Top No1 Famous tourist places Bihar all districts

tourist places bihar यह अपना Bihar (बिहार) हैं, आप सभी पर्यटक को स्वागत है बिहार में आज हम बिहार के सभी जिलो के पर्यटन स्थल के बारे में जानेंगे।

हेलो दोस्त आज हम भारत देश के सबसे महत्वपूर्ण राज्य tourist places bihar (बिहार) राज्य के बारे में बताने वाले जो कि भारत देश के बिहार राज्य मां और पुत्र की तरह है। बिहार राज्य उन सभी राज्यों से बहुत ही अलग है। और बिहार राज्य के 38 जिले के बारे में मैं जानेंगे की इन सभी जिलों में घूमने वाला पर्यटन स्थल कहां कहां पर स्थित है और यहां पर जाने आने की सुविधा के बारे में भी जानेंगे। tourist places bihar (बिहार) 

bihar history | बिहार इतिहास

bihar ks naksha
bihar ks naksha tourist places bihar (बिहार)

tourist places bihar (बिहार)  राज्य भारत देश के उत्तर पूर्वी भाग में एक प्रसिद्ध राज्य हैं और इसकी राजधानी पटना है और भारत का सबसे जनसंख्या वाले राज्य में से तीसरे स्थान पर Bihar (बिहार) राज्य आता है। और क्षेत्रफल की दृष्टि कौन से देखा जाता है तो बिहार राज्य भारत देश के बारहवॉं स्थान पर है। बिहार राज्य को 15 नंबर 2000 ईस्वी को दो भाग में अलग कर दिया गया था जो कि एक नया राज्य झारखंड बनाया गया था। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places ihar (बिहार)  राज्य के चौहद्दी के बारे में कुछ जान लेते हैं बिहार के उत्तर में नेपाल और दक्षिण में झारखंड पूर्व में पश्चिम बंगाल और पश्चिम में उत्तर प्रदेश स्थित है। बिहार क्षेत्र गंगा नदी तथा उसकी सहायक नदियों के उपजाऊ मैदान में बसा है। यहां पर गंगा पश्चिम से पूरब की ओर बहती है। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places bihar (बिहार) राज्य का निर्माण दोस्त के ताने पर इस राज्य को बनाने का संकल्प ले लिया था। जिसका नाम सच्चिदानंद सिन्हा था जोकि बिहार को बनाने को बनाने में सबसे बड़ा योगदान दिए थे। बिहार की स्थापना 22 मार्च 1912 में हुआ था। और बिहार को राज्य बनाने की स्थापना 26 जनवरी 1950 में घोषित किया गया था। बिहार राज्य में कुल 38 जिले हैं। 2011 की जनगणना के अनुसार यहां की कुल जनसंख्या लगभग 10,40,99,452 हैं। बिहार लगभग 94,163 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैला हुआ है। भारत देश का तीसरा सबसे बड़ा परदेस से है। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places Bihar हां तो दोस्त हमने tourist places bihar (बिहार) राज्य के कुछ ऐतिहासिक के बारे में जाने अब हम Bihar (बिहार) राज्य के कुछ ऐसे जिलों के बारे में जानेंगे कि वहां कौन सा पर्यटन स्थान सबसे महत्वपूर्ण घूमने का है। तो दोस्त जलते हैं पोस्ट किया और जानते हैं Bihar (बिहार) राज्य के सभी जिलों के बारे में जानेंगे। tourist places bihar (बिहार) 

araria jila | अररिया जिला

araria district tourist place
Araria District tourist places bihar (बिहार)

tourist places Bihar अब हम सबसे पहले अररिया जिला के बारे में बात करेंगे। araria district Bihar (बिहार) राज्य के 38 जिलों में से एक है और araria शहर इस जिले का प्रशासनिक मुख्यालय भी है। araria bihar यह पूर्णिया प्रखंड का एक मुख्य हिस्सा है। अररिया 1964 में तत्कालीन पूर्णिया जिला का वर्तमान समय के जिले का क्षेत्र अररिया उपखंड बन  गया था। अररिया जिला जनवरी 1990 में पूर्णिया प्रखंड के तहत प्रशासनिक जिला बनाया गया था। अररिया का नाम की उत्पत्ति वृष्टि काल के दौरान यह क्षेत्र बंगाल का हिस्सा था। इस जिले को आवासीय क्षेत्र कहा जाता था, जो कि लोगों को आर एरिया नाम से जाने जाते थे उस समय बीतने के बाद यहां के लोगों ने इसे आर एरिया उच्चारण से अररिया जिला का नाम अधिग्रहण हुआ था। अररिया जिला लगभग 830 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। और 2011 की जनसंख्या के अनुसार अररिया जिला की आबादी 28,11,569 हैं। इस जिले में 6 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र है, नरपतगंज, रानीगंज, फारबिसगंज, अररिया, जोकीहाट और सिकटी यह सभी विधानसभा अररिया जिला में मौजूद है। और या अररिया लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र का एक प्रमुख हिस्सा हैं। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places Bihar अररिया जिला में प्रमुख नदियां कोसी नदी, सुवाड़ा नदी, काली नदी, परमार नदी, और कोली नदी मौजूद है। इस जिले की आर्थिक व्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर करती है। अररिया जिला का मुख्य कृषि उत्पादन धान मक्का और जूट की खेती की जाती है। araria bihar pin code – 854311 tourist places bihar (बिहार) 

tourist places bihar bio-diversity park kusiargaon | जैव विविधता पार्क कुसियारगांव

tourist places bihar (बिहार) यह पार्क प्यार का पहला बायोडाइवर्सिटी पार्क है। यह पार्क अररिया के कुसियारगांव में बनाया गया है। इस पार्क को बनाने में शोधकर्ताओं के लिए एक राह खुला है। यह पार्क पर्यटन को बहुत ही काफी बढ़ावा दे रहा है। यह पार्क जिला के मुख्यालय से 10 किलोमीटर दूरी एनएच 57 पर होने के कारण इस एनएच से आने जाने वाले पर्यटकों के नजर से यह पाक बच नहीं पाता है। इस पार्क में एक बहुत ही विशाल केंचुए के आकार वाला विमर्श केंद्र बनाया गया है। यहां पर शोधकर्ताओं के धरने के लिए 5 एक्को हर्ट बनाए गए हैं। बिहार के अररिया शहर में कुसियारगांव में biodiversity park पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करता है। इस पार्क में नए साल के अवसर पर इस पार्क में अररिया से ही नहीं इसके आसपास के जिले के लोग बहुत ही जनसंख्या में पिकनिक मनाने के लिए आते हैं और नए साल के अवसर पर यहां पर प्रशासन की पूरी तैयारी की जाती है। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places Bihar biodiversity park meaning | जैव विविधता पार्क अर्थ

tourist places Bihar, इसका अर्थ जैवविधता उद्यान हैं यह पार्क हिमालय के तराई में बसा अररिया जिला के कुसियारगांव में बना जैवविधता उद्यान नए साल में पिकनिक मनाने के लिए काफी उपयुक्त जगह है। यह पार्क 35 एकड़ में फैला हुआ है। इस पार्क को इको-टूरिजम (eco-tourism) को बढ़ावा देने के लिए इस पार्क को बनाया गया है। इस उद्यान में लगभग 180 प्रजातियां की अलग-अलग वृक्ष पाए जाते हैं। जिसमें बॉस और औषधीय बहुत ही काफी मात्रा में प्रजाति है। इस पार्क में बच्चों के खेलने के लिए बहुत ही बड़े घास के मैदान है जिसमें कई तरह के झूले और वाटर पार्क बनाया गया है। इस पार्क में सबसे ज्यादा पिकनिक मनाने के लिए पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार से पर्यटक आते हैं। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places bihar biodiversity park time | जैव विविधता पार्क का समय

tourist places Bihar, जैव विविधता पार्क का समय सुबह 9:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक खुली रहती है। इस पार्क में घूमने का अच्छा समय नए साल के दिन होता है नए साल में इस पार्क में बहुत सारे पर्यटक पिकनिक मनाने और घूमने के लिए भी आते हैं नए साल में यहां पर थोड़ी बहुत ठंड भी रहती है इसके लिए आपको अपने साथ गर्मी ले कपड़े के साथ घूमने के लिए आना होता है। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places bihar bio-diversity park kusiargaon excursion facility | जैव विविधता पार्क कुसियारगांव भ्रमण सुविधा

tourist places bihar (बिहार) bio-diversity park kusiargaon आने की सुविधा आप एयर जहाज के माध्यम से आ सकते हैं। अररिया के निकट हवाई अड्डा जो कि बागडोगरा हवाई अड्डा सबसे नजदीकी है। यह हवाई अड्डा अररिया जिला से लगभग 150 किलोमीटर दूरी पड़ता है। और यहां पर आप ट्रेन के द्वारा भी आ सकते हैं, यहां पर देश के अन्य प्रमुख शहरों से अररिया के लिए नियमित उपलब्ध है। इस पार के नजदीक रेलवे स्टेशन अररिया कोर्ट और अररिया आर० एस० है। यह रेलवे स्टेशन अररिया जिला में है। यहां से यात्री रिक्शा या टेंपो के माध्यम से जाते हैं। पार्क से लगभग 1.9 किलोमीटर दूरी परता है। यदि आप अपने कार या बस से सड़क मार्ग के माध्यम से घूमने आना चाहते हैं। तो देश के सभी प्रमुख शहरों से यह सड़क मार्ग जुड़ी हुई है। अररिया बस अड्डा से जैव विविधता उद्यान कुसियारगांव बस स्टैंड से लगभग 10 किलोमीटर दूरी पड़ता है। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places bihar, raniganj vriksh vatika | रानीगंज वृक्ष वाटिका

tourist places Bihar, रानीगंज वृक्ष वाटिका tourist places bihar (बिहार) राज्य के अररिया जिला से लगभग 30 किलोमीटर दूरी पश्चिम में स्थित है और यह पटना से लगभग 310 किलोमीटर दूर पड़ता है और फारबिसगंज 57 किलोमीटर दूरी पड़ता है। रानीगंज वृक्ष वाटिका को पहले हसनपुर बालू – धीमा के नाम से जाना जाता था । इस स्थान को बिहार सरकार द्वारा अधिसूचित वन भूमि है। यह वाटिका लगभग 289 एकड़ में फैली हुई है। यह वाटिका पर्यटक को अपनी और आकर्षित करने वाली है। इस स्थान का निर्माण मनोरम पर्यटन स्थल प्राकृतिक एवं स्वास्थ्य प्रेमियों के लिए आदर्श स्थल तथा और शोधार्थियों हेतु अध्ययन स्थल के रूप में किया गया था। इस वाटिका के सबसे नजदीकी हवाई अड्डा बागडोगरा हवाई अड्डा है जो कि लगभग 150 किलोमीटर दूरी पड़ता है। और यहां से रेलवे स्टेशन काफी नजदीकी है जो कि 2 किलोमीटर पड़ता है। araria pin code- 854311 tourist places bihar (बिहार) 

tourist places bihar तो दोस्त अब हम बात करने वाले हैं, tourist places bihar (बिहार) राज्य के अरवल जिले के बारे में इससे पहले हम बिहार राज्य के अररिया जिले के बारे में जाने कि वहां पर कौन-कौन सी जगह महत्वपूर्ण है पर्यटकों के लिए और अररिया जिले में पर्यटक स्थल पर जाने आने की सुविधा के बारे में अब हम बात करने वाले हैं बिहार राज्य के अवरल के प्रमुख विशेषता के बारे में और यहां पर सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल के बारे में दो दोस्त चलते हैं और जानते हैं इस जिले के बारे में।

arwal district |tourist places bihar (बिहार) 

अरवल जिला
अरवल जिला tourist places bihar (बिहार)

tourist places Bihar, arwal bihar राज्य के 38 जिलों में से एक जिला है। इस जिला को जहानाबाद जिला से अगस्त 2008 में अलग करके arwal जिला नाम दिया था। यह जिले में सोन नदी भी बहती है। इस जिले की कुल जनसंख्या 2011 की जनगणना के अनुसार 700,843 हैं। यह जिला लगभग 638 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैली हुई है। इस जिला को नक्सल जिला के रूप में भी जाना जाता है, यहां पर खेती किसानों के लिए आधार है इसीलिए खेती ही इस जिले का मुख्य आमदनी स्रोत है। इस जिला को जहानाबाद से अलग होने के बाद इस जिला को एक अनुमंडल एवं पहुंच प्रखंडों में विभाजित किया गया है। यहां का मुख्य भाषा हिंदी एवं मगही बोली जाती हैं। इस जिले में कुल 5 प्रखंड है जिसका नाम अरवल, कलेर, करपी, कुर्था और बंशी यह सभी प्रखंड अरवल जिले से जुड़ा हुआ है। इस जिले का प्रमुख फसल उत्पादन धान, गेहूं एवं मक्का यहां के प्रमुख फसल है। अरवल जिले की जलवायु गर्मी के समय में बहुत गर्म एवं ठंडी के समय में बहुत ठंडी होती है। अरवल जिले से सड़क मार्ग जहानाबाद, पटना, भोजपुर एवं औरंगाबाद इस जिले के सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। इस जिले के सबसे नजदीकी हवाई अड्डा जो कि पटना जिला का जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। arwal pin code- 804401, Patna to arwal distance | पटना से अरवल की दूरी लगभग 68 किलोमीटर है । tourist places bihar (बिहार) 

tourist places bihar aganur jal vidyut jal pariyojana | अगनुर जल विद्युत परियोजना इस जगह पर पहुंचने के लिए आपको पटना के सबसे नजदीकी हवाई अड्डा के माध्यम से आ सकते हैं जो कि पटना से भारत देश के सभी राज्यों से जुड़ी हुई है, और आप ट्रेन के माध्यम से यहां पर आना चाहते हैं तो यहां से सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन पटना जंक्शन रेलवे स्टेशन है। यदि आप सड़क मार्ग के माध्यम से आना चाहते हैं तो यह जिला पटना, औरंगाबाद, भोजपुर, एवं जहानाबाद जिला से सड़क से बहुत अच्छी तरह से जुड़ी हुई है। fakharpur mandir | फखरपुर मंदिर अरवल जिले के फखरपुर पंचायत में स्थित हैं। इस मंदिर में पर्यटक बहुत ही काफी मात्रा में दर्शन करने के लिए आते हैं इस मंदिर में जो भी आपकी इच्छाएं हैं अभी आप शुद्ध मन से आराधना करके प्रसाद पाते हैं तो आपकी इच्छा जरूर पूरी होती हैं इस मंदिर में अलग-अलग जगह के पर्यटक घूमने के लिए भी आते हैं। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places bihar gautam budh mandir | गौतम बुद्ध मंदिर पूरी दुनिया में बौद्ध धर्म के सबसे पवित्र मंदिर में से एक माना जाता है। यह पर्यटक स्थल एनएच 98 पर स्थित है इस मंदिर में भगवान बुध की मूर्ति स्थापित है। एनएच मार्ग से आने जाने वाली पर्यटकों का ध्यान अपनी आकर्षित करता है। gautam budh इस जगह का सबसे प्राचीन मंदिर भी मानी जाती है। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places bihar madhusrava ashram | मधुश्रव आश्रम बिहार राज्य में अरवल जिले के एनएच 98 पर स्थित है, यह आश्रम बहुत ही अनेक तरह के अलग-अलग मंदिर भी मौजूद है इस आश्रम में एक बार पर्यटक घूमने के लिए जाते हैं तो उसकी इच्छा दोबारा जाने के लिए जरूर रखता है यह मंदिर पूरी तरह से अभी निर्मित नहीं हुई है फिर भी यहां के वातावरण बहुत ही शुद्ध है। यह आश्रम जहां पर मौजूद है वहां पर पहले ठाकुर बारी हुआ करता था अभी भी इसे ठाकुरबारी से जाना जाता है। ठाकुरबारी का अर्थ है जहां पर ऋषि मुनि या ब्रह्मचारी बगीचे में अपनी छोटी सी घर बना कर रखते हैं उसी को ठाकुरबारी कहते हैं। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places bihar, makhdum shah ka mazaar | मखदूम शाह का मजारी अरवल जिले के शहर के रोड मार्ग पर सिपाह पंचायत में स्थित है। इस माजरा पर चादर पोशी के लिए बड़े-बड़े हस्ती आया करते हैं चादर चढ़ाने के लिए यहां का लोगों का मानना है कि चादर चढ़ाने वाले लोगों की हर मुराद पूरी होती है। मखदुम साहब का माजरा अपने आप में बहुत  प्रसिद्ध आस्था का केंद्र है। tourist places bihar (बिहार) 

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bihar state arwal district, arwal pin code 804401, arwal to patna 68 km. tourist places Bihar.

