mangalagiri narasimha swamy temple

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अध्र प्रदेश  के गुंटूर जिले इतिहास हिंदी में जानेंगे और यहां के खुबसुरत जगह कोंडावीदु किला, मंगलगिरि मंदिर,कोंडावीदु एक्सप्रेस, mangalagiri temple history

हेलो दोस्त कैसे हैं आप सभी उम्मीद करता हूं कि आप लोग अच्छे ही होंगे दोस्त पिछले पोस्ट में हम अध्र प्रदेश  के कृष्ण  जिले के घूमने वाले स्थल के बारे में बताया था। आज की इस पोस्ट में हम अध्र प्रदेश  के गुंटूर जिले के बारे में बताएंगे कि यहां पर घूमने वाले जगह के बारे में बात करेंगे जो कि देखने में बहुत ही खूबसूरत जगह है। दोस्त आज के पोस्ट में हम kondaveedu fort, kondaveedu fort images, kondaveedu express seat availability, restaurants near me, mangalagiri temple के बारे में जानकारी आप सभी को दी जाएगी तो आप सभी कृपया बने रहे इस पोस्ट के साथ और इंटरेस्टिंग जगह का आनंद लीजिए। तो दोस्त चलते हैं इस पोस्ट की ओर।

guntur history | गुंटूर इतिहास

guntur city
guntur city

guntur (गुंटूर) जिला आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध जिलों में से एक है यह जिला उत्तरी पूर्वी हिस्से के कृष्ण नदी के किनारे स्थित है। (गुंटूर शहर) guntur city लगभग 11377 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैली हुई है। और इसके 2011 के जनगणना के अनुसार इस की जनसंख्या 44,05,521 हैं। गुंटूर की स्थापना फौरन शासकों शासकों के द्वारा 18 वीं सदी के माध्यमिक में की गई थी लेकिन 1778 ईस्वी में अंग्रेज ने इस स्थान पर अधिकार बना लिया था। लेकिन 1788 ईस्वी में अंग्रेजों ने पूरी तरह से गुंटूर में अपना अधिकार बना लिया था। और 18 सो 66 में यहां नगर पालिका का गठन किया गया था गुंटूर जिला अपने धर्म और ऐतिहासिक स्थलों तथा यहां के चटपटे आचार के लिए दुनिया भर में जाने जाते हैं। यहां के उद्योग रेलवे जंक्शन और व्यापारिक केंद्र गुंटूर की अर्थव्यवस्था है। गुंटूर में पटसन (जूट) तंबाकू और चावल की खेती पर निर्भर करते है, गुंटूर में एक कृषि शोध केंद्र भी है। यहां के आसपास के क्षेत्रों में भी ज्वार, मिर्ची, मूंगफली और तंबाकू की खेती की जाती है। गुंटूर जिले में बहुत विश्वविद्यालय भी है जिनमें बापटलाल इंजीनियरिंग कॉलेज, के. एल. कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग, आर. वी. आर. कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग, विज्ञान इंजीनियरिंग कॉलेज, एम. बी. टी. एस. राजकीय पॉलिटेक्निक, राजकीय महिला पॉलिटेक्निक, गुंटूर मेडिकल कॉलेज, महात्मा गांधी कॉलेज फ़ॉर पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सेज़ और आंध्र विश्वविद्यालय से संबद्ध कई महाविद्यालय हैं। गुंटूर पिनकोड | guntur pincode– 522002

restaurants near me

  • Hotel Subhani
  • KFC
  • Swagruha Foods
  • Sri Udaya Shankar Restaurant
  • The Shawarma Co
  • Flameingoes Restaurant
  • Garlic Multi Cuisine Restaurant
  • Ocean Spice
  • Thechocolateroom Guntur
  • Peppers
  • Brundavan Restaurant & Bar
  • Cousin’s cusine
  • Little Spice Multi Cuisine Family Restaurant
  • Icy Spicy Restaurant
  • Chicken Hut
  • Tomatoes Restaurant
  • Hotel Kartikeya Grande
  • Chillies Dhaba

गुंटूर मौसम | guntur weather

गुंटूर में मौसम | weather in Guntur गर्मी के समय में यहां पर बहुत ही ज्यादा गर्मी होती है यहां गर्मियों फरवरी के अंत से जून के अंत तक रहती है गर्मियों के दौरान यहां का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है अप्रैल और मई में सबसे भयानक गर्मी पड़ती है अभी आप लोग गर्मी के महीने में गुंटूर की यात्रा करना चाहते हैं हमारे सलाह के अनुसार गर्मी के महीने में यात्रा करना ठीक नहीं है।

