maredumilli water falls

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आंध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्य में जिला कें घुमने वाले स्थान maredumilli forest, maredumilli tourist places, venkateswara swamy temple,

हेलो दोस्त कैसे हैं, आप सभी उम्मीद करता हूं कि आप लोग अच्छे ही होंगे दोस्त पिछले पोस्ट में हम आंध्र प्रदेश राज्य में जिले के  अंतर्गत पर्यटन स्थल के बारे में बताया था। आज की इस पोस्ट में हम आंध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्य में जिला कें अंतर्गत खास मंदिर और मारेदुमिली वन  बारे में बताएंगे कि यहां पर घूमने वाले पर्यटक किस तरह से जाते हैं। दर्शन करने के लिए खूबसूरत जगह पर। दोस्त आज के पोस्ट में हम labbipet venkateswara swamy temple, vadapalli venkateswara swamy temple, new jersey venkateswara temple, venkateswara temple, maredumilli tourist places के बारे में जानकारी आप सभी को दी जाएगी तो आप सभी कृपया बने रहे इस पोस्ट के साथ और इंटरेस्टिंग जगह का आनंद लीजिए। तो दोस्त चलते हैं इस पोस्ट की ओर।

maredumilli forest | मारेदुमिली वन

maredumilli forest
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maredumilli india आंध्र प्रदेश राज्य के पूर्व गोदावरी जिले में भद्राचलम रोड पर स्थित है, मारेदुमिली गांव से लगभग 4 किलोमीटर दूर स्थित है। इस गांव के क्षेत्र में गहरे जंगल के लहरदार चट्टानों के ऊपर से कई धाराएं बहती है। इस चट्टान के ऊपर पर्यटकों को आगंतुक प्राकृति में रोमांचकारी सा अनुभव करता है। इस वनों में समृद्ध जैव विविधता है, और इस क्षेत्र के अर्ध सदाबहार वन है। जो हरदा इलाके के साथ हैं। और पूर्वी घाटी का हिस्सा हैं। maredumilli forest का सुरक्षा आंध्र प्रदेश वन विभाग के सक्रिय समर्थन से वलमुरु, सोमिरेड्डीपालेम और वाल्मीकिपेटा वन संरक्षण समिति के स्थानीय आदिवासी समुदाय द्वारा किया जाता है।

विश्व बैंक के द्वारा सहायता प्राप्त आंध्र प्रदेश सामुदायिक भवन प्रबंधक परियोजना से समय पर वित्तीय सहायता के साथ मिलकर अत्यधिक प्रेरित सामुदायिक भागीदारी की प्रतिबद्धता के कारण परियोजना को कम समय में सफलतापूर्वक पूरा निर्मित किया गया था। जंगल स्टार कैंपसाइट वालमुरु नदी तट पर स्थित है। इस नदी से बहने वाली धारा तीन तरफ बहती है। जो वली-सुग्रीव कोंडा को देखती है, जिसे युद्ध माना जाता है। maredumilli forest को पर्यटन स्थान के विकास के रूप में मारेदुमिली ने सन 1914 में वन विश्राम गृह का निर्माण किया था। वन विश्राम की रीत सभी सुविधाओं के साथ मारेदुमिली गांव में है। विश्राम गिरी का नाम अभयरण्य वन विश्राम गृह है। पर्यटकों के लिए यहां पर करने के लिए बहुत ही सुंदर उपलब्ध कराई गई है।

maredumilli resorts | मारेडुमिली रिसॉर्ट्स

Best 1 maredumilli forest & waterfalls in AP यहां पर घूमने वाले पर्यटकों के लिए बहुत ही सुंदर व्यवस्थाएं भी है। यहां पर बहुत सारी होटल रिजॉर्ट भी है जो आप रात के समय में यहां पर रुक सकते हैं इसे इस रिपोर्ट में रहने के साथ-साथ खाने पीने की अच्छी सुविधाएं दी गई है और इसकी के बाहर आप बैठ के सुंदर हवाई की आनंद ले सकते हैं यदि आप पूर्वी गोदावरी घूमने आते हैं तो एक बार मारेदुमिली का भ्रमण जरूर करें। यहां पर पर्यटक हो बहुत ही आनंद से घूमते हैं। और बोल फोटोग्राफी भी करते हैं। इस रिपोर्ट में रहने खाने के साथ-साथ मस्तियां भी कर सकते हैं। इसके आसपास बहुत सुंदर सुंदर रिजॉर्ट, होटल है जोकि आपको नीचे दिया गया है।

