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आंध्र प्रदेश राज्य  के जिला के अंतर्गत खास मंदिर anjaneya swamy temple, sri kalyana venkateswara swamy temple, how to get tickets for rahu ketu pooja at, hotels near srikalahasti temple

हेलो दोस्त कैसे हैं आप सभी उम्मीद करता हूं कि आप लोग अच्छे ही होंगे दोस्त पिछले पोस्ट में हम आंध्र प्रदेश  के west godavari जिले के घूमने वाले स्थल के बारे में बताया था। आज की इस पोस्ट में हम आंध्र प्रदेश राज्य  के जिला के अंतर्गत खास मंदिर बारे में बताएंगे कि यहां पर घूमने वाले पर्यटक किस तरह से जाते हैं दर्शन करने के लिए खूबसूरत जगह पर। दोस्त आज के पोस्ट में हम anjaneya swamy temple, sri kalyana venkateswara swamy temple, how to get tickets for rahu ketu pooja at, hotels near srikalahasti temple के बारे में जानकारी आप सभी को दी जाएगी तो आप सभी कृपया बने रहे इस पोस्ट के साथ और इंटरेस्टिंग जगह का आनंद लीजिए। तो दोस्त चलते हैं इस पोस्ट की ओर।

paritala anjaneya temple | परिताला अंजनेय मंदिर

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परिताला अंजनेय मंदिर आंध्र प्रदेश में विजयवाड़ा से लगभग 30 किमी दूर सरक मार्ग  NH-9 पर परीताला गाँव में स्थित है। विजयवाड़ा में भगवान हनुमान की सबसे ऊंची मूर्तियों में से एक है। यह मंदिर हैदराबाद हाईवे पर विजयवाड़ा से लगभग 30 किलोमिट दूर स्थित है।

Best 10. Place AP paritala anjaneya temple अंजनी मंदिर आंध्र प्रदेश राज्य के विजयवाड़ा शहर में प्रसिद्ध मंदिर है। इस मंदिर में भगवान anjaneya temple जी की प्रतिमा रहती है। जब हम आज हनुमान जी की चर्चा कर दिए हैं तो चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं। हनुमान जी को सहस शक्ति स्वामी भक्ति और निस्वार्थ सेवा के लिए जाना जाता है। हनुमान जी को महाकाव्य रामायण में श्री राम भगवान का महान भक्त के रूप में भगवान राम जी के साथ दिए थे। anjaneya temple हनुमान जी के पूजा करने से मन की शांति प्राप्ति होती है, anjaneya temple कुछ मांगने से उसके मनोकामनाएं पूरी होती है। शिव पुराण के अनुसार हनुमान जी को शिवजी के 11 वें अवतार हैं। और हनुमान जी को शिवजी का रूद्रावतार माना जाता हैं। हनुमान जी का जन्म ज्योतिषियों की गणना के अनुसार, हनुमान जी का जन्म 1 करोड़ 85 लाख 58 हजार 112 वर्ष पहले चैत्र पूर्णिमा को मंगलवार के दिन चित्र नक्शा व मेष लग्न के योग में सुबह 6:03 बजे हुआ था। हनुमान जी के जन्म को लेकर दुनिया में भ्रम की स्थिति है।

anjaneya temple आंध्र प्रदेश विजयवाड़ा शहर से 30 किलोमीटर दूर  हैं। anjaneya temple 2003 में स्थापित की गई थी, और इसकी ऊंचाई 135 फीट की बनाई गई मूर्ति है। anjaneya temple पर हनुमान जी को मंगलवार और शनिवार को बहुत धूमधाम से संध्या के समय पूजा की जाती ।है यहां पर शाम के समय में बहुत भक्तजन की भीड़ लगती है। भगवान हनुमान जी की मूर्ति देश के हरे गांव शहर में चौराहे पर बनाए गए हैं। इसकी पूजा सभी जगह की जाती है। हनुमान जी को पुकारने से डर भाग जाती हैं, इसीलिए सभी लोग कोई भी काम करने से पहले एक बार हनुमान जी का नारा जरूर लगाते हैं क्योंकि, उसका काम बहुत ही आसानी से हो जाता है। anjaneya temple यदि आप कहीं रात के समय में सुनसान जगह पर किसी कारण बस रुक जाते हैं तो आपको मन में डर लगने लगता है और उस समय हनुमान जी के चालीसा बढ़ने लगते हैं, चालीसा पढ़ने से सामने का डर भाग जाता हैं।

