tehri dam dams india

Tehri dam and bhakra & idukki dam facts Best 2021

Tehri and bhakra & idukki dam facts Best 2021

आज हम सबसे से पहले बात करने वाले tehri dam facts  के बारे में जो कि एशिया का सबसे बड़ा बांध हैं यह बांध गंगा की सहायक नदी भागीरथी और भीलांगना नदी के तट पर बने टिहरी बांध भारत का सबसे बड़ा बांध होने का गौरब रखता है। अब चलते हैं tehri dam in hindi  के इतिहास के बारे में जानेंगे|

where is tehri dam located-

tehri dam images
tehri dam images

जिस जगह बांध बना है tehri dam uttarakhand में वह पहले टेहरी शहर कहलाता था। लेकिन जब ये डैम बना इसमें पूर्व आंशिक रूप से 1 लाख लोग प्रभावित हुए इस परिसर को खाली कर के नई जगह पर भेज दिया गया अब यह जगह नई टेहरी के नाम से जाना जाता है नई टिहरी से पुरानी टिहरी की दूरी 16 किलोमीटर है उस समय कुछ लोगों को देहरादून ऋषिकेश और हरिद्वार में भी उस टाइम पर शिफ्ट किया गया था।

tehri dam in which state-

उत्तराखंड राज्य में टिहरी डैम को बनाया गया हैं।

tehri dam dams india की ऊंचाई 260.5 मीटर है एक छोर से दूसरे छोर की लंबाई है 592 मीटर सबसे टॉप पर इसकी चौड़ाई है 25.5 मीटर सबसे नीचे बेस की चौराई 1125 मीटर है। जहां डैम की पानी पूरा भरा होने पर वो 42  Km2 की एरिया कवर करता है। जोकि काफी बड़ा क्षेत्र है इसी विशालता के कारण इस प्रोजेक्ट को राष्ट्र का गांव उपाधि दी गई है। और यह टिहरी डैम अपने टाइप का एशिया का सबसे ऊंचा और वर्ल्ड का चौथा सबसे ऊंचा डैम है जबकि ओवर ऑल रैंकिंग में यह 8वें रैंकिंग पर सबसे ऊंचा डैम कहा जाता है। रैंकिंग समय के साथ बदलता रहता है।

टिहरी डैम रिजर्ववर का नाम स्वामी रामतीर्थ सागर था। कुछ लोग इसे स्थानीय इसे श्री सुमन सागर नाम से जाना जाता है ।

स्वामी रामतीर्थ सागर इसलिए नाम रखा गया है क्योंकि जो टिहरी शहर इस डैम को बनने से डूबा है वहां पर एक स्वामी रामतीर्थ नाम तपस्वी हुआ करते थे इसलिए इसका नाम स्वामी रामतीर्थ सागर रखा गया है। डूबा हुआ टिहरी शहर इतिहास के पन्नों में एक छाप छोड़ कर गया है 1850 मैं सुदर्शन झाओ ने इस शहर को अपनी राजधानी के रूप में बसाया था, तब से यह टिहरी रियायत का एक मुख्य केंद्र बना रहा जिसने इस राजवंश के कई सारे उतार-चढ़ाव को देखा श्री देव सुमन ने भी 84 दिनों की भूख हड़ताल किए थे जोकि उत्तराखंड के इतिहास में सबसे लंबी भूख हड़ताल थी, इसी शहर के टिहरी जेल में की थी। इसके अलावा सुंदरलाल बहुगुणा के चिपको आंदोलन और पांच विरोधी भी आंदोलन का केंद्र बना और फिर डैम बनने पर पूरा शहर आज उस में कहीं विलीन हो गया है इसी नोट पर हम आइए जानते हैं टिहरी डैम के इतिहासिक के बारे में सबसे पहले 1949 में यूपी सरकार इस जगह पर डैम बनाने की योजना बनाई जिसके तहत 1961 तक में सर्वे करवाया। और 1970 में प्रोफेसर जेम्स ब्रून के द्वारा डिजाइन (नक्शा) भी तैयार करवाया फिर 1972 में इस tehri dam project को केंद्र योजना आयोजन मैं स्वीकृति प्रदान कर दी|