  • Birds Nest Resorts
  • Papikondalu Bamboo Hut Resorts
  • Wood Resort
  • Green Island Resorts
  • Sk Riviera Resort
  • Ratnagiri Resorts
  • Surya’s Family Resort
  • Vana Vihari Resorts
  • Jungle Star Eco Camp
  • Aranya Eco Resorts

maredumilli waterfalls | मारेडुमिली जलप्रपात

maredumilli water falls
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maredumilli water falls आंध्र प्रदेश राज्य के सभी जिले में रामपाचोडावरम गांव से लगभग 4 किलोमीटर दूर और मारेदुमिली से लगभग 29 किलोमीटर दूरी परी स्थित है। यह धरना गोदावरी जिले के रम्पा झरना एक आश्चर्यजनक धरना है। यह स्थान maredumilli में घूमने वाले लोकप्रिय स्थानों में से एक हैं और आंध्र प्रदेश राज्य के सबसे सुंदर झरनों में से एक माना जाता है। इसे रामपचोदवरम जलप्रपात के नाम भी जाना जाता है। यह झरना की ऊंचाई लगभग 50 फीट हैं, और यह 50 फीट की ऊंचाई पर से नीचे गिरती है। maredumilli waterfalls रामपचोदवरम गांव के समिप में ही स्थित है। यह आंध्र प्रदेश राज्य का एक मात्रा तटीय जलप्रपात माना जाता है। यह झरना घने जंगलों के बीच में स्थित है। इस धरने में पर्यटक डुबकी लगाकर स्नान कर सकते हैं। इस जलप्रपात में और बहाव में साल भर पानी रहती है।

घने जंगलों में जलप्रपात तक पहुंचने के लिए आपको जीप के द्वारा पहुंच सकते हैं। घने जंगलों के बीच से गुजरते हुए पर्यटकों को रोमांचक अनुभव सा होता है। सड़क और झरने तक का क्षेत्र का रखरखाव यहां के ग्रामीण के द्वारा किया जाता है प्रवेश द्वार से झरने तक पहुंचने के लिए एक छोटा सा ट्रैक बना हुआ है। चढ़ते समय वह आने वाली जलधारा आपके दाहिने और होंगी और कई छोटे झरने भी होंगे जो छोटे ट्रैक को अधिक आनंददायक बनाते हैं maredumilli waterfalls तक पहुंचने के लिए 20 मिनट की चढ़ाई पर चढ़ने पड़ती है। इस झरने के पास एक छोटा सा मंदिर भी है जिसका नाम श्री नीलकांतेश्वर नाम से जाना जाता है यह मंदिर शिव जी का मंदिर है यहां हर साल शिवरात्रि के दिन एक नृत्य उत्सव का आयोजन किया जाता है जहां प्रसिद्ध आदिवासी नृत्य वेला प्रदर्शित किया जाता है इस नृत्य के दौरान नृत्य का द्वारा उपयोग की जाने वाली वेशभूषा बहुत आकर्षित होता है। rajahmundry to maredumilli | राजमुंदरी से मारेदुमिली की दुरी लगभग 83.7 किलोमिटर हैं।

venkateswara swamy temple | वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर

venkateswara swamy temple
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तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित है। या मंदिर भारत के सबसे प्रसिद्ध तीर्थस्थलों में से एक माना गया है। इस मंदिर के प्रांगण में पर्यटक लाखों की संख्या में दर्शन करने के लिए आते हैं। श्री वेंकटेश्वर मंदिर समुद्र तल से लगभग 3200 फीट ऊंचाई पर तिरुमाला पहाड़ी पर बनाई गई है। यह श्री वेंकटेश्वर मंदिर यहां के लिए सबसे महत्वपूर्ण पर्यटकों के लिए बहुत आकर्षित मंदिर है। यह मंदिर तमिल में रहने वाले वासी शुरुआती एक संगम साहित्य में तिरुपति को त्रिवेंगदम कहते है। यह मंदिर तिरुपति के इतिहास को लेकर इतिहासकारों में मतभेद माना गया हैं। लेकिन यह स्पष्ट है कि 5वीं शताब्दी तकिया प्रमुख धर्म केंद्र के रूप में स्थापित हुआ था। यहां के लोगों का मानना है कि चोल, होयसल और विजयनगर के राजाओं का आर्थिक रूप से इस मंदिर के निर्माण करने में खास योगदान दिए थे।

वेंकटेश्वर जी को ही बालाजी कहां जाता है। वेंकटेश्वर भगवान विष्णु का ही अवतार है। श्री वेंकटेश्वर मंदिर सप्तगिरि की सातवीं पहाड़ी पर स्थित है जो वेंकटाद्री नाम से प्रसिद्ध माना जाता है। वैकुंठ मंदिर एकादशी के अवसर पर बहुत पर्यटक यहां भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन के लिए आते हैं यहां पर आने के बाद उनके सभी किये हुअे पाप धुल जाते हैं। और भक्त की कामना भी पूरी होती है, यहां पर आने से भक्तजन को पश्चात व्यक्ति को जन्म-मृत्यु के बंधन से मुफ्त मिलती है। इस मंदिर के प्रांगण में एक लाख से भी अधिक भक्तजन भगवान की दर्शन के लिए आते हैं भक्तों की लंबी कतार को देखकर सहज की इस मंदिर की प्रसिद्धि का हनुमान लगाया जाता है। इस मंदिर के प्रांगण में अलग-अलग से मंदिर मौजूद है।  इस मंदिर में आने वाले प्रत्येक भक्त को सबसे बड़ी इच्छा भगवान वैंकटेश्वर के दर्शन करने लिए होती है।

kalyana venkateswara temple, srinivasamangapuram | कल्याण वेंकटेश्वर मंदिर, श्रीनिवासमंगपुरम

