sri durga malleswara swamy

Best 10. place krishna district temple & barrage

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आंध्र प्रदेश राज्य  में कृष्णा जिला के अंतर्गत खूबसूत जगह  श्री दुर्गा मल्लेश्वर स्वामी | durga malleswara swamy, prakasam barrage history | प्रकाशम बांध इतिहास,kolleru bird sanctuary | कोल्लेरू पक्षी अभयारण्य

 हेलो दोस्त कैसे हैं आप सभी उम्मीद करता हूं कि आप लोग अच्छे ही होंगे दोस्त पिछले पोस्ट में हम अरुणाचल प्रदेश  के तवांग  जिले के घूमने वाले स्थल के बारे में बताया था। आज की इस पोस्ट में हम आंध्र प्रदेश  के krishna जिले के बारे में बताएंगे कि यहां पर घूमने वाले जगह के बारे में बात करेंगे जो कि देखने में बहुत ही खूबसूरत जगह है। दोस्त आज के पोस्ट में हम undavalli caves history, sri durga malleswara swamy varla devasthanam, vijayawada, andhra pradesh, bhavani island boat timings  के बारे में जानकारी आप सभी को दी जाएगी तो आप सभी कृपया बने रहे इस पोस्ट के साथ और इंटरेस्टिंग जगह का आनंद लीजिए। तो दोस्त चलते हैं इस पोस्ट की ओर।

 

krishna district | कृष्णा जिला

krishna images
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कृष्ण (Krishna) जिला भारत के आंध्र प्रदेश राज्य में है आंध्र प्रदेश के 9 जिलों में से एक जिला है। krishna जिला जिसका मुख्यालय मछलीपट्टनम मैं था कृष्ण जिला को पहले मछलीपट्टनम नाम से जाना जाता था। बाद में इसका नाम बदलकर 1959 में गुंटूर जिले से कुछ तालुकों मछलीपट्टनम के साथ जोड़कर krishna जिले का नाम दिया गया। इस जिले का नाम भारत के तीसरी सबसे लंबी नदी krishna नदी के नाम पर रखा गया था। krishna जिले के हमसलादेवी गांव के पास बंगाल की खाड़ी में गिरने से पहले आंध्र प्रदेश राज्य से होकर बहती है। कृष्ण जिला का क्षेत्रफल लगभग 3,370 वर्ग मील में फैली हुई है और 2011 की जनगणना के अनुसार इस की संख्या 4,529,009 थी। krishna जिला पूर्व में पश्चिम गोदावरी, दक्षिण में बंगाल की खाड़ी, पश्चिम में गुंटुर और सूर्यापेट जिलों से रा हुआ है। कृष्ण जिला का एक हिस्सा तेलंगाना राज्य के साथ जुड़ा हुआ है। krishna जिला 1859 में राजमुंदरी जिले से अलग कर krishna जिला को बनाया गया था। राजमुंद्री जिले में गुंटूर और पश्चिम गोदावरी जिले भी शामिल थे। 1904 में गुंटुर को krishna से और 1925 में पश्चिम गोदावरी को अलग कर दिया गया था जिसमें वर्तमान किस जिले का निर्माण हुआ था। सम्राट औरंगजेब ने krishna जिला को गोलकुंडा प्रांत में शामिल किया जो आसफ जाह के अधीन रहा था। जिससे निजाम-उल-मुल्क की उपाधि के साथ 1713 ईस्वी मैं दक्कन के सुबेदार या वाइसराय के रूप में नियुक्त किया गया था। गोलकुंडा शहर के प्रांत में पांच नवाबों के आरोप शामिल थे। आरकोट, कडप्पा, कुरनूल, राजमुंदरी इन सभी के नवाब krishna जिले में प्रेरित देश पर शासन किया था। krishna जिले में मंदिर  (temples in krishna district) में अलग-अलग भगवान के मंदीर हैं।  krishna district pin code– 521201