जिसके तहत इस प्रोजेक्ट को 1972 में 75 प्रतिशत गवर्नमेंट के द्वारा और 25 प्रतिशत राज्य सरकार के द्वारा लेकिन जायज सी बात है इस डैम से बनने में लाखों लोग प्रभावित होने वाले थें। उनके घर जमीन सब चीज प्रभावित होने वाले थे, इसीलिए उन्होंने और कई पर्यावरण विद्रो  ने उनके प्रोजेक्टों का विरोध करना शुरू कर दिया सबसे पहले आवाज उठाई कमलेंदुमती शाह ने इसके बारे में आपको पता होना चाहिए की वह टिहरी रियासत की राज माता ही नहीं बल्कि उत्तराखंड की पहली महिला सांसद उत्तराखंड के पहले पद्म भूषण प्राप्तकर्ता भी थी। हालांकि उस समय यह क्षेत्र उत्तर प्रदेश का हिस्सा था लेकिन आज उत्तराखंड में है उन्हें उत्तराखंड की प्रथम प्राप्तकर्ता कह सकते हैं और पद्मभूषण भारत रत्न और पद्म विभूषण के बाद तीसरे नंबर का इंडिया का हाईएस्ट सिविलियन अवार्ड है फिर जैसे तैसे 1978 में काम तो शुरू हो गया लेकिन इसी साल टिहरी में विद्यासागर की अध्यक्षता में बांध विरोधी समिति बनाई गई इसमें पर्यावरण सुंदरलाल बहुगुणा और एडवोकेट वीरेंद्र सकलानी शामिल हुए वीरेंद्र सकलानी ने प्रोजेक्ट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दक्षता जाहिज की जिसके सुनवाई का काफी लंबे समय तक चले और सुंदरलाल बहुगुणा इस प्रोजेक्ट के खिलाफ कई बार धरने दिए विरोध प्रदर्शन किए जिनमें से उनका 74 दिन राजघाट पर किया गया था।

उन्हीं के नेतृत्व में 1991 में बांध विरोधी समिति ने 76 दिनों तक बांध का निर्माण कार्य रोके रखा था।  इसी बीच  1986 में रूस के राष्ट्रपति मिथाइल कोरबा चौक भारत आए और उन्होंने टिहरी डैम के लिए मदद का समझौता भारत के साथ किया जिसके बाद इस परियोजना का टोटल प्रोडक्शन 600 मेगा वाट जोकि शुरुआती दौर पर था भारत सरकार ने 2400 मेगा वाट कर दिया फिर 1988 में बहुत धीमी गति से इसे निर्माण कार्य होन के कारण केंद्र और राज्य सरकार मिलकर टी एच डी सी (THDC) इंडिया लिमिटेड का टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड और 1989 में यह पूरा प्रोजेक्ट उनको सौंप दिया वर्तमान में यही संस्था इस पुरे प्रोजेक्ट की ऑनर है इन से पहले कंस्ट्रक्शन सिंचाई विभाग द्वारा किया जा रहा था तो टिहरी डैम प्रोजेक्ट को टोटल 2 फेस में डिवाइड कर दिया गया है इसको इस चरणों को अब हम थोड़ा ठीक से समझते हैं।