tourist places bihar aurangabad district | औरंगाबाद जिला

औरंगाबाद जिला बिहार
औरंगाबाद जिला tourist places bihar (बिहार)

tourist places Bihar, औरंगाबाद जिला भारत के tourist places bihar (बिहार)  राज्य में स्थित एक प्रमुख जिला है। यह जिला बिहार के दक्षिण भाग में आने वाले जिला मगध प्रखंड के अंतर्गत आता है। यह जीले का मुख्यालय भी है। औरंगाबाद जिला को यहां के लोग कभी-कभी बिहार का चितौडगढ़ भी कहा जाता था। औरंगाबाद जिला पहले गया जिले के हिस्सा हुआ करता था। फिर कुछ समय के बाद 26 जनवरी 1973 को गया जिले से औरंगाबाद जिला को अलग कर दिया गया और इसे एक स्वतंत्र जिला बनाया गया था। यह जिला लगभग 3305 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैला हुआ है। और 2011 की जनगणना के अनुसार यहां की जनसंख्या लगभग 25.40 लाख है। इस जिले में सबसे ज्यादा पुरुषों की जनसंख्या है। पुरुष की संख्या लगभग 13.28 लाख और महिलाओं की संख्या लगभग 12.21 लाख है। tourist places Bihar,

tourist places bihar aurangabad bihar | औरंगाबाद बिहार

tourist places Bihar, औरंगाबाद जिले में सबसे प्रमुख नदियां भी है जिसका नाम सोन नदी, आदिरी नदी, पुनपुन नदी, औरंगा नदी, बटाणे नदी और आदिरी नदी के तट पर जलोढ़ मैदान पर स्थित है। सोन नदी जिले के पश्चिम में लगभग 20 किलोमीटर दूरी पर बहती है। इस जिले का अर्थव्यवस्था कृषि, पशुपालन और छोटे-छोटे उद्योग पर आधारित है। इस जिले में सबसे ज्यादा उगाए जाने वाले प्रमुख फसल धान, गेहूं, चना, मसूर और रेपसीड उगाए जाते हैं। यहां के लोगों को पशुपालन आय का महत्वपूर्ण जरिया बन गया है, यहां पर गाय, भैंस और बकरी को पाला जाता है।  औरंगाबाद जिले में कई प्रकार के उद्योग के लिए मशीनें भी है जो कि नबीनगर थर्मल पावर प्रोजेक्ट यह उद्योग एनटीपीसी नबीनगर मैं स्थित है और यहां पर सीमेंट का भी उत्पादन होता है, इसके साथ साथ कारपेट और कंबल बनाए जाते हैं यहां ब्रास का काम भी होता है। tourist places bihar (बिहार) 

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tourist places Bihar, इस जिले के चौहद्दी के बारे में बात करें तो औरंगाबाद जिला झारखंड और बिहार की सीमा पर स्थित है। इस जिले के उत्तर में अरवल जिला, दक्षिण में झारखंड का पलामू जिला, पूरा में गया जिला और पश्चिम में रोहतास जिला स्थित है। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places Bihar, औरंगाबाद प्रखंड एवं अनुमंडल इस जिले को लगभग 2 अनुमंडल और एक 11 प्रखंडों में बांटा गया है। इस जिले में कुल 2 अनुमंडल है जो औरंगाबाद और दाऊदनगर मौजूद है। औरंगाबाद अनुमंडल में कुल 7 प्रखंड मौजूद है जो कि औरंगाबाद, बारून, नबीनगर, कुटुंबा, मदनपुर, देव और ओबरा मौजूद है। और दाऊदनगर अनुमंडल में कुल चार प्रखंड है जो कि दाउदनगर, गोह, हसपुरा और रफीगंज यह सभी अनुमंडल औरंगाबाद जिले के अंतर्गत आते हैं। औरंगाबाद जिले में कुल 32 पुलिस थानों की संख्या है। और ग्राम पंचायत की संख्या लगभग 202 है और इसमें लगभग 1884 गांव भी मौजूद है। जिला के अंतर्गत कुल 6 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं जो कि गोह, ओबरा, नबीनगर, कुटुंब, aurangabad और रफीगंज यह सभी विधानसभा इस जिले के अंतर्गत में मौजूद है। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places Bihar, औरंगाबाद जिले में 2011 के जनगणना के अनुसार यहां पर हिंदू की संख्या बहुत ही काफी है जो कि 90.20% हिंदुओं की जनसंख्या है। और यहां पर मुस्लिमों की आबादी 9.34% है और अन्य धर्म की बात कही जाए तो जिले में ईसाई धर्म 0.09% मौजूद है और बौद्ध धर्म 0.01% मौजूद है और इसके अलावा 0.03% जैन धर्म  भी मौजूद है। aurangabad bihar pin code 824201

tourist places bihar aurangabad weather | औरंगाबाद मौसम

tourist places Bihar, औरंगाबाद का मौसम बहुत ही सुखद और पर्यटकों को यात्रा के लिए बहुत ही अच्छा समय अक्टूबर से मार्च तक की है। और यहां पर पहुंचने के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है और इस समय में बिहार राज्य में ठंडी का मौसम रहता है। यहां टूरिस्ट प्लेस के रूप में बहुत ही अच्छा समय है। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places Bihar, गर्मी- औरंगाबाद में गर्मी का मौसम मार्च से मई तक रहता है यहां का तापमान लगभग 21 डिग्री सेल्सियस से 37 डिग्री सेल्सियस तक रहता है और कभी-कभी यहां का औसत तापमान लगभग 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। अभी आप औरंगाबाद में टूरिस्ट पैलेस की भ्रमण करना चाहते हैं तो आपके लिए यहां आना दुखद होगा क्योंकि गर्मी के समय में घूमने के लिए अच्छा समय नहीं है।

tourist places Bihar, मानसून- औरंगाबाद में मॉनसून मौसम जुलाई से शुरू होता है, और अक्टूबर तक रहती है और इस समय के दौरान पर्यटकों को यात्रा करने के लिए दर्शनीय स्थलों की भ्रमण के लिए उपयुक्त समय है। और यहां पर पर्यटक को इस मौसम में आने के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है। क्योंकि इस समय का तापमान लगभग बहुत ही कम रहता है, और इस समय के बीच सावन का महीना बहुत ही सुखद रहता है। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places Bihar, सर्दी- औरंगाबाद में सर्दी का मौसम नवंबर महीने से शुरू होता है। और फरवरी महीने तक रहती है इसके दौरान यहां का तापमान लगभग 10 डिग्री सेल्सियस के ऊपर ही रहता है, और इस समय में पर्यटकों के लिए पुरातात्विक स्थलों और पवित्र मंदिर की यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय हो सकती है। इस समय के दौरान पर्यटक यहां पर बहुत ही जनसंख्या में घूमने के लिए आते हैं। aurangabad pin code 824201, tourist places bihar (बिहार) 

dev kund | देव कुंड

tourist places bihar (बिहार) यह मंदिर औरंगाबाद और जहानाबाद की सीमा के दक्षिण पूर्व में लगभग 10 किलोमीटर दूरी पर स्थित है, यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित करता है। और यह अत्यंत प्राचीन मंदिर माना जाता है। इस मंदिर में बहुत ही जनसंख्या में पर्यटक पूजा करने के लिए आते हैं, इस मंदिर का बहुत ही मान्यता दी गई है इस मंदिर में च्यवन ऋषि ने सरन लिया था कि शिवरात्रि के अवसर पर हजारों की संख्या में सरदार हो यहां पूजा अर्चना करने के लिए आते हैं। इस मंदिर में शिवरात्रि के पूजा के दौरान यहां पर बहुत धूमधाम से मनाए जाते हैं और यहां पर मेले भी लगाते हैं। और यहां के लोगों को बहुत ही खुशी महसूस होती है। इस मंदिर में पूजा करने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं जरूर पूरा होती है जो सच्चे मन से यहां पर पूजा करने आते हैं। tourist places Bihar

tourist places bihar ugma temple |  उगमा मंदिर

tourist places bihar (बिहार) उगमा मंदिर औरंगाबाद शहर का सबसे प्रसिद्ध पर्यटन अस्थल माना गया है, यह मंदिर शहर से लगभग 24 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। इस मंदिर में भगवान शिव और सूर्य, गणेश इस मंदिर के प्रमुख देवता हैं। इस मंदिर को बनाने के लिए स्क्वायर ग्रेनाइट ब्लैक पत्थरों का उपयोग किया गया है। और यह मंदिर देखने में काफी सुंदर है, यहां पर पर्यटक घूमने के लिए आते हैं। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places bihar amjhar Sharif | अमझर शरीफ

tourist places Bihar, अमझर शरीफ औरंगाबाद जिले का एक बहुत ही इस्लामिक पर्यटन स्थल है जोकि मुस्लिम समुदाय का यह पवित्र तीर्थ स्थल हजरत शायद आना मोहम्मद जिलानी अमझरी कादरी नामक एक मुसलमान ने मजार पर बना है। और यहां पर जून के पहले आयोजित महान संत के उर्स पर यहां हजारों की संख्या में मुसलमान इकट्ठा होता है। यह मुसलमान के लिए सबसे महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places Bihar, piru | पीरु

tourist places Bihar, औरंगाबाद में इस जगह का ऐतिहासिक महत्व दिया गया है। इसे प्राचीन काल के समय में प्रीतिकुता के नाम से जाना जाता था। यहां के लोगों का मानना था कि यह स्थान महान कवि और राजा हर्षवर्धन के लेखक बाणभट्ट का जन्म स्थान है। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places Bihar, siris | सिरिस

tourist places Bihar, औरंगाबाद में यह स्थान शेरशाह और मुगल साम्राज्य के दौरान हित में था। और कुछ समय बाद यहां के विरोध के दौरान यह स्थान 1857 में नारायण सिंह और कई अन्य गुमनाम नायकों का कार्यस्थल रहा था। और यहां पर औरंगजेब के शासनकाल के दौरान यहां पर औरंगजेब के द्वारा एक मस्जिद भी निर्मित किया गया था। जो कि अभी भी मौजूद है। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places Bihar, औरंगाबाद किस-किस के माध्यम से पहुंच सकते हैं। औरंगाबाद जिला का एक अपना हवाई अड्डा नहीं बनाया गया है, इस जिले के नजदीकी हवाई अड्डा गया और पटना में स्थित है गया के हवाई अड्डा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है जो कि बोधगया एयरपोर्ट के नाम से जाना जाता है (बोधगया एयरपोर्ट code GAY) यह रिपोर्ट औरंगाबाद जिला से लगभग 80 किलोमीटर दूरी गया जिला में स्थित है और दूसरी नजदीकी एयरपोर्ट जयप्रकाश नारायण एयरपोर्ट (code: PAT) यह एयरपोर्ट औरंगाबाद से लगभग 140 किलोमीटर दूरी पटना में स्थित है। यदि आप रेल मार्ग से आना चाहते हैं तो यहां आ सकते हैं यहां के सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन अनुग्रह नारायण रोड स्टेशन (code: AUBR) है। यह रेलवे स्टेशन से छोटे बड़े लगभग सभी स्टेशन जुड़ी हुई है। यदि आप सड़क मार्ग से आना चाहते हैं तो आप यहां आ सकते हैं, औरंगाबाद देश के सभी राज्य और नगरों से सड़क मार्ग जुड़ी हुई है औरंगाबाद शहर के नेशनल हाईवे 02 और नेशनल हाईवे 98 जोकि क्रॉसिंग पर स्थित है यह मार्ग सभी राज्य से जुड़ी हुई है अभी आप चाहे तो नजदीकी बसिया कार के माध्यम से यहां पर आ सकते हैं। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places Bihar, तो दोस्त हमने औरंगाबाद जिले के बारे में और यहां पर घूमने वाले पर्यटन स्थल के बारे में जानने अब हम बिहार राज्य के बांका जिला के बारे में कुछ जानकारी विस्तार से लेंगे और इन जिला में सबसे सुंदर जगह घूमने का कौन सा है, आप बने रहें हमारी पोस्ट से और ऐसे ही दिलचस्पी टूरिज्म प्लेस tourism place के बारे में जानकारी मिलती रहेगी। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places bihar banka bihar | बांका बिहार

banka district
banka district tourist places bihar (बिहार)

banka district Bihar (बिहार) राज्य के दक्षिण पूर्व हिस्सा में अवस्थित है। इस जिले के पूर्व और दक्षिण क्षेत्र में झारखंड राज्य की सीमा है। पश्चिम सीमा जमुई और उत्तर पश्चिम सीमा मुंगेर तथा भागलपुर से जुड़ती है। बांका जिला का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 3020 वर्ग किलोमीटर में फैली हुई है। इस जिले का मुख्यालय बांका का शहर में ही पड़ता है, banka जिले का स्थापना लगभग 21 फरवरी 1991 ईस्वी में किया गया था। यह जिला पूर्व में भागलपुर जिला का एक अनुमंडल हुआ करता था। tourist places Bihar, इस जिले में एक अनुमंडल और 111 प्रखंडों के साथ-साथ 2111 गांव और 185 पंचायत भी है इसके अलावा इस जिला में दौ (banka city) नगर पंचायत भी बनाया गया है जिसे शहरी क्षेत्र कहा जाता है। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places Bihar, mandar hill bihar | मंदार हिल बिहार

tourist places Bihar, mandar hill | मंदार पर्वत Bihar (बिहार) राज्य के बांका जिले के बौंसी गांव में स्थित है। बौंसी गांव से लगभग 5 किलोमीटर दूरी पड़ता है। इस पर्वत की ऊंचाई लगभग 750 फीट है। mandar hill bhagalpur यह पर्वत भागलपुर जिले से लगभग 35 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। इस पर्वत पर्यटक को घूमने के लिए रेलिया बस की सुविधा भी है। tourist places Bihar,

tourist places Bihar, mandar hill history in hindi | मंदार पहाड़ी इतिहास हिंदी में

मंदार पर्वत का उल्लेख पौराणिक धर्म के ग्रंथों में हुआ था। मंदार पर्वत का हिंदू धर्म में बहुत ही बरा धार्मिक महत्व दिया गया है। यहां के लोगों का मानना है कि जब देवता और असुरों ने समुद्र मंथन किया था, तो समुद्र मंथन के दौरान मंदार पर्वत को मथनी और उस पर वासुकी नगर को लपेट कर रस्सी का काम में लिया गया था। इस पर्वत में अभी भी धारदार लकीरे यहां पर घूमने वाले पर्यटकों को दिखती है। ऐसा लगता है कि यह निशान किसी गाड़ी के टायर के निशान है। इस पर्वत के ऊपर एक विशाल शंख है जोकि यहां के लोगों का मानना है कि यही शंख से (समुद्र मंथन के दौरान मिला विश) भगवान शिव ने विश पिया था।

tourist places Bihar, mandar hill parvat | मंदार इतिहास हिंदी में

मंदार हिल
मंदार हिल tourist places bihar (बिहार)

tourist places Bihar, mandar hill पुरातत्ववेत्ताओं के अनुसार से इस मंदार पर्वत मैं अधिकांश मूर्तियां उत्तर गुप्त काल की हैं। इस मंदार के सबसे ऊपरी हिस्से में एक मंदिर भी है, जिसमें की एक प्रस्तर पर पद चिन्ह बना हुआ है। यहां के लोगों का मानना है कि यह पद चीन भगवान विष्णु के हैं। और जैन धर्म के मानने वाले इस चिन्ह को भगवान वासुपूज्य के चरण चिन्ह बताया गया है। मंदार पर्वत के दर्शन के लिए बहुत दूर-दूर से पर्यटक आते हैं दर्शन करने के लिए और घूमने के लिए भी आते हैं। tourist places bihar, इस पर्वत पर यत्र तत्र अनेक सुंदर मूर्तियां भी मौजूद है। जिनमें शिव सिंह वाहिनी दुर्गा नरसिंह इत्यादि की प्रतिमा है इस पर्वत पर है और इसके साथ साथ चतुर्भुज विष्णु और भैरव की प्रतिमा अभी भागलपुर संग्रहालय में रखी हुई है। bhagalpur to mandar hill train भागलपुर से मंदार हिल के लिए बहुत सारी ट्रेन आती जाती है भागलपुर से रेलवे मार्ग की दूरी लगभग 50 किलोमीटर पढ़ती है। यदि आप घूमने के लिए मंदार पर्वत आते हैं तो आपको भागलपुर से ही बस या ट्रेन की सुविधा मिल सकती है और कहीं भी जगह से मिलती है परंतु भागलपुर से होते हुए जाते हैं। tourist places bihar (बिहार) 

chandan dam banka bihar | चंदन डैम बांका बिहार

tourist places bihar, चंदन डैम Bihar (बिहार) राज्य के बांका जिला में झारखंड के सीमावर्ती क्षेत्र और बांका जिला के सीमा पर स्थित है यह डैम किसानों के लिए बहुत फायदेमंद है क्योंकि किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलती है वैसे तो जिले में छोटे-बड़े कुल 8 डैम मौजूद है। इस डैम का निर्माण 1962 में किया गया था। इस डैम से 80 हजार एकड़ भूमि की सिंचाई होती थी। जिसमें भागलपुर बांका और झारखंड के गोड्डा जिले में पानी की सुविधा दी जाती थी। chandan dam | चंदन डैम की कुल कैचमेंट एरिया लगभग 1 लाख 10 हजार क्यूसेक एकड़ पहले होती थी अब इस डैम में गाद भर जाने के कारण इसकी कैचमेंट एरिया बहुत ही ज्यादा कम गई है। अब इस डैम को सफाई के लिए सीएम ने घोषित कर दिया गया है। कुछ दिनों के बाद चंदन डैम की पूरी तरह से सफाई हो जाएगी और यहां के किसानों की सिंचाई की बहुत बड़ी समस्या का निदान होने वाला है। और यहां के किसान रबी और खरीफ क्षेत्र इस डैम के भरोसे कर लेते थे। यह डैम पर्यटन के रूप में कुछ समय के बाद जाने जाएंगे और यहां पर घूमने के लिए भी एक टूरिज्म प्लेस अविष्कार होने जा रहा है जो कि यहां पर बहुत ही सारे पर्यटक घूमने के लिए भी आ सकते हैं। tourist places bihar,