sri durga malleswara swamy
sri durga malleswara swamy

श्री दुर्गा मल्लेश्वर स्वामी (durga malleswara swamy) मंदिर आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा (vijayawada, andhra pradesh) के इंद्रकिलाद्री पर्वत पर माता दुर्गा का एक प्राचीन मंदिर स्थित है यह मंदिर माता कनक दुर्गा को समर्पित करती है। यहां के मान्यताओं के अनुसार कनक दुर्गा मंदिर में माता की प्रतिमा स्वयंभू है। इस मंदिर का 7 शिवलिंग और शक्ति महिलाओं मैं विशेष अलग-अलग स्थान है। दुर्गा मलेश्वर मंदिर में नवरात्रि के दौरान यहां पर बहुत ज्यादा भीड़ में लोग दर्शन करने आते हैं और यहां पर खूब धूमधाम से मेला लगाया जाता है और यहां के लोग अलग-अलग प्रकार के दुकान लगाते हैं। यह त्यौहार 9 दिन तक चलता है दशहरा के अवसर पर यहां आयुध पूजा का आयोजन किया जाता है।

इस मंदिर के पीछे बहुत बड़ा प्राचीन रहस्य है जब राक्षसों ने पृथ्वी पर हाहाकार मचा दिया था। इन राक्षसों का वध करने के लिए माता पार्वती ने अलग-अलग रूप धारण किए माता ने कोशिक अवतार में शुभ- निशुंभ राक्षस का वध महिसासुरमर्दिनी अवतार में महिषासुर और दुर्गा के अवतार में दुर्गमसुर का वध किया था। कनक दुर्गा ने अपने एक श्रद्धालु (भक्त) कीलाणु को पर्वत बनने का आदेश दिया था। माता दुर्गा ने कीलाणु से कहा कि वे इस पर्वत पर निवास करेंगी। इसके बाद महिसासुर का वध करते हुए इंद्रकीलाद्री पर्वत पर माँ आठ हाथों में अस्त्र थामे और शेर पर सवार हुए स्थापित हुई। (sri durga malleswara swamy varla devasthanam) इस स्थान के पास के ही एक चट्टान पर ज्योतिर्लिंग के रूप में शिव भी स्थापित हुए हैं। ऐसा माना जाता है कि भगवान ब्रह्मा ने यहाँ शिवजी की बेला के फूलों से उपासना की थी। यही कारण है कि यहाँ पर स्थापित शिव का एक नाम मल्लेश्वर स्वामी पड़ गया। दुर्गा मल्लेश्वर स्वामी मंदिर का समय (durga malleswara swamy temple timings) सुबह 6:00 बजें से रात 8:30 बजें तक खुली रहती हैं।

undavalli caves history | उंडवल्ली गुफाओं का इतिहास

undavalli caves images
undavalli caves images

उंडवल्ली गुफाएं ( undavalli caves ) आंध्र प्रदेश राज्य के गुंटूर जिला में उडवल्ली में स्थित हैं। गुंटूर शहर से लगभग 22 किलोमीटर पूर्व विजयवाड़ा से 6 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम में स्थित है। उडवल्ली के निकट एक पहाड़ी में अनेक प्राचीन गुफाएं मिली है इन गुफाओं का ऐतिहासिक बहुत ही महत्वपूर्ण है। गुंडूर जिला में किस नदी के किनारे स्थित इस गुफा को भिक्खुओ के मठ के रूप में उपयोग मैं लाया जाता था। इस गुफाओं को 4वीं से 5वीं शताब्दी मैं एक पहाड़ी पर ठोस बलुआ पत्थर से बना दिया गया था। इस गुफा के अंदर विष्णु की एक विशाल मूर्ति है। इस गुफा के चारों ओर हरे ग्रामीण इलाकों से गिरे हुए हैं