  1. टिहरी डैम जल विद्युत परियोजना इसके तहत जो पावर प्लांट बना है वह जुलाई 2006 टेहरी डैम के साथी बन कर तैयार हो गया था। और अभी इस परियोजना से 1000 मेगा वाट बिजली उत्पादन करते हैं
  2. इस मे भी दो परियोजना आती है और दो प्रोजेक्ट आते हैं पहला प्रोजेक्ट है Thri Pumped storagy plant यह भी टिहरी डैम के साथ ही बना हुआ है अभी पूरा कंपलीट बनकर तैयार हुआ है यहां पर भी 1000 मेगावॉट बिजली उत्पादन करने का लक्ष्य रखा गया है और टिहरी डैम इन दोनों अंडर ग्राउंड पावर हाउस मे 4 सुरंग बनाई गई है जिसमें इस की दूरी 6.3 किलोमीटर है, इसका व्यास 11 मीटर है यह घोड़े के नाल के आकार की सुरंग है दो पहले वाले प्लांट में और दो दूसरे वाले पावर प्लांट में बनाई गई है एक पावर प्लांट की दो सुरंगे में 250 मेगावाट केपीसीटी की 4 टर्बो जनरेटर सेट लगाए गए हैं। तो एक पावर प्लांट में हो गया 1000 मेगावॉट और दूसरे में भी 1000 मेगावॉट अब दूसरे पेज के तीसरे प्रोजेक्ट में एक और डैम बनाया गया है जो कि कोटेश्वर डैम नाम से जाना जाता है जोकि टिहरी डैम से नीचे लगभग 22 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है यह प्रोजेक्ट 2012 में ही बनाया गया है और यहां पर 400 मेगा वाट इलेक्ट्रिसिटी का प्रोडक्शन किया जा रहा है इसकी ऊंचाई है 197.5 मीटर और यह ग्रेविटी डैम है इस तरह इस प्रोजेक्ट का टोटल प्रोडक्शन 2400 मेगा वाट हो गया जिसे टिहरी डैम के द्वारा रोजाना 2400 मेगा मार्ट बिजली उत्पादन करता है।
tehri dam dams india
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tehri dam advantages and disadvantages –

advantages

सबसे पहले हम बात करते हैं इलेक्ट्रिसिटी प्रोडक्शन की जो पहला टारगेट है। इससे जो विद्युत उत्पादन होगा उसे उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब, दिल्ली ,हरियाणा , जम्मू कश्मीर, चंडीगढ, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश यानी पूरे नार्थ एरिया में डिस्ट्रीब्यूटर किया जाता हैं। और यहां पर एक रुल है कि अगर किसी राज्य में केंद्र सरकार द्वारा या किसी अन्य राज्य द्वारा कोई हाइड्रोइलेक्ट्रिसिटी प्रोजेक्ट बनाए जाता है तो उस राज्य को जिसमें वह प्रोजेक्ट बनाया गया है रॉयल्टी के रूप में टोटल प्रोडक्शन की 12 प्रतिशत विद्युत दि जाती है इसी के तहत उत्तराखंड को यहां से 12 प्रतिशत इलेक्ट्रिक फ्री में दी जाती है। और फायदा है पीने का पानी यहां से दिल्ली 300 cusec और उत्तर प्रदेश को 200 cusec पानी प्रतिदिन दिया जाता है इसके अलावा सिंचाई के लिए अलग-अलग जगहों को पानी भेजा जाता है और एक फायदा है जो इस डैम बनने से गंगा नदी की बढ़ना कम हुआ है जिसे up ,बिहार और पश्चिम बंगाल जो बाढ़ आया करती थी उनमें काफी कमी देखने को मिल रहा है इसके अलावा टिहरी डैम रिजर्व टूरिंग के लिए बनाया गया है जिसे वहां के स्थानीय लोगों को एंप्लॉयमेंट मिल सकेगा। delhi to tehri dam distance 211km हैं।