tourist places bihar, odhni dam | ओढ़नी डैम

tourist places bihar, ओढ़नी डैम बांका जिले के मुख्यालय से लगभग 12 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। यह डैम पर्यटन स्थल के रूप में बनाया गया है इस डैम में नोखा बिहार शुरू करने के बाद लोगों का मन ओढ़नी डैम अपनी ओर आकर्षित करता है। इस डैम से यहां के गांव के आसपास के लोगों को एक रोजगार के रूप में काम मिल गया है यहां पर नौका विहार के रूप में रोजगार मिला हुआ है और यहां से इन सभी लोगों को कहीं दूर कमाने के लिए नहीं जाना पड़ेगा। इस डैम को बहुत ही ज्यादा विकसित किया जा रहा है यहां पर जल्द ही कैंटिंग, पार्किंग, एडवेंचर स्पोर्ट्स इत्यादि की व्यवस्था भी की जा रही है और पर्यटकों को भयमुक्त होकर इस पर्यटन स्थल पर मनोरंजन करने के लिए अवश्य आएंगे। यह डैम बहुत ही खूबसूरत जगह पर है यहां का वातावरण बहुत ही शुद्ध रहता है और इसी कारण वजह से यहां पर पर्यटक घूमने के लिए अपने परिवार के साथ आते हैं। और रोजाना यहां पर सैकड़ों की जनसंख्या में भीड़ लगती है। tourist places bihar

tourist places bihar, lattu pahar temple | लट्टू पहाड़ मंदिर

tourist places bihar, लट्टू पहाड़ी मंदिर बिहार राज्य के बांका जिले में चंदन गांव में स्थित है। इस मंदिर में भगवती काली जी की प्रतिमा है। इस मंदिर में बहुत ही काफी मात्रा में पर्यटक पूजा करने के लिए आते हैं और यहां पर बहुत ही सुंदर व्यवस्था भी की गई है। यहां पर साल में एक बार बहुत ही धूमधाम से मेला के रूप में पूजा की जाती है और इस दौरान इस मंदिर में बहुत ही ज्यादा भीड़ पड़ती है। tourist places bihar,

tourist places bihar, तो दोस्त हमने बिहार राज्य के बांका जिले में बहुत ही सुंदर सुंदर पर्यटन स्थल के बारे में जाने और यहां का कुछ ऐसे पर्यटन स्थल है जो कि पर्यटकों को मनमोह लेता है और बहुत सी जानकारी ऊपर बताई गई है बांका जिले के बारे में और banka pin code, mandar hill image, bhagalpur to mandar hill train distance, mandar hill Bihar इन सभी पर्यटन स्थल के बारे में अच्छी तरह से जाने हैं अब हम बिहार राज्य के बेगूसराय जिले के बारे में जाने के तो दोस्त बने रहे दिलचस्प पर्यटन स्थल के बारे में जानने के लिए तो चलते हैं बिहार राज्य के begusarai zila के बारे में और यहां के पर मुख्य पर्यटन स्थल के बारे में जानेंगे, tourist places bihar,

tourist places bihar, begusarai bihar | बेगूसराय बिहार

बेगूसराय बिहार
बेगूसराय बिहार tourist places bihar (बिहार)

tourist places bihar, बेगूसराय जिला भारत देश के Bihar (बिहार) राज्य में स्थित प्रमुख जिला है, यह जिला मुंगेर प्रमंडल के अंतर्गत आते हैं। इस जिले का नाम बेगूसराय इसलिए पड़ा था की भागलपुर की बेगम तीर्थ यात्रा के लिए गंगा किनारे आती थी वह इस जगह पर एक महीना के लिए रुकती थी इस जगह का नाम सिमरिया घाट के नाम से जाना जाता है इस जगह को काफी पवित्र जगह माना जाता है (और यहां पर दूर-दूर से पर्यटक कई पर्व त्यौहार में स्नान करने के लिए आते हैं और यहां से पवित्र जल को अपने साथ घर लेकर जाते हैं पूजा करने के लिए) और यही वजह है कि इस जिले का नाम बेगम (रानी) + सराय (सराय) इन दोनों शब्द को जोड़कर बेगूसराय नाम पड़ा तभी से बेगूसराय नाम से जाने जाते हैं। यह जिला 1870 ईसवी में मुंगेर जिले के एक अनुमंडल के रूप में स्थापित किया गया था फिर 1972 मैं इसे मुंगेर जिला से अलग करके एक स्वतंत्र जिला बनाया गया है। tourist places bihar,

बेगूसराय बाउंड्री (चौहद्दी) | begusarai mp

tourist places bihar, यह जिला गंगा नदी के उत्तरी किनार पर स्थित है बेगूसराय जिले के उत्तर में समस्तीपुर जिला, दक्षिण में गंगा नदी और लखीसराय जिला, पूर्व में खगड़िया और मुंगेर जिला और पश्चिम में समस्तीपुर और पटना जिला पड़ती है। begusarai pin code 851101, tourist places bihar

tourist places bihar, Begusarai written update | बेगूसराय लिखित अद्यतन

tourist places bihar, बेगूसराय जिला भौगोलिक क्षेत्रफल लगभग 1918 वर्ग किलोमीटर में फैली हुई है, और 2011 की जनसंख्या के अनुसार बेगूसराय जिले की जनसंख्या कुल 29.67 लाख है। और यहां पर सबसे ज्यादा जनसंख्या पुरुष की जो कि 15.67 लाख है और महिलाओं की संख्या 14.02 लाख है। बेगूसराय जिला में 5 अनुमंडल है जो कि बेगूसराय, बलिया, तेघरा, मंझौल और बखरी इन सभी अनुमंडल में बांटा गया है। बेगूसराय जिले के अंतर्गत कुल 18 प्रखंड है और begusarai अनुमंडल को कुल 5 प्रखंड हैं जोकि बेगूसराय, बरौनी, मातिहानी, बीरपुर और समहो आखा कुढा बेगूसराय मंडल को इन सभी प्रखंडों में बांटा गया है।

tourist places bihar, बालिया अनुमंडल  3 प्रखंड हैं, जोकि बलिया डंडारी और साहेबपुर कमल इन तीनों प्रखंड में बांटा गया है। तेघरा अनुमंडल में चार प्रखंड है जो कि तेघरा बछवारा भगवानपुर और मंसूरचक इन चारों अनुमंडल में बांटा गया है। मंझौल अनुमंडल मैं तीन प्रखंड है जो कि चेरिया बरियारपुर छोडाही और खुदाबंदपुर इन तीनों प्रखंडों में बांटा गया है। और बखरी अनुमंडल में कुल 3 प्रखंड है जो कि बकरी गढ़पुरा और नोकोठी इन तीनों प्रखंड में मौत आ गया है। बेगूसराय जिला में ग्राम पंचायत के कुल संख्या 229 और गांव की संख्या 1229 है। बेगूसराय जिले के अंतर्गत एक लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र और 7 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र बेगूसराय और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र है। tourist places bihar,

tourist places bihar, begusarai weather | बेगूसराय मौसम

tourist places bihar, बेगूसराय का मौसम गर्मी के दौरान बहुत ही काफी गर्मी पड़ती है यहां का तापमान गर्मी में लगभग 35 डिग्री सेल्सियस है 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचती है और कभी कभी 50 डिग्री सेल्सियस भी पहुंच जाती है उस समय बेगूसराय जिले का बहुत ही गर्मी पड़ती है और मानसून के दौरान यहां का मौसम में बहुत ज्यादा परिवर्तन आता है इस समय begusarai temperature लगभग 25 डिग्री सेल्सियस से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है मॉनसून के महीने में यहां पर घूमने का अच्छा नजारा है और इस दौरान यहां का मौसम बारिश पड़ने की वजह से ठंडा पानी रहता है। और जिस दिन तेज धूप निकलती है उस दिन गर्मी भी बहुत काफी पड़ती है। सर्दी के दौरान यहां का वातावरण बहुत ही शूद्र आता है और यहां पर सबसे ज्यादा महत्व सर्दी के दौरान घूमने के लिए है यहां पर आप अच्छी तरह से घूम सकते हैं और इस समय यहां का तापमान लगभग 10 डिग्री सेल्सियस से 15 डिग्री सेल्सियस तक रहती है इस समय में पर्यटक यहां पर काफी मात्रा में घूमने के लिए आते हैं। tourist places bihar,

बेगूसराय जिले में सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल के बारे में अब जानेंगे। | begusarai tourism place

tourist places bihar, naulakha temple | नौलखा मंदिर बेगूसराय जिले के बिशनपुर में स्थित है इस मंदिर का निर्माण 1953 में संत महावीर दास ने करवाया था। इस मंदिर को बहुत ही प्रसिद्ध मंदिर माना जाता है। उस समय इस मंदिर को बनाने में ₹9.00 लाख खर्च पर आता जिसके कारण इस मंदिर का नाम नौलक्खा मंदिर रख दिया गया था। इस मंदिर में भगवान श्री राम लक्ष्मण और सीता की प्रतिमा देखने के लिए मिलता है।  इस मंदिर के सामने एक छोटा सा गार्डन भी है और यहां पर घूमने के लिए दूर दूर से लोग आते हैं और यहां पर पूजा भी करते हैं। इस मंदिर के प्रांगण में मंदिर के बाहर से हैं पूजा करते हैं मंदिर की गृह में मंदिर के पुजारी प्रवेश नहीं करने देते हैं अभी आप फुल प्रसाद चढ़ाते हैं तो आप वहां के पुजारी को देखकर फुल प्रसाद चढ़ा सकते हैं या तो आप बाहर में भी कुछ स्थान है वहां पर भी आप फुल प्रसाद चढ़ा सकते हैं। यह मंदिर बेगूसराय रेलवे स्टेशन से लगभग 3 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। tourist places bihar

kanwar lake bird sanctuary | कंवर झील पक्षी अभ्यारण

tourist places bihar, यह झील बिहार राज्य के बेगूसराय जिले के शहर से लगभग 22 किलोमीटर उत्तरी पश्चिम में स्थित है। यह गंगा की एक सहायक गंडक नदी के बहने के कारण बनी हुई है। एक घंटा मानसून के महीने में लगभग 1.5 किलोमीटर की गहराई तक बढ़ जाती है। और शुष्क मौसम के दौरान दलदली भूमि सूख जाती है और कृषि के लिए उपयोग की जाती है और इसमें सबसे महत्वपूर्ण जैव विविधता मौजूद है जिसमें की 165 प्रजाति के पौधे और 394 प्रजाति के पशु भी पाई जाती है जिनमें 221 प्रजाति के पक्षी भी शामिल है। और इसमें 50 से अधिक प्रजातियों के मछली जैव विविधता के लिए मूल्यवान अस्थल भी है। इसकी स्थापना 1987 ईस्वी में किया गया था। और यह लगभग 67.5 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। यदि आप इस जगह पर घूमना पसंद करते हैं तो इस जगह के सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन जोकि बेगूसराय रेलवे स्टेशन है और रेलवे स्टेशन के बगल में ही बस स्टैंड भी है यदि आप हवाई मार्ग से आना चाहते हैं तो यहां के सबसे नजदीक की हवाई अड्डा पटना जयप्रकाश हवाई अड्डा है। जो कि यहां से लगभग 140 किलोमीटर दूरी पड़ता है। यह जगह टूरिज्म प्लेस के लिए प्रसिद्ध माना गया है। tourist places bihar

tourist places bihar, begusarai museum | बेगूसराय संग्रहालय

tourist places bihar, यह म्यूजियम बेगूसराय जिले के रेलवे स्टेशन के निकट स्थित है इस संग्रहालय में बहुत ही काफी मात्रा में पर्यटक देखने के लिए आते हैं यहां पर बौद्ध कला, मौर्य कला, मुगल कला, से लेकर पाल कालीन पुरावशेष भी देखने के लिए मिलता है। बेगूसराय संग्रहालय की स्थापना 1981 में हुई था। begusarai museum time यह संग्रहालय सुबह 10:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक खुली रहती है लेकिन यह सोमवार के दिन बंद रहता है। बेगूसराय जिले के अंतर्गत एक और म्यूजियम है जिसका नाम indian museum हैं। बेगूसराय जिला के अंतर्गत ऐसे ऐसे पर्यटन स्थल हैं जो कि पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करता है जैसे jaimangal garh temple, ajatshatru fort यह सब जगह बेगूसराय जिले को बहुत ही प्रसिद्ध पर्यटन स्थल दिया गया है। tourist places bihar,

tourist places bihar, पटना और बेगूसराय मार्ग की दूरी के बारे में जानेंगे patna to begusarai distance लगभग 127.4 किलोमीटर की दूरी पड़ती है। begusarai to bhagalpur distance लगभग 136 किलोमीटर की दूरी पड़ता है। patna to begusarai bus पटना से बेगूसराय बस स्टैंड की दूरी लगभग 127 किलोमीटर भर्ती है और पटना से बेगूसराय के लिए बस शुभ है से लेकर रात 11:00 बजे तक मिलती है। patna to begusarai train पटना से बेगूसराय ट्रेन मार्ग की दूरी लगभग 122 किलोमीटर पड़ती है। और पटना से बेगूसराय के लिए ट्रेन आने जाने के लिए बहुत सी गाड़ी आती जाती है। tourist places bihar,

tourist places bihar, तो दोस्त हमने बेगूसराय जिले के कुछ प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में जाने हैं और यहां के आसपास के शहर के डिस्टेंस के बारे में भी जाने अब हम बिहार राज्य के bhagalpur Jilla जिले के बारे में जानेंगे और यहां का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में भी जानेंगे तो बने रहिए हमारे पोस्ट की ओर चलते हैं और जानते हैं भागलपुर जिले के बारे में और यहां के सबसे प्रमुख टूरिज्म प्लेस के बारे में भी जानेंगे।

bhagalpur bihar | भागलपुर बिहार

भागलपुर बिहार
भागलपुर बिहार

tourist places bihar, भागलपुर जिला भारत देश में बिहार राज्य के दक्षिण क्षेत्र में स्थित है भागलपुर जिला सबसे प्रसिद्ध विक्रमशिला विश्वविद्यालय | vikramshila university तथा तिलका मांझी के लिए भागलपुर सबसे ज्यादा प्रसिद्धि माना जाता है। यह जिला 1765 में बिहार बंगाल और उड़ीसा की दीवानी ईस्ट इंडिया कंपनी को दी गई थी और उस समय यह मुंगेर जिले का हिस्सा रहा था। फिर कुछ समय के बाद 1832 ईस्वी में मुंगेर से अलग करके इससे भागलपुर जिला घोषित कर दिया गया था। भागलपुर जिला लगभग 2569 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैली हुई है। 2011 की जनगणना के अनुसार यहां की जनसंख्या लगभग 30.38 लाख है।  भागलपुर जिले के उत्तरी दिशा में कटिहार पूर्णिया और मधेपुरा जिला आता है और दक्षिण दिशा में बांका जिला, पूर्व में झारखंड का साहिबगंज और गोड्डा जिला तथा पश्चिम में खगड़िया और मुंगेर जिला पड़ता है। भागलपुर जिले के अर्थव्यवस्था कृषि और छोटे व्यापार पर निर्भर करती है यह गंगा नदी के मैदानी क्षेत्र होने के कारण भागलपुर जिले के मिट्टी बहुत ही उपजाऊ होती है इस जिले में सबसे प्रमुख फसल गेहूं, धान, मक्का, जो, दलहन और तिलहन इन सभी फसल उगाई जाती है। bhagalpur pin code 812001

tourist places bihar, bhagalpur weater | भागलपुर मौसम यहां का मौसम गर्मी के दौरान बहुत ही काफी गर्मी पड़ती है इस समय temperature in bhagalpur लगभग 40 डिग्री से 45 डिग्री सेल्सियस तक रहती है इसी दौरान bhagalpur temperature बढ़ते घटते रहती हैं। इस समय पर्यटक को घूमने के लिए बहुत ही दुखद साबित होगा। और यहां पर मानसून के महीने में थोड़ी बहुत ठंड रहती है इस समय भी गर्मी पाई जाती है जिस दिन बारिश होती है उस दिन यहां पर हल्की ठंड महसूस होती है और यहां के लोगों को राहत की सांस मिलती है।  सर्दी इस समय में यहां पर बहुत ही खूबसूरत नजारा देखने के लिए मिलता है इस समय में यहां के लोग और यहां पर आने वाले सभी लोग बहुत ही सुखद महसूस करता है और इसी समय में यहां के पर्यटन स्थल घूमने का सबसे अच्छा समय है। और यहां पर आने जाने के लिए सबसे बड़ी सुविधा bhagalpur airport (भागलपुर एयरपोर्ट) की सुविधा दी गई है। और यहां पर इन सभी के अलावा diet bhagalpur प्रसिद्ध है। tourist places bihar,

tourist places bihar, vikramshila university | विक्रमशिला विश्वविद्यालय

tourist places bihar, विक्रमशिला विश्वविद्यालय भागलपुर जिले के एक प्रमुख के विश्वविद्यालय है जो कि भागलपुर से लगभग 38 किलोमीटर दूरी अंतीचक गांव में स्थित है। इस विश्वविद्यालय का निर्माण 770 से लेकर 810 ईसा पूर्व तक निर्माण चला था। इस विद्यालय का निर्माण पाल वंश के शासक धर्मपाल ने करवाया था। यहां के लोगों का मानना है कि धर्मपाल ने यहां दो चीजों से प्रभावित होकर इस विश्वविद्यालय का निर्माण करवाया था। एक लोकप्रिय तांत्रिक केंद्र था जोकि कोसी और गंगा नदी से घिरा हुआ था दूसरा स्थान उत्तरवाहिनी गंगा के समीप होने के कारण श्रद्धालुओं का एक प्रमुख केंद्र बना रहा था, यहां मां काली और भगवान शिव दोनों के प्रतिमा मंदिर में है। bhagalpur to patna आने जाने के लिए बस और ट्रेन के माध्यम से भी जा सकते हैं और आ सकते हैं। tourist places bihar,