मानसून- यहां पर मानसून जुलाई महीनों में प्रवेश करती है और सितंबर के महीने तक रहती है। मानसून महीने में गुंटूर की तापमान | guntur temperature 45 डिग्री सेल्सियस तक रहती है। गुंटूर में बारिश के दौरान सारा दिन हल्की फुहारा बारिश होते रहती है।

सर्दी- गुंटूर में ठंड का मौसम दिसंबर से फरवरी तक रहता है और जनवरी के महीने में काफी ठंड रहती है ठंड के महीने में यहां का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस तक रहता है यहां रात के समय में काफी ठंड रहती है।

यदि आप सभी गुंटूर की यात्रा करना चाहते हैं तो आपको घूमने के लिए सबसे अच्छा समय अक्टूबर-नवंबर दिसंबर जनवरी और फरवरी के दौरान घूम सकते हैं इन महीनों के दौरान मौसम में ठंडा पानी रहता है और हल्की गुनगुनी धूप मैं गुंटूर की शेर आसानी से कर सकते हैं इस मौसम में यहां का तापमान थोड़ा कम रहती है यहां पर दिन के अपेक्षा रात में ठंड होती है अजी आप सभी ठंड के समय में घूमने के लिए आते हैं तो आप गर्म कपड़े के साथ घूमने के लिए आए। गुंटूर शहर किसे आने जाने की सुविधा यहां सबसे नजदीकी हवाई अड्डा गन्‍नवरम में है। गुंटूर से गन्‍नवरम हवाई अड्डा की दुरी लगभग 56 किलोमिटर हैं, और यहां के नजदीकी रेलवे स्‍टेशन गुंटूर और विजयवाड़ा में हैं जो सभी प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। और यहां पर आने के लिए सड़क मार्ग से भी आने-जाने की सुविधा है, जो की अलग-अलग शहर से गुंटूर के बस सेवा मिलती रहती हैं। guntur pin code- 522002

  • विजयवाड़ा से गुंटूर की दूरी (vijayawada to guntur distance)- 0 km
  • गुंटूर से हैदराबाद (guntur to Hyderabad)- 305.4 km

kondaveedu fort | कोंडावीदु किला

 kondaveedu fort

kondaveedu ghat road                                  

कोंडाविद किले आंध्र प्रदेश राज्य के गुंटूर जिले से लगभग 13 किलोमीटर दूर किस नदी के दक्षिण और गुंडलाकम्मा नदी के बीच स्थित है। इस किले के अलावा इसके पास में ही  दो किले हैं‌। इस किले का निर्माण प्रोलय रामा रेड्डी ने करवाया था। इस किले के निर्माण के बाद रेड्डी राजवंश द्वारा 1328 और 1482 के बीच राजधानी के रूप में इस्तेमाल किया गया था जो पूर्व राजधानी अडंकी से स्थानांतरित कर रहा था। अडंकी गुंडलकम्मा नदी के तट पर स्थित है। अडंकी प्रकाशम जिले के मंडल है। इस किले की लड़ाई में कुली कुतुब शाह ने 1579 में कब्जा कर लिया था। 1752 में यह किला फ्रांसिस उपनिवेशवादियों के नियंत्रण में आ गया था और यह ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के पास चला गया जिसने 1788 में किले का नियंत्रण प्राप्त कर लिया लेकिन 19वीं शताब्दी की शुरुआत में गुंटूर के पक्ष मैं छोड़ दिया। थाइस किले की औसत ऊंचाई 460 मीटर है। कोंडावीडु और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कस्टर्ड सेव के पेड़ हैं। kondaveedu ghat road (कोंडावीदु घाट रोड) कुछ साल पहले एक घाट सड़क बनने से लोगों के लिए किले तक जाना संभव हो गया था। लेकिन कोई भी पहाड़ी की चढ़ाई पर चढने के लिए शहमात नहीं था। पर्यट किस तरह से कोंडावीडु किला तक पहुंच सकते हैं। भारत के सभी भागों से सड़क और रेल मार्ग द्वारा गुंटूर तक आसानी से पहुँचा सकते है। और निकटतम में गन्नवरम हवाई अड्डा है , जो गुंटूर शहर से 58 किलोमीटर दूर है। गुंटूर पहुंचने के बाद किसी को गुंटूर-चिलाकालुरिपेट साधारण बस में चढ़ना चाहिए और भोयापलेम-पिरंगीपुरम रोड पर उतरना चाहिए और किले के लिए एक ऑटो रिक्शा किराए पर लेना चाहिए।