अब बात करते हैं इसके disadvantages के बारे में

टिहरी डैम बनने से यहां के लोग प्रभावित हुए ही थे साथ में यहां के मौसम और वनस्पतियों का काफी प्रभावित हुआ मौसम में काफ़ी अनिश्चितायें और बदलाव देखने को मिलते हैं जैसे अचानक से बारिश हो जाना या काफी तेज बारिश होना और यह प्रभाव बड़े एरिया को प्रभावित करते हैं अब जो अगला नुकसान है वह काफी डरावना है इस डैम को आठ तीव्रता भूकंप झेलने कि क्षमता है लेकिन यह टिहरी डैम बाला इलाका जॉन 4 में आता है जोकि जॉन 5 के बिल्कुल बाउंड्री पर है। इसीलिए यह इलाका काफी खतरनाक हो जाता है और ऊपर से वैज्ञानिक का यह भी मानना है जहां पर टिहरी डैम स्थित है उसके ठीक नीचे 7.5 किलोमीटर की दूरी पर भूकंप का एक बड़ा खतरनाक अभी केंद्र स्थित है जिसका नाम है महार टियर फॉल्ट तो अगर यहां पर आठ से जादा तीव्रता बाला भूकंप आता है वह बहुत खतरा बन सकता है यदि टिहरी डैम टूट जाता है तो पूरा उत्तर भारत बहुत ही खतरनाक प्रभावित होगा खास कर गंगा के नजदीक बरसे गांव  को भी बहुत जादा खतरा प्रभावित होगा हम उम्मीद करते हैं कभी ऐसा नहीं हो।  यह थी टिहरी डैम के बारे में जो की पुरे इतिहास के बारे में जाना। यदि आप सभी दर्शकों को समय मिले तो जरूर टिहरी डैम का एक भ्रमण कीजिए और इसकी खूबसूरती का आनंद उठाइए ऐसे ही इंटरेस्टिंग खबरों के लिए जुड़े रहे हमारे पोस्ट से जो कि रोजाना इसी प्रकार की खबर लाते रहते हैं।

bhakra dam

bhakra dam pictures
bhakra dam pictures

दोस्त अब हम बात करने वाले bhakra nagar dam  के बारे में जो कि टिहरी बांध के बाद एशिया में टिहरी बांध के बाद दूसरा सबसे ऊंचा बांध भाखड़ा-नंगल बांध आता हैं यह बांध गाविंद सागर झिल को रोकता हैं। यह झिल 168 किलोमिट क्षेत्र में फेलि हैं। जिसमें 9.3 km2 पानी होता हैं। इस बांघ को बनाने के लिए 341 गांव को विस्थापित किया गया था। भाखड़ा बांध राजस्थान हरियाणा , पंजाब में संयुक्त परियोजना हैं। राजस्थान को हिस्सेदारी 15.2 प्रतिशत हैं। राजस्थान नहर द्वारा भाकड़ा बांध का पानी पहुचाया जाता हैं। भाखड़ा बांध बहुत ही खुबसुरत जगह हैं।

भाखड़ा बांध कि मुख्य उद्धेश सिचाई और बिजली हैं bhakra dam  से 1325 मेगावाट बिजली उत्तपादन कराई जाती हैं। पंजाब, हरियाण और राज्यस्थान के लगभग 40000 वर्ग किलोमिटर में सिचाई कि जाती हैं। भाखड़़ा नंगल बांध का निर्माण 1948 से सुरूह हुआ और 1963 में पुरा हुआ। सन् 1970 में पुरी तरह से काम करने लगा। भारत के पहले प्रधान मंत्री जवहरलाल नेहरू 22 अक्टूबर 1963 को इस बांध का निर्माण किया गया था। और इसे देश का नया मंदिर बताया था। bhakra nangal dam अशल में दोनो अलग – अलग हैं। पर एक ही परियोजना का हिस्सा है। यह दोनों डैम पंजाब और हिमाचल प्रदेश के बॉर्डर पर बनेगी bhakra nangal dam location  हिमाचल के बिलासपुर जिले में भादरा गांव में सतुल नदी पर बनाया गया हैं। और नांगल डैम इससे तकरीबन 10 किलोमीटर दूर पंजाब नंगल में बनाया गया भाखड़ा डैम नंगल डैम से ऊंचाई पर बनाया गया और इसका सारा पानी नंगल डैम से होते हुए जाता है नंगला डैम से आने वाले तेज बहाव को कम करता है यदि किसी कारण बस भाखड़ा डैम को नुकसान पहुंच जाए नांगल डैम पानी की भंडार को रोक सकता है।

bhakra dam is on which river –

सतुल नदी पर बनाया गया हैं।

bhakra dam water level

Bhakra ft Min Value on 15/08/2021
Inflow ft 2765 37092
Outflow ft 3869 20936
Water Level ft 1490.83 1613.53