tourist places bihar, vikramshila gangetic dolphin sanctuary | विक्रमशिला गंगा डॉल्फिन अभ्यारण यह अभ्यारण पर्यटकों के लिए बहुत ही आकर्षक होता है यह डॉल्फिन से भरा गंगा की सबसे प्रमुख आकर्षण स्थल माना जाता है। इन चीजों को पहले के समय में लुप्तप्राय घोषित कर दिया गया है। vikramshila sanctuary में मीठे पानी मिलती है। किस अभ्यारण में कछुए भी मौजूद है और 135 अन्य प्रजातियों के जीव भी रहते हैं यहां पर यात्रा करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय अक्टूबर और जून का महीना होता है इस महीने के दौरान यहां पर पर्यटक बहुत ही मस्तियां करने के लिए आते हैं इसे tourism place का बहुत ही महत्व दिया गया है। patna to bhagalpur distance लगभग 221 किलोमीटर पड़ता है। bhagalpur to purnia distance लगभग 88.7 किलोमीटर नेशनल हाईवे से दूरी पड़ता है। tourist places bihar,

tourist places bihar, where is mandar parvat | मंदार पर्वत कहां है।

tourist places bihar, mandar parvat | मंदार पहाड़ी भागलपुर जिले से लगभग 48 किलोमीटर दूरी पर बांका जिले में स्थित है यहां के लोगों का मानना है कि समुद्र मंथन के दौरान mandar hill parvat  का निर्माण हुआ था।

tourist places bihar, kuppaghat bhagalpur bihar | कुप्पा घाट भागलपुर बिहार के गंगा नदी के तट पर स्थित है। गुफा का अर्थ है गुफा या सुरंग और घाट यह एक संत महर्षि जी का kuppaghat ashram के लिए प्रसिद्ध हैं। यह एक स्थान है जो नदी के तट पर स्थित है कुप्पाघाट गंगा नदी का एक तत्पर स्थित है जो लोगों का मानना है कि पौराणिक कथाओं के अनुसार महान संत महर्षि जी ने इस गुफा में कई महीनों तक चटाई पर बिताए थे। कुप्पाघाट में खूबसूरत बगीचे भी मौजूद है जिनका रामायण में उल्लेख भी किया गया है। यहां के लोगों का मानना है कि भगवान बुध का जन्म kuppaghat bhagalpur क्षेत्र में हुआ था। tourist places bihar

tourist places bihar, aigaivinath temple | अजगैबीनाथ मंदिर

tourist places bihar, यह aigaivinath temple sultanganj bhagalpur में स्थित है। अजगैबीनाथ मंदिर के निचले हिस्से में कटाव शुरू हो गया है। कटाव को रोकने के लिए कोई प्रयास यहां के पर्यटन विभाग के द्वारा प्रयास नहीं किया जा रहा है बीते 2 वर्ष में मंदिर प्रबंधन करीब 800 फीट के दायरे में सीढ़ी का निर्माण किया जा रहा है। लेकिन किसी तरह कटरा आपको यहां पर्यटन विभाग को रोकने के लिए जरूर आना चाहिए। इस कटाव के कारण सब कुछ बह जाएगा। tourist places bihar,

tourist places bihar, sultanganj bihar | सुलतानगंज बिहार

सुलतानगंज बिहार
सुलतानगंज tourist places bihar (बिहार)

tourist places bihar, सुल्तानगंज बिहार राज्य के भागलपुर जिले में एक ऐतिहासिक स्थल है। सुल्तानगंज को गंगा के किनारे बसा हुआ एक पवित्र शहर भी माना जाता है। यहां से सावन के महीने में लाखों की संख्या में शिव भक्त कॉंवड़ियों गंगा नदी से गंगाजल भरकर लगभग 150 किलोमीटर की यात्रा पैदल तय करते हुए झारखंड में स्थित देवघर में बैजनाथ धाम मंदिर जाकर वहां जल चढ़ाते हैं। बाबा बैद्यनाथ धाम भगवान शिव के ज्योतिर्लिंगों में एक माना जाता है। sultanganj | सुल्तानगंज हिंदू तीर्थ के अलावा बौद्ध धर्म के लिए भी विख्यात है। सुल्तानगंज बहुत ही पवित्र आस्थान है यहां से सभी भक्ति इस नदी में स्नान करते हुए और गंगाजल को लेकर शिव के लिंग पर चढ़ाते हैं और इसी होकर सभी भक्तों भगवान शिव की पूजा आराधना करने के लिए जाते हैं सुल्तानगंज को बहुत ही पवित्र स्थल माना गया है यहां पर सावन और भादो के महीने में अत्यधिक मात्रा में भीड़ लगती है।

tourist places bihar, उससे भी ज्यादा सावन और भादो में सोमवार के दिन बहुत ही काफी मात्रा में जल चढ़ाने के लिए पर्यटक देवघर में भीड़ जमा होती है और वहां पर पूजा करने से भक्तों के मनोकामनाएं जरूर पूरी होती हैं भगवान शिव जी सावन के महीने देव घर द्वार में ही रहते हैं ऐसा माना गया है। sultanganj to deoghar distance लगभग 150 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। भागलपुर में और कई टूरिज्म प्लेस है जो कि बहुत ही अपने आप में प्रसिद्ध माना जाता है, tourism place near me khanqah e shahbazia,  budhanath mandir bhagalpur, champapur jain temple, budhanath temple यह सभी पर्यटन स्थल अपने आप में बहुत ही खूबसूरत है इन सभी जगह पर पर्यटक घूमने के लिए जरूर जाते हैं।

tourist places bihar, तो दोस्त हमने भागलपुर के इतिहास के बारे में जाने और यहां के कुछ प्रमुख पर्यटन स्थल जैसे Sultanganj, budhanath temple bhagalpur, Mandar parvat और कई अन्य पर्यटन स्थल के बारे में अच्छी तरह से जानकारी मिल गई होगी तो याद बिहार राज्य के भोजपुर जिले के बारे में जानेंगे और यहां के tourism place के बारे में भी जानेंगे यहां का सबसे महत्वपूर्ण जगह घूमने के लिए कौन सा है तो दोस्त बने रहे मेरे पोस्ट के साथ और चलते हैं भोजपुर जिले के बारे में जानने के लिए और यहां की विशेषताएं क्या होती है। tourist places bihar,

bhojpur bihar | भोजपुर बिहार

tourist places bihar, भोजपुर जिला का उदय 1970 ईस्वी में हुआ था। इससे पहले यह शाहाबाद जिला का हिस्सा रहा था। फिर कुछ समय बाद 1972 ईस्वी में शाहाबाद जिला को दो हिस्सों में बांट दिया गया बक्सर तथा भोजपुर में बांट दिया गया। फिर कुछ समय बाद 1993 में भोजपुर को बांट और बक्सर एक स्वतंत्र जिला बन गया था। आरा शहर भोजपुर जिला का सबसे प्रमुख शहर बन गया और जिला का हेड क्वार्टर भी बना दिया गया है। भोजपुर जिले की 2011 के जनगणना के अनुसार यहां की आबादी 2,720,155 हैं। भोजपुर जिला लगभग 2395 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। bhojpur district में लगभग 14 प्रखंड और 1209 गांव और एक नगर निगम और इसमें कुल पुलिस स्टेशन 36 है bhojpur में 3 भाषाएं बोली जाती है। bhojpur pin code 802301, tourism place near me Bhojpur temple जोकि अपने आप में यह बहुत ही प्रसिद्ध है यह मंदिर भोजपुर जिले में स्थित है यहां पर हजारों की संख्या में पर्यटक दर्शन करने के लिए जाते हैं। और यहां पर बहुत सारी पर्यटन स्थल घूमने के लिए है और यहां पर अनेक मंदिर भी है जो कि jani temple, parvati cave, bhojeswar temple, bhoja’s royal palace, tourist places bihar, और कई भोजपुर जिले में पर्यटन स्थल है सबसे खास बात तो यह है यहां पर rock drawing and quarries यहां का सबसे प्रसिद्ध स्थल माना जाता है। tourist places bihar,

tourist places bihar, तो दोस्त हमने भोजपुर जिले के बारे में बताया और यहां के प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में भी जाने और bhojeshwar temple timing के बारे में भी जाने की यह कितने समय से कितने समय तक खुली रहती है। अब हम बात करने वाले हैं बक्सर जिले के बारे में और यहां का सबसे प्रमुख य पर्यटन स्थल के बारे में जानेंगे। tourist places bihar,

buxar Bihar | बक्सर बिहार

बक्सर बिहार
बक्सर tourist places bihar (बिहार)

tourist places bihar, baksar jila बिहार राज्य के पश्चिम भाग में गंगा नदी के तट पर स्थित एक ऐतिहासिक शहर माना जाता है। बक्सर जिले के अर्थव्यवस्था खेती-बाड़ी पर आधारित है यह शहर धार्मिक स्थल के नाम से भी जाना जाता है। प्राचीन काल में इस शहर का नाम व्याघ्रसर था। क्योंकि पहले के जमाने में यहां पर बांधों का निवास हुआ करता था और यहां पर एक बहुत बड़ा सरोवर भी था जिसके परिणाम स्वरूप इस जगह का नाम व्याघ्रसर पड़ गया। buxar की 2011 के जनगणना के अनुसार यहां की जनसंख्या लगभग 1,707,643 हैं। buxar pin code 802101

tourist places bihar, buxar war | बक्सर युद्ध

tourist places bihar, battle of buxar बक्सर की लड़ाई 1764 ईस्वी बक्सर का युद्ध भी इतिहास के पन्नों पर आते हैं इस नाम का एक जिला भी है इसका नाम शाहाबाद जो कि buxar district के अनुमंडल के अंतर्गत आते हैं baksar ka yudh | बक्सर के युद्ध परिणामस्वरूप निचले बंगाल का अंतिम रूप ब्रिटिश अधिकरण हो गया था यहां मान्यता के अनुसार महान पवित्र स्थल के रूप में पहले इसका मूल नाम वेदगर्व था। इसका संबंध भगवान राम के प्रारंभिक जीवन से भी जोड़ा जाता है। Buxar weather | बक्सर मौसम यहां का वातावरण बहुत ही शुद्ध रहता है गर्मियों के दौरान में buxar temperature बहुत ही अत्यधिक मात्रा में पाए जाते हैं यहां पर सबसे अच्छा समय घूमने के लिए अक्टूबर और मार्च के मौसम में है इस समय में पर्यटक बहुत ही शांति पूर्वक से आनंद लेते हैं यहां आकर इस समय पर्यटकों के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है। baksar pincode 802101 patna to buxar distance लगभग 144 किलोमीटर नेशनल हाईवे (NH922) से दूरी पड़ता है। patna to buxar train लगभग 1 से 2 घंटा का समय लगता है पटना से बक्सर जाने का ट्रेन के माध्यम से और यहां से यदी आप एक्सप्रेस से यात्रा करते हैं तो आपको मात्र एक घंटा 20 मिनट समय लगेगा। buxar railway station यह स्टेशन रोड सिविल लाइन, baksar jila, पिन कोड 802101 यह स्टेशन का पता है। इसके माध्यम से आप स्टेशन तक पहुंच सकते हैं। buxar in which state बक्सर बिहार राज्य में पड़ता है। यहां पर प्रमुख मंदिरों भी है जो कि bihariji temple यहां का सबसे प्रसिद्ध मंदिर माना जाता है। tourist places bihar,

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tourist places bihar, तो दोस्त हमने बक्सर जिले के बारे में कुछ अच्छी तरह से जानकारी लिए हैं और यहां के पर्यटन स्थल के बारे में भी जानने हैं। और यहां के प्रमुख मंदिर bihariji temple, buxar photos अब हम बिहार राज्य के दरभंगा जिले के बारे में जानेंगे और यहां के पर्यटन स्थल के बारे में भी अच्छी तरह से जानेंगे तो दोस्त बने रहिए दिलचस्पी पर्यटन स्थल के बारे में जानने के लिए।

darbhanga bihar | दरभंगा बिहार

दरभंगा बिहार
दरभंगा tourist places bihar (बिहार)

tourist places bihar, दरभंगा जिला बिहार राज्य के 38 जिलों में से एक ऐतिहासिक जिला है इस जिला का गठन 1 जनवरी 1875 ईस्वी में हुआ था। इस जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल लगभग 2279.29 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। दरभंगा जिले के उत्तरी हिस्से में मधुबनी जिला पड़ता है दक्षिणी हिस्से में समस्तीपुर पूरब के हिस्से में सहरसा तथा पश्चिम के हिस्से में सीतामढ़ी एवं मुजफ्फरपुर जिले है। इस जिले को तीन अनुमंडल और 18 प्रखंडों में बटा हुआ है। दरभंगा शहर 16वीं शताब्दी में दरभंगा राज की राजधानी हुआ करती थी। ब्रिटिश सरकार ने 1850 ईस्वी में दरभंगा शहर को अनुमंडल बनाया और 1864 ईसवी में दरभंगा शहर नगर निकाय बनाया गया। और 1972 ईस्वी में स्वतंत्रता के पश्चात दरभंगा को प्रखंड का दर्जा देकर मधुबनी तथा समस्तीपुर को इसके अंतर्गत रखा गया था। Darbhanga pin code  846001

tourist places bihar, Darbhanga airport | दरभंगा एयरपोर्ट

दरभंगा एयरपोर्ट बिहार राज्य के दरभंगा जिले में स्थित है दरभंगा एयरपोर्ट का निर्माण महाराजा कामेश्वर सिंह ने निजी और उनके लिए दरभंगा हवाई अड्डा का निर्माण करवाया था। इसके रनवे पर महाराजा का ही विमान पूरा करते थे इसके लिए द्वितीय विश्वयुद्ध 1939 से 1945 तक हुआ था। युद्ध के बाद उन्होंने दरभंगा एविएशन कंपनी बनाई और इसमें महाराजा की सेना द्वार इस्तेमाल किए गए 3 डगलस तीन विमान खरीदे थे। और वर्ष 1962 में भारत और चीन के बीच युद्ध के समय दरभंगा एविएशन को बंद कर दिया गया था और हवाई अड्डा का सेना ने अधिग्रहण कर लिया। यह हवाई अड्डा लगभग 54 साल के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हवाई चप्पल से हवाई जहाज के विजन ने मिथिला चंद दरभंगा शहर से सस्ती विमान सेवा की शुरुआत हुई है इस विमान सेवा से उत्तर बिहार के 22 जिले के लोगों को हवाई सेवा उपलब्ध हो सकेगी। यह हवाई अड्डा लगभग 2.3 एकड़ में फैली हुई है दरभंगा हवाई अड्डा का रनवे की लंबाई 2590 मीटर है।

tourist places bihar,  दरभंगा में हवाई सेवा शुरुआत होने से मिथिला कोसी और सीमांचल में रहने वाले लोगों को काफी फायदेमंद होंगे इस क्षेत्र के लोगों काफी संख्या में बेंगलुरु मुंबई और दिल्ली में रहते हैं इस बार दीपावली और छठ में इस क्षेत्र के जो लोग घर आएंगे उन्हें पटना हवाई अड्डा आने की जरूरत नहीं होगी। वह अपने दरभंगा हवाई अड्डा में ही उतरेंगे। दरभंगा हवाई अड्डा से उड़ने वाले विमान का समय विभिन्न शहरों का बारे में भी जानेंगे जैसे delhi to darbhanga flight सबसे पहला विमान 11:45 में दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। mumbai to darbhanga flight मुंबई से 12:10 में उड़ान भरी थी और दरभंगा में 2:30 में पहुंची। darbhanga to bangalore flight बेंगलुरु से यात्रियों को लेकर आने वाला सबसे पहला विमान 11:05 में लैंड हुआ था। और दरभंगा से बेंगलुरु के लिए 4:30 बजे रवाना हो गया था। ahmedabad to darbhanga flight अहमदाबाद के लिए सबसे पहले 9 सितंबर को यहां से उड़ान भरी थी। diet darbhanga यहां का आहार बहुत ही सुंदर और स्वादिष्ट रहता है और यहां के एयरपोर्ट के नजदीक की होटल का भी खाना शुद्ध रूप से मिलता है।

tourist places bihar, darbhanga weather | दरभंगा मौसम यहां का मौसम बहुत ही अच्छा रहता है क्योंकि यह गंगा नदी के किनारे हैं यहां पर घूमने वाले पर्यटन अक्टूबर मार्च के मौसम में अच्छा माना गया है क्योंकि इस समय दरभंगा का तापमान काफी कम रहता है और उस समय ठंड का भी मौसम रहता है। ठंड weather in darbhanga घूमने के लिए सबसे अच्छा समय होता है और यहां पर काफी लोग यात्रा के दौरान ही घूम लेते हैं क्योंकि यहां से एयरपोर्ट के माध्यम से एक घूमने का जरिया बन गया है। patna to darbhanga distance लगभग 138 किलोमीटर नेशनल हाईवे 27 के माध्यम से दूरी पड़ता है। patna to darbhanga के लिए बस भी मिलता है।

tourist places bihar, दरभंगा जिले के सबसे पर मुख्य पर्यटन स्थल भी है जो कि पर्यटक वहां पर घूमने के लिए भी जाते हैं यदि आप लोग दरभंगा मौका मिलता है तो घूमने के लिए एक बार इन सभी पर्यटन स्थल पर जरूर शेयर करें जो कि सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल माना गया है। जो कि shyama Kali temple, ahilya asthan, chandradhari museum, kusheshwar asthan bird sanctuary and darbhanga fort यह सभी tourism place दरभंगा को और सुंदर बनाता है। यह सभी पर्यटन स्थल एक बार जरूर घूमने का कोशिश करें अजी आप एक बार इन सभी पर्यटन स्थल पर जाते हैं तो आपका इच्छा दोबारा जरूर करेगा।