karya siddhi anjaneya temple | कार्य सिद्धि अंजनेय मंदिर

hotels near srikalahasti temple
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हनुमान जी के माता पिता हनुमान जी को अंजनिया और केसरीनंदन नाम से पुकारता था। केसरीजी को कपिराज कहा जाता था, क्योंकि हनुमान जी वानरों की जाति से थे। केसरीजी कपी क्षेत्र के राजा थे। कपी अस्थान गुरु साम्राज्य का एक प्रमुख हिस्सा था। भगवान हनुमान जी का जन्म स्थान कैथल में हुआ था। क्योंकि हरियाणा का कैथल पहले करनाल जिले का भाग था। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हनुमान जी का जन्म झारखंड राज्य के गुमला जिले के आंजन गांव की एक गुफा में हुआ था। यहां के लोग विश्वास के साथ यहां की जनजाति भी बड़ी संख्या में भक्त और श्रद्धा के साथ माता अंजनी और भगवान महावीर की पूजा करती है, anjaneya temple  यहां बालक पवन सूत हनुमान को माता अंजनी की गोद में लिए हुए हैं, जो कि एक पत्थर की प्राचीन मूर्ति में स्थापित है।

gali anjaneya temple | गली अंजनेय मंदिर

gali anjaneya temple
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anjaneya temple | गली अंजनेय मंदिर बेंगलुरु के उपनगर मैसूर रोड ब्यातरयानपुरा में स्थित है। anjaneya swamy temple बेंगलुरु के सबसे पुराने और पवित्र मंदिर में से एक है। भगवान हनुमान जी के महान भक्त चन्नापट्टन के संत व्यासराय भगवान हनुमानजी के लिए लगभग 732 मंदिरों का निर्माण किया है। यहां के लोगों का मानना है कि श्री व्यासराय ने वर्ष 1425 में दो नदियों वृषभावती और पश्चिमवाहिनी अभिसरण पर इस मंदिर का स्थापना किया था । यहां के लोगों का मानना है कि एक बार भगवान हनुमान जी की मूर्ति गली के लिए खुलती है इसीलिए इनका नाम गली अंजनेय है (कन्नड़ भाषा में गली का अर्थ वायु कहते हैं) इसीलिए इसका नाम गली अंजनेय है। anjaneya temple गली अंजनी मंदिर के प्रवेश द्वार पर लंबा मीनार देख सकते हैं और भगवान गणेश और वेणुगोपाल स्वामी के दर्शन कर सकते हैं। जब आप प्रवेश द्वार से गुजरते है तो आप श्री राम परिवार और श्री सत्यनारायण को देख सकते हैं। और यह सभी भगवानों की पूजा आराधना भी कर सकते हैं।

srikalahasti temple | श्रीकालहस्ती मंदिर

sri kalyana venkateswara swamy temple
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श्रीकालाहस्ती आंध्र प्रदेश राज्य में चित्तूर जिले के तिरुपति शहर में स्थित है। (srikalahasti pincode- 517644) इस मंदिर को कालहस्ती के नाम से भी जाना जाता है, पेन्नार नदी की शाखा स्वर्णमुखी नदी के तट पर बसा है। श्रीकालाहस्ती को भगवान शिव का ही रूप है। भगवान शिव का मंदिर हिंदुओं के धर्म के लिए अत्यधिक महत्व है। इसी वजह से भगवान शिव के भक्त उनकी पूजा करने और आशीर्वाद लेने के लिए मंदिर में आते हैं। दक्षिण भारत में स्थित भगवान शिव की तीर्थ स्थानों में से इस स्थान का बहुत ही ज्यादा महत्व है। यह तीर्थ नदी के तट से पूर्वत दलित तक फैली हुई है। इस मंदिर को लगभग 2000 वर्ष से इसे दक्षिण कैलाश या दक्षिण काशी के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर के नजदीक से तिरुमलय की पहाड़ी दिखाई देती हैं । इस मंदिर का शिखर विमान सफेद रंग में बना है। श्रीकालाहस्ती मंदिर मान्यता के अनुसार 3 पशुओं के नाम पर रखा गया है। श्री का अर्थ मकड़ी, काल का अर्थ सर्प तथा हस्ती का अर्थ हाथी इन सभी पशुओं के नाम पर रखा गया है। यह तीनों पशुओं यहां पर शिव की बारात ना करके मुक्त हुए थे। एक जनुश्रुति के अनुसार से मकरी ने शिवलिंग पर तपस्या करते हुए जाग बनाया था और सांप ने लिंग से लिपट कर पूजा आराधना की ओर हाथी ने शिवलिंग को जल्द से स्नान करवाया था।

श्रीकालाहस्ती मंदिर का निर्माण पांचवी शताब्दी में पल्लव काल के दौरान किया गया था। anjaneya temple मंदिर में भगवान शिव की पूजा करने के लिए जाना जाता है। श्री कालाहस्ती मंदिर तथ्य आयु और अन्य चार्ट पंचतत्व के लिए प्रसिद्ध है जो चिदंबरम (अंतरिक्ष), कांचीपुरम (पृथ्वी), तिरुवन्नामलाई (अग्नि) हैं। srikalahasti temple timings | श्रीकालहस्ती मंदिर का समय सुबह 6:00 बजें से रात के 9:00 तक खुली रहती हैं। श्रीकालाहस्ती के आसपास कई धार्मिक स्थल भी हैं, इन सभी धार्मिक स्थल में पर्यटक घुमने के लिए जाते हैं। और दर्शन भी कर सकते हैं। धार्मिक स्थल का नाम विश्वनाथ मंदिर, कणप्पा मंदिर, मणिकएिाका मंदिर, सूर्यनारायण मंदिर, कृष्णदेवार्या मंडप, श्री सुकब्रह्माश्रमम, वैय्यालिंगाकोण पर्वत पर स्थित दुर्गम मंदिर और दक्षिण काली मंदिर मुख्य हैं। यहां आने वाले भक्त इन सभी मंदिरों के दर्शन किए बगैर यहां से वापस नहीं लौटते। जब आप लोग यहां पर घुमने के लिए आते हैं तो इन सभी धार्मिक स्थल जरूर घुमें ।