 

bhavani island | भवानी द्वीप

undavalli caves route map
undavalli caves route map

भगवान द्वीप krishna नदी के तट पर स्थित है 130 एकड़ में फैला हुआ है और यह द्वीप प्रकाशम बांध के ठीक नजदीक में स्थित है। भारत के सबसे बड़ी नदी द्वीपों में से एक माना जाता है। यहां पर कनक दुर्गा मंदिर देवी का निवास स्थान है उसे भगवानी के नाम से भी जाना जाता है इसीलिए इस द्वीप का नाम भगवानी द्वीप रखा गया है यह द्वीप मंदिर बहुत ही सुंदर है। आज यह द्वीप पर्यटन स्थल के रूप में सामने आया है और या स्विमिंग से लेकर वोटिंग तक की सुविधाओं से लैस है। आंध्र प्रदेश के पर्यटन विकास निगम ने इस स्थान को बेहतरीन तरीके से रखरखाव कर रहा है और दुर्गा घाट के वोटिंग की भी सुविधा उपलब्ध कराई गई है साथ ही इस द्वीप पर एडवेंचर स्पोर्ट्स और वॉटर स्पोर्ट्स (bhavani island water sports) की सुविधा भी है। भगवानी द्वीप छुट्टी बिताने का एक आदर्श स्थान है। यदि आप अपने काम से छुट्टी पर हैं तो इस जगह जरूर जाए घूमने के लिए यह जगह बहुत ही शांति और बहुत ही खूबसूरती को प्रदान करती है यहां पर सुबह सॉन्ग घूमने के लिए भी आते हैं। भवानी द्वीप का समय (bhavani island timings) प्रत्येक दिन सप्ताह में सातों दिन 12:00 बजे दिन में खुलती है और रात के 11:59 बंद होती है। भवानी द्वीप नाव का समय (bhavani island boat timings) बहुत ही अच्छा लगता जब नाव पर चढ़ कर सवारी करते हैं। इस समय बहुत ही मोज मस्ती का समय रहता हैं। भवानी द्वीप प्रवेश शुल्क (bhavani island entry fee) भवानी द्वीप में प्रवेश करने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता हैं। विजयवाड़ा से भवानी द्वीप की दूरी (vijayawada to bhavani island distance)– 7.9 km

भवानी द्वीप रिज़ॉर्ट (bhavani island resort) location – Bhavanipuram, Vijayawada – 520012, Opposite Neelima Theatre, Near Bhavani Island & Krishna River (Map),

bhavani island contact number+919848910517, 9848779685, 9000282897, 9700008744, 7670821871

haritha resort bhavani island- HARITHA RESORT,BHAVANI ISLANDVIJAYAWADA (9848779685)

hotels near Bhavani island | भवानी द्वीप के पास होटल

  • Fortune Murali Park
  • Treebo Trend N Square
  • Hotel City Central
  • Oyo 1774 Hotel Keerthi’s Anupama
  • Treebo Trip Sun Square
  • Hotel Park N
  • Hotel Rn Grand
  • Hotel Sri Ram Grand
  • Hotel Ilapuram
  • Continental Park Hotel
  • OYO 9053 Capital Residency
  • Red Fox Hotel, Vijayawada
  • Park Iris Hotels
  • Hotel Royal Benza
  • Lemon Tree Premier, Vijayawada
  • Iroomz Akhil Residency

