यहां पर माइनस 13 डिग्री तक सेल्सियस चल जाती है यदि आप सभी अरुणाचल प्रदेश के सेला दर्रा घूमने आते हैं तो आप गर्मी के मौसम में यहां आए जो कि आपको घूमने के लिए बहुत ही अच्छी शीतल मौसम है। tawang to sela pass distance- 78 km

sela pass map

sela pass tawang
sela pass tawang

 

bumla pass | बुमला पास दर्रा

bumla pass height
bumla pass height

बुम दर्रा अरुणाचल प्रदेश राज्य और तिब्बत के बीच हिमालय का है पहाड़ी दर्रा हैं। इसे बुमला दर्रा भी कहा जाता है। यह समुद्र तट से लगभग 15200 फुट की ऊंचाई पर तवांग शहर से लगभग 37 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। यहां पर बहुत सारे बोधा आश्रम भी है जिनमें दुनिया की दूसरे सबसे बड़ा आश्रम भी है। इस दर्रा की ओर से जाने वाले सरक मार्ग आगंतुकों को कई तंद्रालु बस्तियों और प्राकृतिक झीलों के समीप से ले जाते है, जो आपकी यात्रा को यादगार बनाता हैं। यहां पहुंचने वाले पर्यटकों को अपने साथियों या परिवार को कहने के लिए कई कहानियों होंगी कि भारतीय सेना ने किस तरह से पर्यटकों की कैसे स्वागत करता हैं, या कैंसे जलपान कराता हैं और साथ ही उन्हें यह भी बताया कि ऊंचे इलाकों और तीव्र ठंढ़े जलवायु में कैसे रहा जाता है। बुमला दर्रा तापमान (bumla pass temperature)  ठंड के समय तें यहां का तापमान बहुत कम रहता हैं। बुमला दर्रा मौसम (bumla pass weather) बहुत ही ठंडा और शीतल रहता है tawang to bumla pass distance- 20.6 km, bumla pass height – 15200Ft

madhuri lake | माधुरी झील

tawang madhuri lake
tawang madhuri lake

माधुरी झील अरुणाचल प्रदेश (madhuri lake arunachal Pradesh) के तवांग से लगभग 20 किलोमीटर दूर प्राकृतिक सुंदरता से भरे मंत्रमुग्ध स्थान पर स्थित है। यह जेल समुद्र तल से लगभग 3708 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यदि आप माधुरी दीक्षित झील घूमना पसंद करते हैं तो पहुंचने के लिए आपको तवांग से गाड़ियों के जरिए जा सकते हैं यहां पर फूड स्टॉल के साथ झील के करीब एक छोटे पार्किंग बेस भी है। इस झील का नाम माधुरी दीक्षित के नाम पर क्यों पड़ा इस दिल को मूल रूप से सांगतेसर झील कहा जाता था, लेकिन बाद में इसे माधुरी दीक्षित झील के नाम से जाना जाता है आपको जानता हैरानी होगी कि माधुरी दिक्षित के नाम प्रिया जी कैसे फराह 90 दशक में बॉलीवुड फिल्म कोयला का एक गाना जिसमें शाहरुख खान और माधुरी दीक्षित ने झील के पास सिंह की थी यह गाना इतना फेमस हो गया कि झील का नाम ही माधुरी झेल रख दिया गया इस नाम की वजह से लोग अक्सर यहां घूमने और इस जगह को  फोटोग्राफी करने आते हैं। या झील पर पहुंचने के लिए आपको 50 हेयर पिन जैसी मोर वाली सर के हैं माधुरी झील तवांग (madhuri lake tawang) स्थित जिला आयुक्त कार्यालय से इस झील पर जाने के लिए विशेष अनुमति लेनी पड़ती है किसी भी विदेशी को झील स्थान पर जाने की अनुमति नहीं दी जाती है। इस दिल के पास एक सेना का कैंप है जिसमें पर्यटकों को बेहद सस्ती कीमत पर दस्ताने, जूते, जैकेट आदि मिल जाते हैं भारतीय सेना के जरिए लोग में ताजगी बनाए रखने और उन्हें चलाने का काम किया जाता है या घुमाने का काम किया जाता है। इस झील में पर्यटकों के लिए सेना ने गर्म चाय, कॉफी, मैगी और बहुत सारी खाने पीने की सुविधाएं उपलब्ध किए हैं। इसी कारण बस पर्यटकों को यह झील अपनी और आकर्षित करता है।

nuranang falls | नूरनंग फॉल्स

 nuranang falls

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नूरानांग जलप्रपात अरुणाचल प्रदेश (nuranang falls arunachal pradesh) के तवांग जिले में 100 मीटर ऊंचाई पर स्थित है। इसे बोंग बोंग जलप्रपात के रूप में भी जाना जाता है। या अरुणाचल प्रदेश के सबसे बढ़िया झरनों में से एक है। तवांग और बोमडिला को जोड़ने वाली सड़क पर जंग शहर से लगभग 2 किलोमीटर दूर पर स्थित है इसीलिए इसे जंग जलप्रपात के नाम से भी जाना जाता है। यह जलविद्युत संयंत्र है जो स्थानीय लोगों के लिए बिजली उत्पन्न करता है।

निष्कर्ष

तो दोस्त आज हमने अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले के इतिहास के बारे में बताएं और इस जिले से जुड़े उन सभी जगहों के बारे में बताए हैं जो कि इस जिला को एक सुंदरता के रूप में जाना जाता है और यहां के वातावरण के बारे में भी बताए हैं यहां के ग्रामवासी इस तरह के जिंदगी बिताते हैं इन सभी के बारे में हम आज के इस पोस्ट में जाने हैं जैसे  tawang, sela pass, tawang madhuri lake, nuranang falls  इन सभी के बारे में हम बहुत ही अच्छी तरह से जान लिए हैं यदि आप सभी को घूमने जाना है तो आप कैसे जाएंगे और कौन से समय में जाएंगे इन सब का अंदाज आ ही गया होगा तो दोस्त यदि आपको यह पोस्ट अच्छी लगी हो तो आप हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट करके बता सकते हैं। धन्यवाद

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