श्रीकालहस्ती मंदिर में पूजा का समय और शुल्क | Worship Timings and Fees for Worship at Srikalahasti Temple

srikalahasti temple open

  • मंदिर अभिषेक- सुबह 6:00 बजे, सुबह 7:00 बजे, सुबह 10:00 बजे, और शाम 5:00 बजे
  • सोमवार से रविवार – 600 रूपए
  • अर्चना – 25 रूपए
  • सुब्रत सेवा – 50 रूपए
  • त्रिसति अर्चना – 125 रूपए
  • गोमाता पूजा – 50 रूपए
  • सहस्रनामार्चन – 200 रूपए

srikalahasti rahu ketu pooja | श्रीकालहस्ती राहु केतु पूजा

श्रीकालहस्ती में पूजा करने वाले पुजारियों द्वारा दिए गए निर्देशों का अवश्य ही पालन करें। सूर्य ग्रहण या चंद्र ग्रहण के दौरान राहु केतु पूजा बहुत प्रभावी होती है और ऐसा माना जाता है कि इस शुभ दिन पर राहु दोष या केतु दोष का स्थायी समाधान प्राप्त होता है।

srikalahasti rahu ketu pooja timings | श्रीकालहस्ती राहु केतु पूजा का समय

  • राहु केतु पूजा – सुबह 6:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक, सोमवार से रविवार – 500 रूपए
  • काल सर्प निर्वाण पूजा – सुबह 6:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक, सोमवार से रविवार तक – 750 रूपए
  • असीरचना राहु केतु काल सर्प निर्वाण पूजा – सुबह 6:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक – 1500 रूपए
  • विशेष असेवराचना राहु केतु काल सर्प निर्वाण पूजा – सुबह 6:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक – 2500 रूपए

श्रीकालाहस्ती मंदिर की यात्रा का सबसे अच्छा समय पर्यटक के लिए नवंबर से फरवरी के बीच का मौसम बहुत ही अच्छा होता है, srikalahasti weather | श्रीकालहस्ती मौसम दरअसल, सर्दियों के समय आप मंदिर के साथ-साथ इसके आसपास की पर्यटन स्थल भी घूम सकते हैं।

Nearby city or temple distance to Srikalahasti Temple | श्रीकालाहस्ती मंदिर के आस-पास के शहर या मंदिर कि दुरी

  • tirupati to srikalahasti distance- 37.3 km
  • hyderabad to srikalahasti- 549.8 km

hotels near srikalahasti temple | श्रीकालहस्ती मंदिर के पास होटल

srikalahasti temple timings
srikalahasti temple timings
  • Ssr Hotel
  • Hotel MGM Grand
  • KPR Residency
  • Shubhanga Residency
  • Hotel Jayaram Residency
  • BRS Residency
  • Hotel Prakash Park
  • OYO 28750 Ramas Residency
  • Hotel KSR Grand
  • OYO 81127 Collection O Hotel A1 Grand
  • Sri Kanya Residency
  • Ramee Guestline Hotel – Tirupati

निर्ष्कश

तो दोस्त आज हमने आंध्र प्रदेश राज्य के जिले के अंतर्गत खास मंदिर बारे में जाने कि यहां पर घूमने के लिए कौन-कौन सी मंदिर प्रसिद्ध मानी जाती है, और इन सभी मंदिर में किस के माध्यम से जा सकते हैं और इसके निकट कितने होटल रेस्टोरेंट मौजूद है, और इन सभी जगहों पर किस किस समय में जाना चाहिए और यहां का वातावरण कैसा रहता है। anjaneya temple मंदिर कितने समय से कितने समय तक खुली रहती है, और यहां पर पर्यटक किस वजह से आते हैं और पर्यटक को इस जगह का किस तरह से आनंद ले सकता है इन सभी के बारे में आज इस पोस्ट के माध्यम से जाने हैं इसी तरह से नए-नए जगहों के बारे में लाता रहता हूं यदि आपको इससे जुड़ी और नई से जगहों के बारे में जानना चाहते हैं नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके देख सकते हैं। यदि आप सभी को यह पोस्ट अच्छी लगी हो तो कमेंट बॉक्स में कमेंट करके जरूर बताएं धन्यवाद

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