prakasam barrage history | प्रकाशम बांध इतिहास

prakasam barrage storage capacity
prakasam barrage storage capacity

प्रकाशम बांध (prakasam barrage) krishna और गुंटूर जिले को जोड़ने वाली कृष्ण नदी के तट पर स्थित है। किस नदी 1223 मीटर तक फैली हुई है। यह बांध एक सड़क और कुल के रूप में भी कार्य करता है यह झील पर फैला हुआ है। प्रकाशम बांध से जुड़ी तीन नहरें विजयवाड़ा शहर से होकर गुजरती है। किस नदी पर बांध बनाने का विचार 1798 से शुरू हुआ था। यह कैप्टन बल के के हाथों मैं शुरू हुआ और 1840 और 1841 में कैप्टन बेस्ट और कैप्टन लेख द्वारा संशोधित किया गया था। मेजर कॉटन के समर्थन के बाद ईस्ट इंडिया कंपनी के द्वारा निदेशक मंडल ने 5 जनवरी 1850 को इसे मंजूरी दिया था। और यह बांध 1852 में बनना शुरू हुआ और 1855 मैं बनकर तैयार हो गया था। उस समय इसमें लगभग 1.75 करो रुपया इसे बनाने में खर्च हुई थी इससे 7 लाख एकड़ में सिंचाई होती थी बाद में राज्य सरकार द्वारा एक पुल का निर्माण किया जिसका नाम आंध्र प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री तंगुतुरी प्रकाशम के नाम पर रखा गया था। (इस बंद का निर्माण 1953 में गठित एक राज्य जो बाद में पूर्व हैदराबाद राज्य के तेलुगु भाषी जिलों के विलय के बाद 1956 में आंध्र प्रदेश बन गया) 1957 में गोंद का निर्माण पूरा हुआ। इससे 1.2 मिलियन एकड़ से अधिक भूमि को सिंचाई करने में मदद करता है। यह बांध दक्षिण भारत की पहली प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं में से एक विजयवाड़ा में प्रकाशम बांध अपने मिशन में पूरी तरह से सफल रहा। प्रकाशम बैराज भंडारण क्षमता (prakasam barrage storage capacity) – 6,79,498 एकड़

kolleru bird sanctuary | कोल्लेरू पक्षी अभयारण्य

kolleru lake bird sanctuary tour
kolleru lake bird sanctuary tour

कोल्लेरू बर्ड सेंचुरी आंध्र प्रदेश में (kolleru bird sanctuary in andhra Pradesh) स्थित एक पक्षी अभ्यारण है। कोल्लेरू पक्षी अभयारण्य 673 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है इसकी स्थापना 1999 में वन्यजीव संचालन अधिनियम के अंतर्गत 1972 में की गई थी। कोल्लेरू पक्षी अभयारण्य मुख्य रूप से प्रदेश के 2 जिलों में शामिल है कृष्ण और पश्चिम गोदावरी जिले में और यदि और गोदावरी नदी के बीच एलुरू शहर से 25 किलोमीटर दूर फैली हुई है। इससे पक्षियों को झील से पर्याप्त मात्रा में भोजन मिल जाता है। और इस जगह एक वॉच टावर भी बनाया गया है। जहां जाकर पर्यटक को आसानी से पक्षियों को देख सकते हैं। इस झील के माध्यम से गांव के लोगों को बहुत ही अच्छा रोजगार प्राप्त हो जाता है यहां पर एक वाटर टैंक भी है। (kolleru lake bird sanctuary tour ) यदि आप यहां पर घूमने आते हैं तो घूमने के लिए सबसे अच्छा समय नवंबर से लेकर मार्च तक का होता है इसके दौरान आप काफी अच्छी तरह से पक्षी यहां पर विचरण करते हुए देख सकते हैं। यह पक्षी उद्यान विजयवाड़ा शहर से लगभग 65 किलोमीटर दूर स्थित है। यह पक्षी पर्यटकों का मुख्य आकर्षण है। कोल्लेरू पक्षी अभयारण्य का समय (kolleru bird sanctuary timings) यह बर्ड 24 घंटो खुली रहती हैं।

निष्कर्ष

तो दोस्त आज हमने अध्र प्रदेश के krishna जिले के इतिहास के बारे में बताएं और इस जिले से जुड़े उन सभी जगहों के बारे में बताए हैं जो कि इस जिला को एक सुंदरता के रूप में जाना जाता है और यहां के वातावरण के बारे में भी बताए हैं  इस जिले में सबसे ज्यादा घुमने का कोन सा जगह हैं  इन सभी के बारे में हम आज के इस पोस्ट में जाने हैं जैसे krishn, undavalli caves, bhavani island, prakasam barrage, kolleru bird sanctuary  इन सभी के बारे में हम बहुत ही अच्छी तरह से जान लिए हैं यदि आप सभी को घूमने जाना है तो आप कैसे जाएंगे और कौन से समय में जाएंगे इन सब का अंदाज आ ही गया होगा तो दोस्त यदि आपको यह पोस्ट अच्छी लगी हो तो आप हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट करके बता सकते हैं। धन्यवाद

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