tourist places bihar, तो दोस्त हमने दरभंगा जिले के बारे में जाने और यहां के कुछ पर्यटन स्थल के बारे में भी जानने इसके अलावा यहां के हवाई अड्डे के बारे में भी विस्तार रूप से जानने और darbhanga to ahmedabad flight पहली बार कौन से समय में अहमदाबाद से दरभंगा के लिए उड़ान भरी थी। अब हम ईस्ट चंपारण मोतिहारी जिले के बारे में जानेंगे और यहां के सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में भी जानेंगे तो बने रहिए दिलचस्पी tourism palace के बारे में जानने के लिए तो चलते हैं आगे की ओर और जानते हैं east champaran के बारे में

east champaran bihar | पूर्वी चंपारण बिहार

पूर्वी चंपारण बिहार
पूर्वी चंपारण tourist places bihar (बिहार)

tourist places bihar, east champaran district | पूर्वी चंपारण जिला बिहार राज्य के तिरहुत प्रखंड का एक जिला है। चंपारण को विभाजित करके सन 1971 में बनाया गया है। (east champaran motihari) पूर्व चंपारण का मुख्यालय मोतिहारी है। चंपारण का नाम दो अलग हिस्सों से जोड़कर बनाया गया है। चंपा + अरण्य सब से बना है जिसका अर्थ होता है चंपा के पैरों से आच्छादित जंगल। पूर्वी चंपारण के उत्तरी हिस्से में नेपाल तथा दक्षिणी हिस्से में मुजफ्फरपुर स्थित है वहीं दूसरी ओर पूर्व में शिवहर और सीतामढ़ी तथा पश्चिम में पश्चिम चंपारण जिला स्थित है। यहां का किसान चावल, दाल, गन्ना और झूठ की खेती अत्यधिक मात्रा में करती है। यह क्षेत्र लगभग 3968 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैला हुआ है। 2011 के जनगणना के अनुसार यहां का जनसंख्या लगभग 50,52,665 हैं। east champaran pin code  845301

motihari bihar | मोतिहारी बिहार

tourist places bihar, मोतिहारी जिला बिहार राज्य के पूर्वी चंपारण जिले का मुख्यालय है। यह जिला पटना से लगभग 170 किलोमीटर दूरी पूर्वी चंपारण बिल्कुल नेपाल के सीमा पर बसा हुआ है इससे मोतिहारी के नाम से भी लोग जानते हैं इस जिले को ऐतिहासिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। इस जिले की भौगोलिक क्षेत्रफल लगभग 122 वर्ग किलोमीटर में फैली हुई है। और 2011 के जनगणना के अनुसार यहां का जनसंख्या लगभग 1,24,000 हैं। यहां पर 2 भाषाएं बोली जाती है हिंदी और उर्दू भाषाएं यहां का प्रमुख भाषाएं हैं। motihari weather यहां का मौसम काफी अच्छा रहता है motihari temperature गर्मी के दौरान यहां का तापमान लगभग 30 डिग्री सेल्सियस है 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है और अत्यधिक गर्मी पड़ने पर कभी-कभी 50 डिग्री सेल्सियस तक हो जाती है। यहां पर बारिश के समय में यहां का मौसम काफी अच्छा रहता है। और इस समय मैं यहां का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। motihari इस समय में भी पर्यटक को को घूमने के लिए सबसे अच्छा समय रहता है। ठंड के मौसम में यहां पर काफी सुंदर नजारा देखने को मिलता है और यहां के पवित्र मंदिर और पर्यटन स्थल को घूमने के लिए सबसे अच्छा समय रहता है इस समय के दौरान आप किसी भी समय आ सकते हैं घूमने के लिए और यहां पर नए साल के दिन अत्यधिक मात्रा में पर्यटन पिकनिक मनाने के लिए आते हैं। motihari pin code 845401

इस जिले के आसपास की शहरी की दूरी के बारे में भी जान लेते हैं patna to motihari लगभग 152 किलोमीटर नेशनल हाईवे से दूरी पड़ता है। muzaffarpur to motihari distance  लगभग 84 किलोमीटर नेशनल हाईवे से दूरी पड़ता है।

gandhi memorial chandrahiah | गांधी स्मारक चंद्रहया बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में एक गांव में स्थित है। जब गांधी जी 15 अप्रैल 1917 ईस्वी को मोतिहारी पहुंचे तो उसी रात उन्हें पता चला की जसौली पट्टी में अंग्रेज ने किसान पर अत्याचार किया है। तब जाकर गांधी जी ने किस उनसे मिलने के लिए हाथी पर सवार होकर निकले जब चंद्रिया पहुंचे तो अंग्रेज दरोगा ने गांधी जी को कुछ नहीं गुदान रहे थे इसके कारण गांधी जी ने इसके खिलाफ एसडीएम की अदालत में कानूनी लड़ाई लड़ी और सत्य के आधार पर उनकी जीत हुई और किसान पर अत्याचार होने से मुक्त हुए।

ईस्ट चंपारण में बहुत से सुंदर पर्यटन स्थल भी है जिसे देखकर पर्यटक आश्चर्यचकित हो जाता है और वहां पर जाने का इच्छा बार-बार करता है ऐसे ही कुछ जगह है जिसके नाम someshwar shiv mandir areraj, ashokan pillar, lauria areraj, gandhi sangrahalaya, Motihari, kesaria baudh stup, kesaria यह सभी पर्यटन स्थल बहुत ही घूमने के लिए अच्छा माना गया है। यहां पर tourism place के रूप में बहुत ही प्रचलित है। jalgaon water park यह वाटर पार्क मोतिहारी बेतिया रोड नेशनल हाईवे 28a पर छगराहा गांव में स्थित है।  pin code 845435

virat ramayan mandir यह मंदिर बिहार के पूर्वी चंपारण चकिया केसरिया नगर के निकट जानकीपुर में मंदिर है। इस मंदिर के प्रांगण में कूल देवताओं के मंदिर हैं इस मंदिर में सबसे मुख्य आराध्य भगवान राम जी का प्रतिमा बनाए गए हैं। यह मंदिर वैशाली से लगभग 60 किलोमीटर दूरी और पटना से लगभग 120 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। यह मंदिर बहुत ही विशाल मंदिर है। इस मंदिर को बनाने में 2014 में शुरू किया गया था यह मंदिर अभी पूर्णरूपेण से नहीं बनाई गई है, इस मंदिर का काम अभी चल ही रहा है। Moti jheel | मोती झील मोतिहारी झील का विशेष ऐतिहासिक महत्व है। इस झील के दोनों और का प्रवेश द्वार बहुत ही खूबसूरत है। यह जिम मोतिहारी के सबसे ज्यादा चर्चित पर्यटन स्थल में से एक माना जाता है और यहां पर आने वाले पर्यटक बड़ी संख्या में आते हैं इस दिल में वोटिंग सहित कुछ अन्य गतिविधियों भी होती है यहां से सूर्यास्त का नजारा मंत्रमुग्ध कर देने वाला होता है। इस झील पर शाम के समय में पर्यटक काफी जनसंख्या में घूमने के लिए आते हैं और यहां पर बहुत ही आनंद लेते हुए सूर्यास्त का नजारा भी देखते हैं। यदि आप बिहार आते हैं तो एक बार मोतिहारी झील जरूर शेयर कीजिएगा। यह  झील tourism place के लिए बहुत ही चर्चित स्थान है। इन सभी पर्यटन स्थल के अलावे यहां पर और भी कई पर्यटन स्थल भी है जो पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करता है जैसे areraj temple, aandhi museum and auditorium यह सभी पर्यटन स्थल बहुत ही खूबसूरत है और यहां पर घूमने के लिए काफी लोग आते हैं अभी आप कभी भी मोतिहारी जिला आते हैं तो इन सभी स्थान पर एक बार अवश्य जाएं। patna to motihari distance 120 km.

तो दोस्त हमने ईस्ट चंपारण मोतिहारी के बारे में जाने यहां का सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल के बारे में भी जाने अब हम Bihar (बिहार) राज्य के गया जिले के बारे में भी जानेंगे और यहां का सबसे महत्वपूर्ण बात भी जानेंगे और पर्यटन स्थल के बारे में भी जानेंगे तो दोस्त बने रहिए टूरिज्म प्लेस दिलचस्पी के बारे में जानने के लिए।

gaya bihar | गया बिहार

गया बिहार
गया tourist places bihar (बिहार)

gaya | गया भारत देश के Bihar (बिहार) राज्य में गया जिला स्थित एक नगर है। यह शहर बिहार राज्य का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। गया शहर में हिंदू बौद्ध और जैन धर्म में गहरा ऐतिहासिक महत्व है। gaya district का उल्लेख रामायण और महाभारत में मिलता है। गया शहर तीन छोटे पत्थरीली पहाड़ियों से गिरा हुआ है। इन तीनों पहाड़ियों का नाम मंगला गौरी, श्रृंग स्थान और ब्रह्मयोनि हैं। गया नगर के पूर्व में फल्गू नदी बहती है। गया शहर का नाम अत्रि ऋषि के पौत्र गया अहरि के नाम पर रखा गया है। हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का विशेष महत्व है। यहां के लोग पितरों को पूजा आराधना करते हैं और उसे मनाते हैं भी हैं और पितृ प्रसन्न होकर जीवन में आने वाली परेशानियों को दूर करते हैं और जीवन को सुख समृद्धि प्रदान करते हैं। यहां पर पितृ पक्ष में मेला का आयोजन किया जाता है, पितृ पक्ष की वजह से ही गया बिहार का एक मात्रा ऐसा शहर है, जिसे लोग गया जी कहते हैं बाहर से आने वाले पर्यटक गयाजी ही कहते हैं। bodh gaya | बोधगया बोध धर्म की राजधानी है। भगवान बुध जिस पीपल वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त किए थे वह बौद्ध वृक्ष बोधि स्थल का केंद्र बन गया है। 2011 के जनगणना के अनुसार यहां की जनसंख्या लगभग 4,70,839 हैं। gaya city | गया शहर के शहरी क्षेत्रफल लगभग 3863888 हैं। और देहाती क्षेत्रफल लगभग 4379383 हैं। gaya pin code 823001

gaya weater | गया मौसम यहां का मौसम बहुत ही अनुकूल मात्रा में रहता है। यदि आप गया शहर घूमने आते हैं तो अक्टूबर और मार्च के मौसम में सबसे अच्छा रहता है। यहां पर गर्मी के दौरान gaya temperature कभी-कभी अत्यधिक मात्रा में हो जाता है। temperature in gaya बारिश के मौसम में यहां का वातावरण बहुत ही शुद्ध और पहाड़ियों से गिरते पानी को बहुत ही अच्छा लगता है। और बारिश के मौसम में यहां पर थोड़ा बहुत ठंडा रहता है और इस समय में पर्यटक घूमने के लिए भी आते हैं और यहां पर मौज मस्ती भी करते हैं। सर्दी का मौसम यहां पर बहुत ही अच्छा मौसम रहता है। और यहां का सबसे महत्वपूर्ण घूमने वाले पर्यटन स्थान का जागरूकता भी हो जाता है क्योंकि इस समय में बहुत ही अधिक मात्रा में पर्यटक घूमने के लिए आते हैं और यहां पर काफी ठंडी पड़ती है जो कि पर्यटक अपने साथ घर मिले कपड़े लेकर आते हैं। iim bodh gaya | आईआईएम बोध गया भारतीय प्रबंधक संस्थान बोधगया बिहार में एक स्वात्त सार्वजनिक बिजनेस स्कूल है। यह संस्थान बोधगया मंदिर के शहर में स्थित है। यह संस्थान को जुलाई 2019 में 119 एकड़ में स्थायी परिसर में चला गया। या मगध विश्वविद्यालय परिसर में लड़के और लड़कियों के छात्रावास का गठन करता है जिसमें बैडमिंटन, वॉलीबॉल, फुटबॉल और बास्केटबॉल इत्यादि जैसे खेल के लिए सुविधाएं हैं। gaya to tu patna train पटना से गया के लिए दिन में प्रतिदिन चार ट्रेन है जिसका समय सुबह 7:40 है और फिर 1 घंटे के बाद सर 8:00 बजे सुबह है फिर कुछ देर के बाद 11:15 फिर दोपहर 1:20 में हैयह सभी ट्रेन पटना से गया के लिए रवाना होती है।

gaya airport | गया हवाई अड्डा यह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा Bihar (बिहार) राज्य के गया एवं बोधगया शहर के बीच स्थित है। यह हवाई अड्डा देश में सिर्फ कोलकाता से सीधे-सीधे जुड़ा हुआ है बौद्ध पर्यटन को देखते हुए यहां पर सन 2004 में भारत सरकार ने इस हवाई अड्डा का विकास सुनिश्चित किया गया था। वर्तमान में यह शहर श्रीलंका की राजधानी कोलंबो और थाईलैंड की राजधानी बैंकाक से हवाई संपर्क में है। delhi to gaya flight श्रीलंकन एअरलाइंस की जहाज हफ्ते में तीन बार गया दिल्ली के लिए जाती है जबकि इंडियन एअरलाइंस हफ्ते में 4 दिन बैंकॉक से उड़ान भरकर बरास्ता कोलकाता गया तक आती है।

mahabodhi temple history in hindi | महाबोधि मंदिर का इतिहास हिंदी में

mahabodhi temple
mahabodhi temple tourist places bihar (बिहार)

mahabodhi temple bodhgaya bihar | महाबोधि मंदिर बोधगया बिहार में इस मंदिर शहर के नाम से भी जाना जाता है। यहां का सबसे प्रसिद्ध मंदिर महाबोधि मंदिर है और विभिन्न धर्म तथा संप्रदाय के व्यक्ति इस मंदिर में आध्यात्मिक शांति के लिए आते हैं। 2002 ईस्वी में इस मंदिर को यूनेस्को ने वर्ल्ड हेरिटेज साइट घोषित किया था। बुद्ध के ज्ञान की यह भूमि आज बौद्धों के सबसे बड़े तीर्थस्थल के रूप में प्रसिद्ध है । बौद्ध के ज्ञान की प्राप्ति के 250 साल बाद राजा अशोक बोधगया गए थे यहां के लोगों का मानना है कि उन्होंने mahabali temple (महाबोधि मंदिर) का निर्माण कराया। mahabali temple inside | महाबोधि मंदिर अंदर परिसर में बुद्ध के एक बहुत बड़ी मूर्ति स्थापित है यह मूर्ति पदमासन की मूर्ति में है। मंदिर के चारों ओर पत्थर की नकाशीदार रेलिंग बनाई गई है। इस मंदिर परिसर के दक्षिण पूर्व दिशा में प्राकृतिक दृश्यों से समृद्धि एक पाठ भी है। जहां बौद्ध भिक्षु ध्यान साधना करते थे, वहीं स्थानीय है। इस पार्क में पर्यटक प्रशासन की अनुमति लेकर ही प्रवेश कर सकते हैं। mahabali temple architecture | महाबोधि मंदिर वास्तुकला कहा जाता है कि महाबोधि ने इसी मंदिर परिसर में वृक्ष के नीचे वास्तु कला का ज्ञान प्राप्त किया था। mahabali temple gaya में इसे बहुत ही प्रसिद्ध माना जाता है। यह मंदिर पर्यटकों को बहुत ही सुंदर दृश्य दिखाता है यहां पर आने वाले पर्यटक एक बार जो आ जाते हैं उसे बार-बार आने की इच्छा रहती है। mahabodhi temple timings | महाबोधि मंदिर का समय सुबह 5:00 बजे से रात के 9:00 बजे तक खुली रहती है इसके दौरान आप इसी समय मंदिर परिसर में आ सकते हैं।

bodh gaya temple history in hindi | बोधगया मंदिर का इतिहास हिंदी में

बोधगया एक प्राचीन शहर है गौतम बुद्ध ने लगभग 500 वर्ष पूर्व बोधगया में ही फाल्गु नदी के तट पर बोधि वृक्ष के नीचे कठिन तपस्या करने के बाद ज्ञान की प्राप्ति हुई थी ज्ञान की प्राप्ति होने के बाद वह बौद्ध के नाम से जानने लगे। भगवान बुध को वैशाख महीने में पूर्णिमा के दिन ज्ञान की प्राप्ति हुई थी इसीलिए बौद्ध के अनुसार उस स्थान पर जुटने लगे और यहां पर धीरे-धीरे यह जगह बोधगया के नाम से जान आ गया और यह दिन बौद्ध पूर्णिमा के नाम से जाना गया। यहां के लोगों का मानना है कि बोधगया के महाबोधि मंदिर में स्थापित बुद्ध की मूर्ति साक्षात उसी अवस्था में है जिस अवस्था में बैठकर उन्होंने तपस्या की थी और वह मूर्ति स्वयं भगवान बुद्ध द्वारा स्थापित की गई थी। नालंदा और विक्रमशिला के मंदिरों में भी इस मूर्ति की प्राकृतिक को स्थापित किया गया था और इस शहर में अशोक महान ने कई स्मारकों का निर्माण कराया था। यहां पर वैसे तो bodh gaya temple का सबसे मुख्य आकर्षण महाबोधि मंदिर है  bodh gaya temple timings | बोधगया मंदिर का समय सुबह 5:30 बजे से शाम 6:30 बजे तक खुली रहती है। यहां के सबसे नजदीक की बाजार tibetan refugee market (तिब्बती शरणार्थी बाजार) यह बाजार बोधगया मंदिर के पास ही है ज्योति उन लोगों के लिए खरीदारी करने के लिए एक बढ़िया जगह है यहां पर आने वाले पर्यटन ऊनी कपड़े और अन्य कपड़े सामग्री की तलाश में आते हैं यह बाजार नंबर और मार्च के महीने में बहुत अत्यधिक मात्रा में खरीदारी लोग करने के लिए आते हैं क्योंकि इस समय यहां का मौसम ठंड रहता है यह बाजार गर्म कपड़ों और अन्य कपड़ों सामग्री के लिए प्रसिद्ध माना गया है यहां पर बहुत ही सस्ते कपड़े मिलती है यह बाजार tibetan refugee market bodhgaya में सबसे प्रसिद्ध बाजार माना जाता है। tibetan refugee market time या बाजार साल भर 9:00 बजे सुबह से रात के 8:00 बजे तक खुली रहती है। temple of bodh gaya लेकिन इसके अलावा भी यहां कई पर्यटन स्थल है जो देखने लायक है आइए जानते हैं यहां पर कौन-कौन सी जगह घूमने लायक है।