kondaveedu express | कोंडावीदु एक्सप्रेस

kondaveedu express running status
kondaveedu express running status

kondaveedu express running status | कोंडावीदु एक्सप्रेस चलने की स्थिति कोंडावीदु kondaveedu एक्सप्रेस यशवंतपुर जंक्शन स्टेशन से खुलती हैं छोटे बड़े सभी स्टेशन पर रूकते हुऐ, मछलीपट्टनम स्टेशन अंत में जा कर रूकते हैं। कोंडावीदु एक्सप्रेस के माध्यम से आप गुंटुर जंक्शन पहुंच सकते हैं और यहां से बस के माध्य में कोंडावीदु किला जा सकते हैं। kondaveedu express running days | कोंडावीदु एक्सप्रेस के चलने के दिन सप्ता में तीद दिन चलती हैं बुधवार, गुरूवार, शनिवार को चलती हैं। गुंटूर जंक्शन के लिए प्रतिदिन स्पेशल ट्रेन चलती है जिसका नाम है  prasanti Express special यह ट्रेन गुंटूर जंक्शन सुबह 4:10 बजें पहुंचती हैं, और kondaveedu express vijayawada to bangalore |कोंडावीडु एक्सप्रेस विजयवाड़ा से बेंगलुरु को शाम 5:30 बजे खुलती है और गुंटूर 6:30 बजे शाम में पहुंचा देती है। iskcon kondaveedu आंध्र प्रदेश सरकार ने इस्कॉन को पहाड़ी की चोटी पर एक और 150 एकड़ विकसित करने का वादा किया था। kondaveedu iskcon temple |कोंडावीदु इस्कॉन मंदिर भी हैं जो देखने में बहुत ही खुबसुरत हैं और पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करती है। guntur to kondaveedu distance |गुंटूर से कोंडावीदु दूरी लगभग 28.6 किलोमिटर हैं।

mangalagiri temple history | मंगलगिरि मंदिर इतिहास

mangalagiri narasimha swamy temple
mangalagiri narasimha swamy temple

लक्ष्मी नरसिम्हा मंदिर एक वैष्णव मंदिर है यह मंदिर आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के मंगलगिरी में शुभ पहाड़ी के तल पर स्थित है। यहां भगवान विष्णु के आठवें अवतार हैं। जो कि लक्ष्मी नरसिमा के नाम से जाना जाते हैं। यह पहाड़ी के निचले भाग में स्थित है। यह तीन भाग में स्थित है। लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर गुंटूर शहर में सबसे प्रसिद्ध माना जाता है। जो कि भगवान नरसिम्हा आधा मनुष्य का शरीर और आधा शेर का शरीर में समर्पित है। mangalagiri temple | मंगलगिरि मंदिर में आने वाले भक्तों अपने-अपने घर से छोटे बोतल में पानी के रूप में प्रसाद लाते हैं जिसे लक्ष्मी नरसिंहा जी को मुख्य के द्वारा पिलाते हैं मूर्ति को जितनी भी मात्रा में पानी पिलाया जाता है वह उसमें से आधा ही शिकार करता है और आधा वापस आ जाता है। भक्त उस पानी को प्रसाद के रूप में स्वीकार करता है। इस मंदिर में अगस्त और सितंबर के महीने के दौरान बहुत ही सुंदर वार्षिक उत्सव मनाया जाता है। उत्सव के दौरान यहां पर काफी ज्यादा पर्यटकों का भीड़ लगता है यहां पर अलग-अलग जगह से पर्यटक पूजा करने के लिए आते हैं। mangalagiri temple timings मंगलगिरि मंदिर का समय सुबह 7:00 बजें से शाम 3:30 बजें तक खुलि रहती हैं। vijayawada to mangalagiri temple distance | विजयवाड़ा से मंगलगिरि मंदिर की दूरी लगभग 16.7 किलोमिटर हैं। mangalagiri panakala swamy temple timings7:00 am – 3:30 pm

निष्कर्ष

तो दोस्त आज हमने अध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के इतिहास के बारे में बताएं और इस जिले से जुड़े उन सभी जगहों के बारे में बताए हैं जो कि इस जिला को एक सुंदरता के रूप में जाना जाता है और यहां के वातावरण के बारे में भी बताए हैं  इस जिले में सबसे ज्यादा घुमने का कोन सा जगह हैं  इन सभी के बारे में हम आज के इस पोस्ट में जाने हैं जैसे guntur pincode, nagarjunakonda museum photos, panakala swamy temple mangalagiri, kondaveedu express running status इन सभी के बारे में हम बहुत ही अच्छी तरह से जान लिए हैं यदि आप सभी को घूमने जाना है तो आप कैसे जाएंगे और कौन से समय में जाएंगे इन सब का अंदाज आ ही गया होगा तो दोस्त यदि आपको यह पोस्ट अच्छी लगी हो तो आप हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट करके बता सकते हैं। धन्यवाद

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