तिरुमाला मंदिर के ही निकट में, sri kalyana venkateswara swamy temple | श्री कल्याण वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर को पवित्र माना जाता है। जो पर्यटक तिरुमाला जाने में असमर्थ हैं, वे अपनी इच्छा पूरी करने के लिए भगवान श्री कल्याण वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन अवश्य कर सकते हैं। जैसा कि नाम से संकेत मिलता है, यह मंदिर नवविवाहित जोड़ों के लिए महत्व रखता है। नववरवधू इस मंदिर में सबसे पहले प्रार्थना करते हैं, क्योंकि यह वह स्थान है जहां भगवान श्री कल्याण वेंकटेश्वर स्वामी देवी पद्मावती देवी के साथ उनकी शादी के ठीक बाद छह महीने तक रहे थे। kalyana venkateswara temple | श्री कल्याण वेंकटेश्वर स्वामी का प्राचीन मंदिर चित्तूर जिले के पश्चिम तिरुपति से लगभग 12 किलोमिट दूर श्रीनिवास मंगपुरम में स्थित है।

vykuntapuram venkateswara temple sangareddy Location :-

यह तेलंगाना  राज्य में मेडक जिला कें व्यकुंतापुरम गांव में स्थित हैं। pin cod- 502001

jamalapuram venkateswara swamy temple | जमालपुरम वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर

यह श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर तेलंगाना के खम्मम जिले में एर्रुपलेम के नजदीक जमालपुरम गांव में स्थित है। इस मंदिर के प्रागन में पीठासीन देवता भगवान बालाजी का स्वरूप हैं। इसे स्वयंभू भगवान के नाम से भी जाना जाता है, जो की भगवान इस स्थान पर स्वयं प्रकट हुए थे, यहां के लोगो का मानना हैं। यहां पर बहुत वर्ष पहले जबाली महर्षि नाम के ऋषि ने यहां सुचि गुट्टा नामक स्थान पर तपस्या कीया था। यहां के लोगो को विश्वास हैं। कि भगवान वेंकटेश्वर ने जबाली महर्षि को आशीर्वाद दिया था। भगवान के महिमा के प्रतीत यहां पर मंदिर का निर्माण हुआ था। इस मंदिर को तेलंगाना चिन्ना तिरुपति के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर के प्रागन में और भी अलग-अलग भगवान के मंदिर मोजूद हैं। जैसें पद्मावती अम्मावरु, श्री अलामेलु अम्मावारु, भगवान शिव, भगवान गणेश, भगवान अयप्पा और भगवान हनुमान के उप-मंदिर भी हैं।

sri prasanna venkateswara swamy temple | श्री प्रसन्ना वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर

venkateswara temple
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श्री प्रसन्ना वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर भारत के आंध्र प्रदेश राज्य के चित्तूर जिले में तिरुपति से लगभग 16 किलोमिटर दूर अप्पलायगुंटा में स्थित हैं। इस मंदिर में भगवान वैष्णव मंदिर की परिक्रमा है। इस मंदिर में भगवान वेंकटेश्वर जी का समर्पित है, जिसे प्रसन्ना वेंकटेश्वर कहा जाता है। वेंकटेश्वर मंदिरों के विपरीत, पीठासीन देवता का दाहिना हाथ अभय मुद्रा में होता है।

निर्ष्कश

तो दोस्त आज हमने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्य के जिले के अंतर्गत खास मंदिर बारे में जाने कि यहां पर घूमने के लिए कौन-कौन सी मंदिर प्रसिद्ध मानी जाती है, और इन सभी मंदिर में किस के माध्यम से जा सकते हैं और इसके निकट कितने होटल रेस्टोरेंट मौजूद है, और इन सभी जगहों पर किस किस समय में जाना चाहिए और यहां का वातावरण कैसा रहता है। मंदिर कितने समय से कितने समय तक खुली रहती है, इन सभी के बारे में आज इस पोस्ट के माध्यम से जाने हैं इसी तरह से नए-नए जगहों के बारे में लाता रहता हूं यदि आपको इससे जुड़ी और नई से जगहों के बारे में जानना चाहते हैं नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके देख सकते हैं। यदि आप सभी को यह पोस्ट अच्छी लगी हो तो कमेंट बॉक्स में कमेंट करके जरूर बताएं धन्यवाद

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