दोस्त हमने बोधगया के कुछ प्रमुख पर्यटन स्थल जो कि great Buddha statue bodh gaya, mahabodhi temple images, mahabodhi temple history, image of of mahabodhi temple and bodh gaya temple image, Bodhgaya temple photos, सबसे प्रमुख के पर्यटन स्थल माना जाता है great buddha statue bodhgaya यहां का सबसे महत्वपूर्ण है। और भी यहां के प्रमुख पर्यटन स्थल है जो आपको नीचे दिया गया है।

bodhgaya temple tree | बोधगया मंदिर का वृक्ष

bodh tree, bodh gaya | बोधगया में स्थित इस वृक्ष है नीचे भगवान बुद्ध ने ज्ञान (enlightenment) प्राप्त हुआ था यहां के लोगों का मानना है कि यह पेड़ मूल बुद्ध वृक्ष का ही एक भाग है। bodhi tree symbol जिसे राजा अशोक की बेटी श्री लंका ले गई थी। bodhi tree production | बौद्ध वृक्ष की उत्पादन गौतम बुद्ध के ज्ञान प्राप्ति होने के बाद इस वृक्ष का जागरूकता हुआ। तो दोस्त हमने the bodhi tree के बारे में जाने हैं। नीचे और भी कई पर्यटन अस्थल है जो कि बोधगया के अंतर्गत आते हैं। great buddha statue | महान बुद्ध प्रतिमा बोधगया का सबसे सुंदर प्रतिमा है।

thai monastery in bodhgaya | बोधगया में थाई मठ थाई मोनास्ट्री बोधगया जिला का सबसे पुरानी विदेशी मठ हैं। यह मठ भगवान बुध की एक सुंदर प्रतिमा का घर है जो कि 1956 में थाईलैंड के सम्राट ने बनवाया था। यह मंदिर के सामने आंगन में एक शांत पुल के ऊपर लाल और सुनहरे मनी की तरह दिखाई देता है। यह बौद्ध मंदिर भारत में एक अनूठा और एक मात्रा थाई मंदिर है। इस्मार्ट के अंदर वातावरण काफी शांत और निर्मल रहता है। thai monastery महाबोधि मंदिर के बगल में स्थित है। thai monastery time यहां पर घूमने का समय सुबह 7:00 से दोपहर 12:00 बजे तक और दोपहर 2:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक रहता है। muchalinda lake bihar | मुचालिंडा झील बिहार में बोधगया जिले में स्थित है। यह muchalinda lake bodhgaya का प्रमुख पर्यटन स्थल है जो कि महाबोधि मंदिर के दाएं और स्थित है। muchalinda lake ( मुचालिंडा झील ) बोधगया में सुंदर झील है यह झील कमल तलाब के नाम से भी जाना जाता है इस झील में हरे-भरे हरियाली और शांतिपूर्ण वातावरण से गिरी हुई है। muchalinda lake in bihar (बिहार में मुचालिंडा झील) पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

royal bhutan monastery bodhgaya | रॉयल भूटान मठ यह royal bhutan monastery bihar (रॉयल भूटान मठ बिहार) राज्य के बोधगया जिले में स्थित है। royal bhutan monastery गया में बौद्ध धर्म सिखाने और अभ्यास कराने का एक स्थान है। इस स्थान को सबसे शानदार मठों में से एक माना गया है। इस मठ का निर्माण भगवान बुद्ध को श्रद्धांजलि के रूप में बनवाया गया था। इस मठ के अंदर 7 फीट ऊंची प्रतिमा भी बनाई गई है जो कि यहां पर आने वाले पर्यटकों का ध्यान आकर्षित करता है। इन सभी मठ के अलावे यहां पर और कई मठ भी है जिसका नाम burmese vihara monastery (बर्मी विहार मठ) यह मठ बहुत ही सुंदर देखने में लगता है अभी आप रॉयल भूटान मठ घूमने आते हैं तो एक बार बर्मी विहार मार्ट जरूर घूमे जो कि आपको यहां पर आने का बार-बार इच्छा जताया रहेगा। cankamana bodhgaya  | कंकामना बोधगया यह स्थान महाबोधि मंदिर का एक हिस्सा है cankamana महाबोधि मंदिर के उत्तर की ओर स्थित मार्ग पर है।

 chinese temple bodhgaya | चाइनीज मंदिर बोधगया

chinese temple (चाइनीज मंदिर) बोधगया में चाइना के बौद्ध मठ में आठ दिवसीय समारोह शुरू होता है। इस कार्यक्रम की शुरुआत चीन से आए बौद्ध श्रद्धालुओं और बौद्ध भिक्षुओं सहित अन्य ने शांति पदयात्रा के साथ की थी। इस शांति पदयात्रा में चीन से आए हुए 80 बौद्ध श्रद्धालु भिक्षुओं ने हिस्सा लिया था। chinese temple interior मंदिर परिसर के अंदर महाबोधि मंदिर में भगवान बुध की पूजा अर्चना कर मंदिर के चारों ओर परिक्रमा किया। फिर इसके बाद पीपल वृक्ष के पास बैठकर 2 घंटे तक ध्यान में लग गए थे। फिर यहां से पूजा संपन्न होने के बाद सभी श्रद्धालु कतारबुद्ध होकर चायना मंदिर लौट गए थे। चायना मंदिर के अंदर बहुत ही अद्भुत दृश्य देखने के लिए मिलता है और यहां पर पर्यटक पूजा करने के लिए भी आते हैं। chinese temple architecture (चायना मंदिर वास्तुकला) चाइनीज बौद्ध धर्म के पूजा के स्थान के रूप में उपयोग की जाने वाली प्रकार की संरचनाओं को ध्यान में रखती है क्योंकि यहां पर चाइनीज के बौद्ध धर्म भी पूजा करते हैं और इस मंदिर में रहते भी हैं। chinese buddhist temple जो कि देखने में अति सुंदर है। chinese temple images को देखकर आप है राम सा हो जाओगे और यहां के आसपास की जगह भी देखने में काफी सुंदर है। और बोधगया में इन सभी पर्यटन स्थल के अलावा indosan nipron japanese temple जोकि देखने में काफी सुंदर है और यह indosan nipron japanese temple bodhgaya में ही स्थित है।

chinese temple clipart 
chinese temple clipart tourist places bihar (बिहार)

history of vishnupad temple gaya in hindi | विष्णुपद मंदिर गया का ऐतिहासिक मंदिर में से एक है। gaya vishnupad temple फल्गु नदी के पश्चिम किनारे पर स्थित यह मंदिर पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय मंदिर है। यहां के लोगों का मानना है कि इस मंदिर का निर्माण भगवान विष्णु के पद चिन्ह पर किया गया है यह मंदिर लगभग 30 मीटर ऊंचा है। इस मंदिर में दर्शन करने के लिए जाने वाले पर्यटक खंभों की सहारा से चढ़ाई पर चढ़कर जाते हैं। इस मंदिर के गर्भगृह मैं लगभग 40 सेंटीमीटर लंबे ओके निशान भगवान विष्णु जी के हैं। इस मंदिर का निर्माण 1787 ईस्वी में इंदौर की महारानी अहिल्याबाई ने करवाया था। vishnupad temple gaya मंदिर में पितृपक्ष के अवसर पर यहां श्रद्धालुओं की काफी भीड़ लगती है क्योंकि इस समय पूजा करने का सबसे शुद्ध समय माना गया है। विष्णुपद मंदिर गया का सबसे श्रेष्ठ मंदिर में से एक है। vishnupad temple gaya time. इस मंदिर का समय सुबह 6:00 बजे खुलती है और शाम के 7:30 बजे बंद कर दी जाती है। gaya vishnupad temple photo यहां के फोटो देखने में राखी आकर्षक हैं। distance between gaya railway station and vishnupad temple | विष्णुपद मंदिर से लगभग 4.1 किलोमीटर की दूरी पड़ती है। विष्णुपद आप ऑटो रिक्शा करके रेलवे स्टेशन आसानी से पहुंच सकते हैं। इन सभी मंदिर के अलावा यहां पर और कई मंदिर हैं जो कि पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है जैसे vietname temple bodhgaya का सबसे फेमस मंदिर है। vietname temple यदि आप गया जिला घूमने के लिए आते हैं तो एक बार इस मंदिर का जरूर शेयर करिए क्योंकि यह मंदिर देखने में काफी अद्भुत हैं।

jama masjid history | जामा मस्जिद का इतिहास

gama masjid bodh gaya (जमा मस्जिद बोधगया) में स्थित है। यह मस्जिद बोध गया मंदिर के पीछे जामा मस्जिद नाम का एक मस्जिद है जो कि बिहार की सबसे बड़ी मस्जिद में से नहीं है बल्कि 200 साल पुरानी मस्जिद है। jama masjid के अंदर हजारों लोग के साथ नमाज अदा कर सकते हैं। delhi jama masjid ki photo भी देखने में बोधगया jama masjid ka photo से सुंदर लगता है। यहां का भी मंदिर काफी सुंदर है। जमा मस्जिद दिल्ली में भी स्थित है इस मस्जिद का निर्माण सन 1656 ईसवी में किया गया था। गया में इनसे पर्यटन स्थल के अलावा सबसे सुंदर dungeshwari hills भी है जो कि बहुत ही सुंदर है। root institute for wisdom culture (बुद्ध संस्कृति के लिए जल स्थान) बोधगया में ही माना गया है।

तो दोस्त हमने गया जिला के प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में जानना और भी बहुत सारी पर्यटन स्थल है जो कि आपको विस्तार पूर्वक नहीं बता पा रहे हैं यदि आप लोग गोवा जाते हैं तो इन सभी जगहों पर जरूर घूमने जैसे कि sujatha temple, archaeological society of india museum, sujata kuti, bodhgaya multimedia museum, ajapala nigrodha tree, daijokyo buddhist temple, animesh lochana chaitanya shrine यह सभी tourism place गया का सबसे सुंदर पर्यटन स्थल है।

gaya airport
gaya airport tourist places bihar (बिहार)

यदि आप गया जिला घूमना चाहते हैं तो आप हवाई मार्ग के माध्यम से भी आ सकते हैं बिहार एवं झारखंड के एकमात्र अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा गाया में भी है। जो कि यहां से अनेकों शहर के लिए यहां से उड़ान भर्ती है। यदि आप रेल मार्ग से आना चाहते हैं तो बिहार का दूसरा सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन गया जंक्शन है यह एक विशाल परिसर में स्थित है। गया रेलवे स्टेशन में नो प्लेटफॉर्म है और यहां से पटना, कोलकाता, बनारस, चेन्नई, मुंबई, नई दिल्ली, नागपुर और गुवाहाटी इत्यादि जगहों के लिए यहां से सीधी ट्रेन मिलती है। सड़क मार्ग से आना चाहते हैं तो गया राजधानी पटना और राजगीर रांची बनारस इत्यादि के लिए बस से मिलती है गया में 2 बस स्टैंड है। दोनों बस स्टैंड फल्गु नदी के तट पर ही स्थित है। यहां से बोधगया के लिए भी नियमित तौर पर बस से मिलती है।

तो दोस्त हमने गया जिले के बारे में जाने। और यहां के अनेक टूरिज्म प्लेस के बारे में भी जाने, यहां के सबसे प्रमुख है बोधगया मंदिर के बारे में भी जाने, यहां पर आने जाने की सुविधा के बारे में भी जाने अब हम gopalganj district (गोपालगंज जिला) के बारे में जानेंगे, और यहां के सबसे प्रमुख के पर्यटन स्थल के बारे में भी जानेंगे।

gopalganj bihar | गोपालगंज बिहार

गोपालगंज बिहार
गोपालगंज tourist places bihar (बिहार)

gopalganj Bihar (बिहार) राज्य के 38 जिलों में से 1 जिलों गोपालगंज भी है। गोपालगंज जिला उत्तर में चंपारण जिला एवं गंडक नदी स्थित है, और दक्षिण में सिवान जिला एवं पश्चिमोत्तर में उत्तर प्रदेश राज्य के देवरिया जिला से घिरा हुआ है और गंडक नदी की सहायक नदियां झरहि, खनवा, दाहा, इत्यादि हैं।  इसी नदियों की वजह से इस जिले की भूमि पूजन एवं खेती करने का योग्य है।  इस जिला की स्थापना 2 अक्टूबर 1973 को किया गया था पहले यह जिला सारण जिला का एक छोटा शहर हुआ करता था। फिर गोपालगंज को 1875 में अनुमंडल बनाया गया। गोपालगंज जिले के कुल क्षेत्रफल लगभग 2033 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैला हुआ है। 2011 की जनगणना के अनुसार यहां का कुल जनसंख्या लगभग 2,562,012 हैं। गोपालगंज का कृषि एवं उद्योग के बारे में जानेंगे। गोपालगंज में एक समतल एवं उपजाऊ भूमि क्षेत्र है। जो कि यहां के किसानो का सिंचाई मुख्य स्रोत हैं। यहां पर चावल गेहूं गन्ना तथा मूंगफली उगाया जाता है यह सभी फसल यहां का प्रमुख फसलें हैं। यहां का पर मुख्य भोजन चावल एवं रोटी ही लोगों का मुख्य भोजन है। गोपालगंज जिले में कृषि आधारित उद्योग विकास हुई है जिसमें चीनी मिल तथा दाल मिल के अलावे कुटीर उद्योग पर मुख्य है। gopalganj pin code 841428

gopalganj weather | गोपालगंज मौसम यहां का मौसम बहुत ही शुद्ध रहता है जो कि यहां पर्यटक घूमने के लिए भी आते हैं यहां पर घूमने का अच्छा समय अक्टूबर और मार्च के महीने है इस समय में यहां पर पर्यटक अच्छी तरह से आनंद लेते हैं क्योंकि इस समय में गर्मी नहीं पाई जाती हैं। gopalganj temperature यहां पर गर्मी के दौरान में यहां का तापमान अत्यधिक मात्रा में बढ़ जाती है और यहां के लोगों को गर्मी के समय में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। जैसे ही मॉनसून का महीना घुसता है यहां के लोगों को बहुत ही राहत का सांस लेने के लिए मिलता है क्योंकि इस समय मैं यहां का तापमान कम जाता है। यहां से सबसे नजदीक की शहर patna to gopalganj distance नेशनल हाईवे से  लगभग 145 किलोमीटर दूरी पड़ता है। अब हम जानेंगे गोपालगंज के कुछ प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में तो चलते हैं आगे पोस्ट की ओर

thawe temple in gopalganj | गोपालगंज में थावे मंदिर

thawe temple in bihar बिहार में थावे मंदिर बहुत ही प्रचलित मंदिर है, यह मंदिर गोपालगंज से सिवान जाने वाले मार्ग पर थावे नामक स्थान पर स्थित है। यह मंदिर मैं देवी दुर्गा की परिक्रमा है किस मंदिर में भक्तों के लिए पावन स्थल के रूप में जानी जाती है यहां देवी दुर्गा का ही एक स्वरूप माता हवेली की एक प्राचीन मंदिर है। जो माता छावली को भक्तगण सिंहासिनी भवानी, थावे भवानी और रहषु भवानी के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर के सामने एक राजपूती भक्तों के मंदिर भी है जो मां दुर्गे के प्रम भक्त हुआ करते थे यहां पर जो भी श्रद्धालु मां दुर्गा का दर्शन करने के लिए आते हैं वह भक्त रहषु का भी दर्शन करते हैं। thawe temple (थावे मंदिर) का निर्माण रहषु भारत के माध्यम से हुआ था। जब थावे गांव में बहुत साल पहले अन्न की विपत्ति पर गई थी। यहां के लोग भूख से मरने लगे थे। रहषु भक्तों ने मां दुर्गा की पूजा आराधना करते थे उस समय वह दिन में गाय को चारा डाल करता था और रात में मां दुर्गे के भक्ति में नील हो जाया करता था मां दुर्गा उसे मंदिर से धन की प्राप्ति होती थी और वहां के राजा को पता चला तो वह इस बात पर विश्वास नहीं किया फिर जाकर राहषु को राजा बुलाकर उसे चुनौती दी कि तुम्हें मां दुर्गा को यहां पर बुलाना होगा वह बोला कि यह नहीं हो सकता उसने राहषु को बुलाने के लिए मजबूर कर दिया था और जाकर वह मां दुर्गा के भक्ति में नील हो गया। और मां को दर्शन देने की स्तुति करने लगा उसके बुलाने पर देवी कोलकाता, पटना और आमि होते हुए थावे पहुंची देवी के पहुंचते ही राजमहल के समस्त भवन गिर गए और राजा की मृत्यु हो गई थी देवी ने जहां दर्शन दिए थे वहां पर ही एक भय मंदिर बना दिया गया था और उसी के सामने राहषु का भी मंदिर बनाया था। thawe temple gopalganj में पूजा करने से मन की शांति और दुख दूर होता है। thawe temple bihar थावे मंदिर बिहार में प्रसिद्ध माना जाता है इस मंदिर में दूर-दूर से पर्यटक दर्शन करने के लिए आते हैं।

husepur gopalganj bihar | हुसेपुर गोपालगंज Bihar (बिहार)

husepur (हुसेपुर) गोपालगंज से लगभग 24 किलोमीटर उत्तर पश्चिमी में झरनी नदी के किनारे स्थित है यहां पर महाराजा का बनवाया किला अब खंडहर की अवस्था में हो गया है। यह गांव पहले हथुवा नरेश की गतिविधियों का एक केंद्र हुआ करता था। यहां के किले के चारों तरफ बने खड्ड अब भर चुका है किले के सामने एक बने टीला हथुवा राजा की पत्नी के द्वारा सती होने का गवाह है। husepur bihar यह स्थान गोपालगंज के प्रमुख स्थानों में से एक है। गोपालगंज के इन सभी पर्यटन स्थल के अलावा यहां पर बहुत सारे पर्यटन स्थल है जो आपको देखकर यहां आने का इच्छा बार-बार होगा। इन सभी के अलावा यहां कई एक प्रमुख पर्यटन स्थल जो कि Shri Pitambara Peeth (MAA Bagalamukhi) हैं । यह स्थान भी tourism place के लिए सबसे सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थल है।