bhakra nangal dam on map

bhakra dam
bhakra dam

bhakra nangal dam project 1325 मेगावाट बिजली उत्तपादन करती हैं।

idukki dam

idukki dam
idukki dam

दोस्त अब हम बात करने वाले idukki dam के बारे में जो कि idukki dam को पेरियार नदी पर बनाया गया हैं। इडुक्की बांध भारतीय राज्य केरल के इडक्की जिले में स्थित हैं। जो केरल के पेरियार नदी में बनाया गया है। इडुक्की बांध एक दोहरी वक्रता वाला आर्क बांध है जो कुरावती और कुरवन नामक दो पहाडियों की बीच बनाया गया है। idukki dam की ऊचाई 550 फीट लंबाई 1200 फीट हैं। यह बांद 1974 में बन कर तेयार हो गया हैं। इस डैम का उद्धाटन 12 फरवरी, 1976 को भारत की प्रथम महीला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी द्वारा उद्घाटन करवाया गया था। idukki dam जिनसे 780 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है।

idukki dam water level  – 2,368.90 ft

idukki dam wiki-

यदि आप इडुक्की बांध घुमने जाने वाले हैं एक बात को जरूर ध्यान दें इस डैम में घुमने के लिए फोटोग्राफी की अनुमति नहीं दिया जाता है। बाँध के अन्दर किसी भी इलेक्ट्रॉनिक आइटम को अंदर जाने की अनुमति नहीं है। इस डैस में घुमने का शुल्क 25 रूपया हैं idukki arch dam visiting time सुबह 9:00  से शाम 5:00 तक हैं। इडुक्की बांध की यात्रा पर आने वाले पर्यटकों को बता दे यह बांध सड़क मार्ग द्वारा केरल के लगभग सभी शहरो से जुड़ा हुआ है इसीलिए बस, टेक्सी या अपनी निजी कार से इडुक्की बांध आसानी से पहुंचा जा सकता है। सड़क मार्ग के साथ – साथ ट्रेन और फ्लाइट से भी घुमने जा सकते है

idukki dam contact number –

  • फोन: +91-471-2321132
  • फैक्स: +91-471-2322279
  • पर्यटक सूचना टोल फ्री नंबर: 1-800-425-4747
places to visit near idukki dam
places to visit near idukki dam

places to visit near idukki dam-

Keezharkuthu Falls, Vagamon, Thekkady, Kalvari Mount, Ramakalamedu, Pattumala, Munnar, Kolukkumalai, Hill View Park , Nadukani , Thattekad Bird Sanctuary,  Thoommankuthu Falls, Vandanmedu

  • टिहरी डैम से पूछे गए एग्जाम में प्रश्न और उत्तर
  1. THDC का गठन कब किया गया था

A 1989 में

B 1981 में

C 1988 में

D 1972 में

  1. एशिया का सबसे ऊंचा  बांध किसे कहा गया है

A भाखड़ा बांध

B टिहरी बांध

C इडुक्कीबांध

  1. टिहरी बांध परियोजना कितने मेगावाट की परियोजना है
  1. 1000 MW
  2. 2400 MW
  3. 1300 MW
  4. 2400 MW
  1. tehri dam on which river
  1. भागीरथी और भीलांगना
  2. भागीरथी

C.गंगा

D.भीलांगना

  1. where is tehri dam
  1. उत्तराखंड
  2. बंगाल
  3. केरल
  4. राज्यस्थान

Best Tips srisailam dam and Ranjit Sagar & Other 3 dam

निष्‍कर्ष :-

आज हम tehri dam in hindi , tehri dam facts, bhakra dam और idukki dam के बारे में जाने दोस्त यदि आप को यह पोस्ट अच्छी लगी हो तो कॉमेंट बाक्स में कामेंट जरूर करें और इससे जुड़े किसी भी प्रकार का प्रश्न हो आप कॉमेंट बाक्स में पुछ सकते हैं ।

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