तो दोस्त हमने Bihar (बिहार) राज्य के गोपालगंज जिले के बारे में जाने और यहां के प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में भी जाने बिहार राज्य के और कहीं छोटे बड़े जिले के बारे में भी ऊपर जाने हैं। अब हम jamui district (जमुई जिले) के बारे में जानेंगे और यहां का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में भी जानेंगे।

jamui bihar | जमुई बिहार

जमुई बिहार
जमुई tourist places bihar (बिहार)

jamui (जमुई) भारत देश के बिहार राज्य में स्थित एक जमुई जिला है जो कि यह जिला का मुख्यालय भी है। जमुई को मुंगेर जिला अलग होने के परिणाम स्वरूप 21 फरवरी 1991 ईस्वी को जमुई जिले का गठन हुआ था। जमुई जिला का भौगोलिक क्षेत्रफल लगभग 3122.80 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है और यहां का 2011 की जनगणना के अनुसार यहां की कुल जनसंख्या या आबादी 1760405 हैं। jamui weather | जमुई मौसम यहां का मौसम बहुत ही अनुकूल रहता है। और यहां का मौसम समय-समय पर परिवर्तन होते रहता है जैसे गर्मी के मौसम में यहां पर अत्यधिक मात्रा में गर्मी पाई जाती हैं। jamui temperature यहां का तापमान लगभग 40 डिग्री सेल्सियस से 45 डिग्री सेल्सियस तक रहता है। और बारिश के मौसम में यहां का तापमान लगभग 25 डिग्री सेल्सियस है 35 डिग्री सेल्सियस तक रहता है यह निश्चित नहीं है कि इसी के आसपास रहता है यह समय के अनुसार यहां का तापमान घटते बढ़ते रहता है। ठंडी के समय में यहां पर अत्यधिक मात्रा में ठंडी पाई जाती है और इस समय में ही पर्यटक घूमने के लिए जमुई जाते हैं। Jamui to Patna लगभग 169 किलोमीटर दूरी पड़ता है।  jamui pin code 811307

nagi dam bird sanctuary | नागी बंद पक्षी अभ्यारण जमुई जिले में स्थित है। इस पक्षी अभ्यारण को 1987 में पक्षी विहार के रूप में मान्यता प्राप्त हुई थी। यह अभ्यारण लगभग 7.911 किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। यह जिले के दक्षिण पहाड़ी इलाकों में स्थित तीन प्रमुख खेत सिंचाई बांध है जो गढ़ी, नागी और नगदी बांध हैं। इस नागी और नगदी बंद को पक्षी अभ्यारण घोषित कर दिया गया है। नागी पक्षी अभ्यारण जमुई रेलवे स्टेशन से लगभग 31 किलोमीटर और झाझा रेलवे स्टेशन से लगभग 12 किलोमीटर दूरी पर स्थित है इस अभ्यारण के निकटतम हवाई अड्डा पटना में है जो कि यहां से लगभग 200 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। नागी बांध का निर्माण सिंचाई के उद्देश्य के कारण किया गया था इस फोन का निर्माण 1984 हुआ था। यह बांध से लगभग 9850 एकड़ भूमि की सिंचाई के लिए नागी बांध का निर्माण किया गया था। कौन से बरसात के मौसम में जलाशयों में पर्याप्त मात्रा में पानी जमा हो जाता है जिससे इस पानी को बाद में नीचे की ओर बहने वाले नेहरू निकालती है जिससे यहां के लोगों को फसल सिंचाई के रूप में उपयोग होता है और यहां पर जलाशय के कारण मछली की भी पालन की जाती है। नागी बंद पक्षी अभ्यारण में पक्षियों की विभिन्न प्रजातियां पाई जाती है। patna to jamui distance 169 km.  jamui bihar pin code 811307

lachhuau jain temple | लछुआर मंदिर Bihar (बिहार) राज्य के जमुई जिले में स्थित है। इस मंदिर परिसर में जैन तीर्थ यात्राओं के लिए 65 कमरों का एक बड़ा और पुराना विश्राम गृह या धर्मशाला भी मौजूद है। इस धर्मशाला के अंदर भगवान महावीर का मंदिर है इस मंदिर के प्रांगण में महावीर जी की मूर्ति लगभग 2600 साल से अधिक पुरानी है। यह मूर्ति काले पत्थर की बनाई गई है, जो कि मूर्ति की वजन लगभग 250 किलोग्राम है। इस मंदिर परिसर के आसपास शांत वातावरण पर्यटकों को काफी अद्भुत महसूस कराता है। यह पर्यटन स्थल पर्यटकों के लिए सबसे अच्छा है। इस मंदिर में दूर-दूर से भक्तजन पूजा करने के लिए भी आते हैं। इन सभी पर्यटन स्थल के अलावा यहां पर कुछ ऐसे भी प्रमुख के पर्यटन स्थल है जो कि patneshwar mandir, jai baba jhumaraj temple, mahaveer vatika यह सभी पर्यटन स्थल बिहार राज्य के जमुई जिला को बहुत ही अद्भुत दृश्य देखने के लिए मिलता है। यह स्थान पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

तो दोस्त हमने बिहार राज्य के जमुई जिले के बारे में बताएं और यहां के सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में भी जाने यहां आने और जाने की सुविधा के बारे में भी बताएं अब हम बिहार राज्य jehanabad district दो(जहानाबाद जिले) के बारे में जानेंगे और यहां के सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में भी जाना है।

jahanabad bihar | जहानाबाद बिहार

जहानाबाद बिहार
जहानाबाद tourist places bihar (बिहार)

jahanabad (जहानाबाद) भारत देश के बिहार राज्य में एक प्रमुख जिला है। यह जिला कुछ समय पहले गया जिला के हिस्सा हुआ करता था। यह जिला गया जिला से अलग करके इसे अगस्त 2001 में बनाया गया यह जिला नक्सल प्रभावित जिला के रूप में जाना जाता है क्योंकि यहां पर खेती भूमि प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। इस जिले की कुल आबादी 2011 के जनगणना के अनुसार 11,25,313 हैं। यह जिला का क्षेत्रफल लगभग 931 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैला हुआ है। jehanabad weather यहां का मौसम बहुत ही अनुकूल रहता है। jahanabad village गांव का तापमान बहुत ही काम रहता है और इस समय में पर्यटकों को घूमने के लिए सबसे अच्छा समय माना गया। Patna to Jehanabad distance लगभग 48 किलोमीटर दूरी पड़ता है।  jehanabad pin code 804408

hazrat bibi kamal ka mukbara | हजरत बीबी कमाल का मकबरा बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में स्थित है। biwi ka mukbara हे मकबरा बिहार राज्य में ही नहीं बल्कि पूरे देश में प्रसिद्ध है। bibi ka mukbara देवी कमाल की वजह से जहानाबाद मैं ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में सुफीयत की रोशनी जगमग आई है। इन्हें देश की महान महिला सुखी होने का गौरव हासिल है यह मकबरा बहुत ही प्रसिद्ध माना जाता है और इस मकबरे पर जो चादर चढ़ा कर आराधना करते हैं उसकी मनोकामना जरूर पूरी होती है।

barabar cave bihar | बराबर गुफा बिहार

barabar cave (बराबर गुफा) बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में स्थित है। या गुफा गया से लगभग 24 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। यह गुफा चट्टान को काट कर बनाई गई है और यह सबसे पुरानी गुफा है। यह गुफाएं नागा अर्जुन और बराबर की जुड़वॉं पहाड़ियों में स्थित है। Barabar hill caves बराबर पहाड़ियों में चार गुफा शामिल है जो कि लोमस ऋषि गुफा, सुदामा गुफा, करण चौपर गुफा और विश्व झोपड़ी गुफा यह सभी गुफाएं बराबर पहाड़ियों में है। barabar rock cut caves इस प्राचीन रॉक कट कक्षाओं के तारीख तीसरी शताब्दी ए.डी. से है। barabar caves interior गुफा के बाहरी हिस्सा में पहाड़ियों में बस्सी तीन गुफा को सुदामा कर्ण और लोकमांन ऋषि की गुफाओं से जाना जाता है। बराबर पहाड़ियों के ठीक सामने उसके उस पार वाली पहाड़ियों पर एक शिव मंदिर है यहां के लोगों को कहना है कि शिवरात्रि के दिन इस मंदिर में बहुत सारे शिव भक्त भगवान के दर्शन करने के लिए जाते हैं और वहां पर पूजा आराधना भी करते हैं। इसके अलावा इस मंदिर में शिवरात्रि के समय एक महीना का मेला का भी आयोजन रहता है जिसमें भक्तों की बहुत काफी भीड़ लगती है। और इस मंदिर तक जाने के लिए सीडी भी बनाई गई है।

barabar caves photos यहां के गुफाएं के फोटो बहुत ही सुंदर दृश्य दिखाता है जो कि इसे देखते ही पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर लेता है। gaya to barabar caves लगभग 32 किलोमीटर दूरी पर स्थित है।  how to reach barabar caves | बराबर गुफा तक कैसे पहुंचे यदि आप हवाई मार्ग से कहना चाहते हैं तो यहां के सबसे निकटतम हवाई अड्डा पटना एवं गया का हवाई अड्डा है। यहां के सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन बाणावर हाल्ट है। यदि आप सड़क मार्ग से आना चाहते हैं तो यह पटना गया नालंदा एवं अरवल जिले से या मार्ग जुड़ी हुई है, आप आसानी पूर्वक से यहां पहुंच सकते हैं। gaya to jehanabad train गया से जहानाबाद के लिए ट्रेन गया स्टेशन से सुबह 6: 45 बजे में पहली ट्रेन खुलती है। और यह 8:03 में जहानाबाद पहुंचाती है। उसके बाद सुबह 8:35 बजे गया से खुलती है और 9:13 में जहानाबाद पहुंचती है। इसी तरह से दोपहर में भी दो ट्रेन 1:35 में और 3:15 में गया से खुलती है। और यह दोनों ट्रेन लगभग 40 मिनट में जहानाबाद पहुंचा देती है। train for jehanabad to patna जहानाबाद से पटना के लिए दिन में चार ट्रेन खुलती है। और नियमित टाइम से पटना पहुंचाती है।

तो दोस्त हमने जहानाबाद जिले के बारे में जाने और यहां के सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में भी जाने और यहां पर आने जाने की गतिविधियों के बारे में भी जाने अब हम kaimur district (कैमूर जिला) के बारे में जानेंगे और यहां का पर्यटन स्थल के बारे में भी जानेंगे तो दोस्त बने रहिए टूरिज्म प्लेस से जुड़ी स्थान के बारे में जाने के लिए तो दोस्त चलते हैं पोस्ट की ओर

kaimur bihar | कैमूर बिहार

कैमूर भारत प्रांत के बिहार राज्य का एक प्रमुख जिला है। कैमूर जिला का मुख्यालय भभुआ है। इस जिला से होकर कर्मनाशा और दुर्गावती बहती है। ऐतिहासिक दृष्टिकोण से यह स्थान काफी महत्वपूर्ण माना जाता है कैमूर जिला बिहार के बक्सर जिला एवं उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिला के दक्षिणी झारखंड के गढ़वा जिला के उत्तर उत्तर प्रदेश के चंदौली एवं मिर्जापुर जिले के पूरब और बिहार के रोहतास जिले के पश्चिम से घिरा हुआ है यह जिला। कैमूर जिला पूर्व में रोहतास जिला का अंग था। यह जिला छठी शताब्दी ईसा पूर्व से पांचवी शताब्दी ईसा पूर्व तक शक्तिशाली मगध साम्राज्य का हिस्सा हुआ करता था। उसके बाद सातवीं शताब्दी में कैमूर कन्नौज के शासक हर्षवर्ध्दन के अधीन में आ गया था। क्षेत्रपाल शासन करने वाला सबसे पहला शासक पाल वंश के थे। उसके बाद चंदौली का यहां शासन रहा और 12 वीं शताब्दी में ताराचंदी ने कैमूर जिले पर राज किया था और यह क्षेत्र के शासक वंश के अधीन में रहा था। यहां का सबसे मुख्य आकर्षण पर्यटन स्थल भभुआ मैं देखा जाता है जहां आपको चारों तरफ हरियाली ही हरियाली दिखाई देंगे। kaimur range यह जिला का भौगोलिक क्षेत्रफल लगभग 3332 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। 2011 के जनगणना के अनुसार यहां की कुल आबादी 1626384 है। इस जिले में कुल 1700 गांव है। kaimur pin cod 821105

kaimur (bhabua)

bhabua bihar (बिहार) राज्य के कैमूर जिला में स्थित एक शहर है। kaimur bhabua यह जिला का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल माना गया है। और इस जिला का मुख्यालय bhabua (भभुआ) ही है। bhabua pin code 821101

kaimur hills | कैमूर पहाड़ी

कैमूर पहाड़ी मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में कटंगी से बिहार के सासाराम जिले के आसपास तक फैली हुई है या पहाड़ी लगभग 483 किलोमीटर लंबी विंध्य पहाड़ियों का पूर्व भाग है। यह पहाड़ी सबसे पुरानी चट्टान संरचनाओं में से एक हैं। इन पहाड़ियों पर पाए जाने वाले प्रमुख के पर्यटन स्थल यहां के खूबसूरतीयों को और बढ़ाते है, संरक्षित किले, हिंदू देवी देवताओं और रहस्यमय मंदिर इन पारियों का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल है। kaimur hills photo यहां का दृश्य सबसे प्रमुख ही दृश्य माना जाता है यह दृश्य देखने के बाद यहां पर पर्यटक काफी मात्रा में घूमने के लिए आते हैं। kaimur hills map- rajghat, madhya pradesh 486670

Kaimur wildlife sanctuary Bihar | कैमूर वन्यजीव अभ्यारण बिहार

tourist places bihar, kaimur wildlife sanctuary (कैमूर वन्यजीव अभ्यारण) भभुआ शहर के निकट स्थित है। और यह अभ्यारण लगभग 1342 किलोमीटर में फैला हुआ है। यह अभ्यारण बिहार राज्य का सबसे बड़ा अभ्यारण है। इस अभ्यारण में मौजूद बाघ, तेंदुआ, जंगली शुअर, सांभर हरिन, चीतल और चौसिंगा, नीलगाय जैसे कई जानवर यहां पर मौजूद है यह अभ्यारण में 70 पर जातियों की पक्षी पाई जाती है। और यहां पर सर्दियों में प्रवासी पक्षियों के आगमन के दौरान आप अधिक प्रजातियों के पक्षी देख पाएंगे। Where is Kaimur wildlife sanctuary location (कैमूर वन्यजीव अभ्यारण कहां स्थित है) यह अभ्यारण भभुआ से सड़क मार्ग द्वारा पहुंचा जा सकता है या आप रेलवे स्टेशन के माध्यम से पहुंच सकते हैं यह अभ्यारण कैमूर जिले के भभुआ शहर में स्थित है। यह अभ्यारण कैमूर जिले का बहुत ही सुंदर अभ्यारण है इस अभ्यारण में सुंदर नजारे देखने के लिए जलप्रपातों पर चढ़ सकते हैं। tourist places bihar, 

karkat waterfall | करकट जलप्रपात

tourist places bihar,यह जलप्रपात कैमूर वन्यजीव अभ्यारण के निकट स्थित है। इस जलप्रपात में मुगल शासकों और ब्रिटिश अधिकारियों के लिए मगरमच्छों के शिकार का स्थान हुआ करता था। इस जलप्रपात में मगरमच्छ का प्राकृतिक आवास है और बिहार सरकार ने इससे मगरमच्छ संरक्षण रिजर्व और इको-टूरिज्म स्पॉट के रूप में विकसित कर रही है। tourist places bihar,

maa mundeshwari temple kaimur bhabua | मां मुंडेश्वरी मंदिर कैमूर भभुआ

कैमूर बिहार
कैमूर tourist places bihar (बिहार)

tourist places bihar, maa mundeshwari temple bihar (मां मुंडेश्वरी मंदिर बिहार) राज्य में कैमूर जिले के रामगढ़ गांव में स्थित है यहां के लोगों का मानना है कि यह मंदिर 636 ईसवी से ही अस्तित्व है। maa mundeshwari temple के नजदीक रामगढ़ गांव को काफी मनमोहक लगता है या गांव पहाड़ियों और प्रकृति की गोद में होने के कारण काफी आकर्षक दिखता है। यदि आप कैमूर जिला का पर्यटन स्थल घूम रहे हैं तो या घूमना चाहते हैं तो यह मंदिर एक बार अवश्य घूमने इस मंदिर में अत्यधिक मात्रा में पर्यटक पूजा करने के लिए आते हैं। tourist places bihar,

tourist places bihar, karmanasa river in india कर्मनाशा नदी गंगा नदी का एक सहायक नदी है। यह नदी कैमूर जिले के बिहार और मध्य से बातें भारत राज्य की उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच की सीमा के साथ इनके बाय और यूपी की ओर सोनभद्र चंदौली वाराणसी और गाजीपुर जिले में भी बहती है। और इन के दाएं और बिहार की कैमूर और बक्सर जिले से बहती है। कर्मनाशा नदी बिहार के कैमूर जिले के पास कैमूर रेंज के उत्तरी चेहरे पर 350 मीटर की ऊंचाई पर होता है यह नदी उत्तर पश्चिम दिशा में मिर्जापुर के मैदानी इलाकों से होकर बहती है फिर उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच की सीमा बनाती है और अंत में गांव वाला गाजीपुर उत्तर प्रदेश और जैसा बिहार के पास गंगा में मिलती है  karmanasa river की लंबाई लगभग 193 किलोमीटर है जिसमें 116 किलोमीटर उत्तर प्रदेश में ही स्थित है और बाकी 76 किलोमीटर उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच की सीमा बनाती है कर्मनाशा और उसकी सहायक नदियों की कुल जल निकासी क्षेत्र लगभग 11709 वर्ग किलोमीटर में फैली हुई है। karmanasa river map and origin of karmanasa river (कर्मनाशा नदी का उद्गम स्थान) राज्य उत्तर प्रदेश बिहार स्थान सरोदग, कैमूर जिला, कैमूर रेंज में स्थित है। tourist places bihar,

ramgarh | रामगढ़

रामगढ़ गांव कैमूर जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल है, जो कि सुंदर सुंदर पहाड़ झरना झील और यहां का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल मुंडेश्वरी मंदिर के लिए रामगढ़ को प्रसिद्ध माना जाता है। इस मंदिर का निर्माण एक ऊंचे पर्वत पर समुद्र तल से लगभग 600 फीट की ऊंचाई पर बनाया गया है। यह मंदिर काफी प्राचीन मंदिर है। इस मंदिर का निर्माण लगभग 635 ईसा पूर्व में किया गया था। ramgarh weather यहां का मौसम पर्यटकों के लिए सबसे सुंदर गाय मौसम है। यहां का वातावरण बहुत ही शुद्ध और तापमान थोड़ी-थोड़ी ठंड का अनुभव कराता है। ramgarh pin code 829103

tourist places bihar, तो दोस्त हमने बिहार राज्य में कैमूर जिले  के इतिहास के बारे में जाने और यहां का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में भी जाने अब हम बिहार राज्य के Katihar district (कटिहार जिले) के बारे में जानेंगे और यहां का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में भी जानेंगे तो दोस्त बने रहिए टूरिज्म प्लेस के बारे में जानने के लिए।

katihar bihar | कटिहार बिहार

कटिहार बिहार
कटिहार tourist places bihar (बिहार)

katihar (कटिहार) जिला बिहार राज्य के 38 जिलों में से एक है। कटिहार पश्चिम बंगाल की सीमा पर स्थित है। कटिहार जिले का नाम प्रमुख शहर दिघी कटिहार के नाम पर रखा गया था। मुगल शासक के अधीन इस जिले का स्थापना तेजपुर ने किया था। 13वीं शताब्दी के शुरुआत में यहां का शासक मोहम्मद्दीन शासकों ने राज्य किया था। फिर उसके बाद पूर्णिया के अली खान गवर्नर थे, 1770 ईस्वी में यह जिला ब्रिटिश के हाथों में चला गया था फिर कई शासकों ने लंबे समय तक यहां पर शासन किया उसके बाद 2 अक्टूबर 1973 ईस्वी को स्वतंत्र जिले के रूप में घोषित कर दिया गया था।   कटिहार शहर जिला प्रशासनिक मुख्यालय भी है। कटिहार जिला पूर्णिया मंडल का एक हिस्सा है। कटिहार भारत के बिहार राज्य के उत्तर पूर्व भाग में स्थित है। कटिहार जिला में तीन अनुमंडल तथा 16 प्रखंड स्थित है। कटिहार जिला चार प्रमुख नदियों से घिरा हुआ है गंगा नदी कोसी नदी महानंदा नदी और रीगा नदी से घिरा हुआ है। कटिहार जिले के सबसे प्रमुख फसल मक्का गेहूं केला और धान है इस जिले में इन सभी फसलों के अलावा पियाज और आलू फूलगोभी का भी उत्पादन होता है। Katihar pin code 854103, katihar weather कटिहार का मौसम बहुत ही अनुकूल रहता है बिहार राज्य के अन्य जिले से यहां पर काफी कम मात्रा में गर्मी पाई जाती हैं। यहां का वातावरण अनुकूल रहता है कभी-कभी katihar temperature अत्यधिक मात्रा में बढ़ जाती है। weather katihar यहां का मौसम थोड़ा बहुत बदलाव होते रहता है।

gorakhnath temple history | गोरखनाथ मंदिर इतिहास यह मंदिर बिहार राज्य के कटिहार जिले के गोरखपुर गांव में स्थित है। gorakhnath temple उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले का गोरखनाथ मंदिर विश्व में प्रसिद्ध है। यह गोरखनाथ शिव मंदिर बाबा गोरखनाथ के नाम पर ही बना हुआ है सबसे खास बात तो यह है कि कटिहार जिले के जिस गांव में यह मंदिर स्थित है उस गांव का नाम भी गोरखपुर है। यह मंदिर कटिहार जिले के सबसे प्रसिद्ध मंदिर माना जाता है। यहां के लोगों का मानना है कि कामाख्या मंदिर से आते वक्त बाबा गोरखनाथ इस गांव में ठहरे थे।‌ इसके बाद बाबा गोरखनाथ का पुण्य प्रताप से विशीभूत होकर वहां के लोगों ने वह अपने गांव का गोरखपुर नाम रखा फिर उसी गांव में एक baba gorakhnath temple (बाबा गोरखनाथ) के नाम पर मंदिर का निर्माण कराया यह मंदिर मिनी बाबा धाम के नाम से भी मशहूर है यहां पर सावन के महीने में भक्तों को पूजा करने के लिए  बहुत बड़ी कतार लगती है। gorakhnath temple photo इस मंदिर का दृश्य देखने में बहुत ही आकर्षक है। यदि आप इस मंदिर का फोटो देखना चाहते हैं तो हमारे इस पोस्ट के नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके देख सकते हैं। इन सभी पर्यटन स्थल के अलावा यहां पर एक खूबसूरत bagi math (बागी मठ) भी है। यहां पर पर्यटक अत्यधिक मात्रा में घूमने के लिए जाते हैं।

goga lake katihar | गोगा झील कटिहार यह झील एक खूबसूरत विशाल झील है इस झील में प्रसिद्ध पक्षी अभ्यारण भी है। पूरे वर्ष में यहां पक्षी की विभिन्न प्रजातियां देखी जाती है और खासकर नवंबर से फरवरी के महीने में रूस से पक्षी प्रवेश के लिए आती है goga lake अभ्यारण मनिहारी से लगभग 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। कटिहार में सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक मंदिर (kali mandir) काली मंदिर है जो यहां का नवमी मंदिर है इस मंदिर के प्रांगण में पूरे साल बलिदान पड़ती है। इन सभी के अलावा यहां का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल ramkrishna mission ashram हैं। कटिहार शहर के आस-पास की शहर की दूरी Patna to Katihar distance लगभग 303 किलोमीटर नेशनल हाईवे 31 से दूरी पड़ता है। Katihar to Purnia distance नेशनल हाईवे 131A से लगभग 31 किलोमीटर दूरी पड़ता है। bhagalpur to katihar distance नेशनल हाईवे 31 से लगभग 89 किलोमीटर दूरी पड़ता है।

katihar railway station | कटिहार रेलवे स्टेशन कटिहार रेलवे मार्ग भारत के कई प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। पूर्वोतर के राज्यों में आगमन का प्रमुख रेल मार्ग बरौनी कटिहार गुवाहाटी है और यहां पांच मुख्य अलग-अलग मार्गों में ट्रेन का आगमन यहीं से होती है। या स्टेशन कटिहार शहर में स्थित है और इसकी ऊंचाई लगभग 65 मीटर है। katihar to delhi train कटिहार रेलवे स्टेशन से दिल्ली के लिए बहुत सारी ट्रेन दिल्ली प्रस्थान करते हैं जो राजधानी एक्सप्रेस ऑल ट्रेन, अवध आसाम स्पेशल ट्रेन, सिक्किम आनंदा एक्सप्रेस और कई ट्रेन है जो कटिहार से दिल्ली के लिए चलती है। katihar to barsoi train कटिहार से बारसोई के लिए कई ट्रेन खुलती है जो कि ओल्ड दिल्ली अलीपुरद्वार सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस गाड़ी नंबर 05484, लालगढ़ से डिब्रूगढ़ अवध असम एक्सप्रेस ट्रेन गाड़ी नंबर 05910, कटिहार से राधिकापुर पैसेंजर स्पेशल ट्रेन गाड़ी नंबर 05708, गुवाहाटी स्पेशल ट्रेन गाड़ी नंबर 05645 और कई ट्रेनें हैं जो कटिहार से खुलती है बारसोई के रास्ते गुवाहाटी तक जाती हैं और उससे भी आगे जाती है। katihar to barauni train कटिहार से बरौनी जंक्शन के लिए कई ट्रेनें खुलती हैं जो कि amarpali express gadi number 05733, avadh assam special train gadi number 05909, rajdhani special train gadi number 02423, और कोई ट्रेन है जो कटिहार से बरौनी जाती है।

तो दोस्तों ने आज बिहार राज्य कटिहार जिले के बारे में जानने और यहां का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में भी जाने अब बिहार आज के (khagriya jila) खगड़िया जिले के बारे में जानेंगे और यहां का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में भी जानेंगे तो चलते हैं टूरिज्म प्लेस पोस्ट की ओर

khagaria bihar | खगड़िया बिहार

खगड़िया बिहार
खगड़िया tourist places bihar (बिहार)

khagaria (खगड़िया) बिहार राज्य के 38 जिलों में से एक जिला खगड़िया जिला है जो बूढ़ी गंडक नदी के किनारे बसा हुआ है। यह जिला 7 नदियों से घिरा हुआ है, गंगा, कमला बालन, कोसी, बूढ़ी गंडक, करहा, काली कोसी और बागमती से गिरा हुआ है। खगरिया का वर्तमान भूभाग मुंगेर जिला का ऐसा था। khagaria district के भौगोलिक क्षेत्रफल 10,863 वर्ग किलोमीटर में फैली हुई है। 2011 की जनगणना के अनुसार यहां का आबादी 1,666,886 हैं। खगड़िया जिला में अनुमंडल, 7 प्रखंड, 129 पंचायत, 336 गांव 4 विधानसभा क्षेत्र, 1 लोकसभा क्षेत्र और 2 नगर पालिका है। खगड़िया जिला का मुख्य केला, मक्का और मिर्ची की खेती प्रचुर मात्रा में होती है। यहां का गंगा, कोसी तथा गंडक प्रमुख नदियां हैं। खगड़िया जिला के उत्तर में सहरसा जिल, दक्षिण में मुंगेर बेगूसराय जिला, पूर्व में भागलपुर और मधेपुरा जिला तथा पश्चिम में बेगूसराय और समस्तीपुर जिला है। khagaria pin code 851204

katyayani mandir | कात्यानी मंदिर

कात्यानी मंदिर
कात्यानी मंदिर tourist places bihar (बिहार)

खगरिया से लगभग 19 किलोमीटर की दूरी पर मंदिर स्थान है। यह मंदिर चौथम प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत बिहार पंचायत के बंगलिया जिला में स्थित मां कात्यानी स्थान है। इस जगह पर मां कात्यानी की मंदिर है, इसके साथ साथ इस मंदिर के प्रांगण में भगवान राम लक्ष्मण, मां जानकी मंदिर, शिव मंदिर, हनुमान मंदिर, स्थित है। यहां के लोगों का मानना है कि लगभग 300 वर्ष पूर्व यह जगह सघन जंगलों से घिरा हुआ था। एक बार भक्त श्रीपत महाराजा ने मां कात्यानी की स्वप्न मैं देखा और उनके दिशानिर्देश से इस जगह पर मंदिर का निर्माण करवाया था। तभी से यह मंदिर धीरे धीरे प्रचलित हो गया। इस मंदिर में प्रत्येक सोमवार और शुक्र को काफी संख्या में भक्त पूजा करने के लिए आते हैं। और यह मंदिर में भक्तों गाया या भैंस जब बच्चे देती है उसके 12 दिन बाद या 20 दिन बाद मां कात्यानी मंदिर में दूध से धार चढ़ाते हैं। इस मंदिर में दही चुरा का भोग ब्राह्मणों के द्वारा किया जाता है। यह मंदिर खगड़िया जिला का सबसे सर्वश्रेष्ठ मंदिर माना जाता है। यह मंदिर रेलवे मार्ग के निकट में स्थित है। इस मंदिर के प्रांगण में दूर-दूर से भक्त दर्शन के लिए आते हैं इस मंदिर के प्रांगण में सावन के महीने काफी मात्रा में भक्तों की भीड़ लगती है। इस मंदिर में सप्ताह में 2 दिन शुक्रवार और सोमवार को पूजा होती है। photos khagaria यहां का दृश्य बहुत ही अद्भुत दृश्य देखने के लिए मिलता है। यदि आप खगरिया जिला आना चाहते हैं तो वायु मार्ग के माध्यम से आ सकते हैं यहां का सबसे निकटतम हवाई अड्डा पटना जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। जो खगड़िया से लगभग 176 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। यदि आप रेल मार्ग के माध्यम से आना चाहते हैं तो यहां का सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन खगरिया रेलवे स्टेशन है जो कि यह रेलवे मार्ग भारत के कई प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। यदि आप सड़क मार्ग के माध्यम से आना चाहते हैं तो भारत के कई प्रमुख शहर से खगरिया आसानी से पहुंच सकते हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग 130 के माध्यम से खगरिया पहुंच सकते हैं।

तो दोस्त हमने आपको बिहार राज्य खगरिया जिले के बारे में बताएं और यहां का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में जाने अब हम बिहार राज्य के kishanganj jila (किशनगंज जिले) के बारे में जानेंगे और यहां का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में भी जाने तो दोस्त बने रहे टूरिंग प्लेस जानकारी के बारे में जानने के लिएl

Kishanganj Bihar | किशनगंज बिहार

किशनगंज बिहार
किशनगंज tourist places bihar (बिहार)

Kishanganj (किशनगंज) बिहार राज्य के 38 जिलों में से एक जिला किशनगंज भी है जोकि बिहार राज की राजधानी पटना से लगभग 425 किलोमीटर उत्तर पूर्व में स्थित है यह जगह पहले कृष्णाकुंज के नाम से जाना जाता था। किशनगंज बंगाल, नेपाल और बांग्लादेश की सीमा से सटा हुआ है। यह जिला पहले पूर्णिया जिला का अनुमंडल था। बिहार सरकार ने 14 जनवरी 1990 को इसे पूर्ण रूप से जिला घोषित कर दिया गया था। किशनगंज जिला का भौगोलिक क्षेत्रफल लगभग 1884 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। 2011 के जनगणना के अनुसार यहां का कुल आबादी लगभग 16,90,950 हैं। यहां मुस्लिमों की आबादी लगभग 68% है। किशनगंज के आसपास शहर की दूरी के बारे में जानेंगे जैसे kishanganj to siliguri distance लगभग 101 किलोमीटर दूरी पड़ता है। patna to kishanganj distance लगभग 379 किलोमीटर दूरी पड़ता है। purnia to kishanganj distance लगभग 68.8 किलोमीटर की दूरी पड़ता है। kishanganj pin code 733208

kishanganj weather | किशनगंज मौसम यहां का मौसम बहुत ही अनुकूल जाता है, किशनगंज घूमने का सबसे अच्छा मौसम अक्टूबर और मार्च का सबसे अच्छा महीना है घूमने के लिए इस समय में अत्यधिक मात्रा में घूमने के लिए आते हैं और यहां का सबसे खास बात तो यहां किशनगंज मेडिकल है जोकि यहां पर दूर-दूर से लोग काफी मात्रा में इलाज कराने के लिए आते हैं सबसे ज्यादा किशनगंज मेडिकल में खगरिया जिला के लोग आते हैं और खगरिया जिला को दवाई खाना रहना फ्री है। kishanganj std code 06456

kishanganj railway station | किशनगंज रेलवे स्टेशन मैं निम्नलिखित सुविधाएं उपलब्ध हैं। कंप्यूटरीकृत रेलवे आरक्षण प्रणाली, वेटिंग रूम, मुफ्त गूगल वाईफाई, बुक स्टॉल और सरकारी रेलवे पुलिस (G.R.P) का कार्यालय। किशनगंज स्टेशन में दो प्लेटफार्म है एक अप के लिए और दूसरा डाउन ट्रेनों के लिए है।

nehru shanti park | नेहरू शांति पार्क किशनगंज रेलवे स्टेशन से लगभग 1 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। इस पार्क में फुल केसे करो किस्म के पौधे लगे हुए हैं, जो इस पार की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं। नेहरू शांति पार्क में बच्चे को मनोरंजन का खास ध्यान रखा गया है इस पार्क में भगवान बुध का एक प्रतिमा बनाई हुई है जो इस पार की आकर्षक का केंद्र बिंदु है। इस पार्क से कुछ दूरी पर कारगिल पार्क भी स्थित है। जो कि कारगिल में शहीद हुए सैनिकों की याद में बनाया गया है। Kachuudah lakh | कचुदाह झील किशनगंज से लगभग 40 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। इस झील में नववर्ष के मौके पर यहां का स्थानीय पर्यटक भारी मात्रा में घूमने के लिए आते हैं इसकी सुंदरता और स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार की पर्यटन विभाग ने निर्माण कार्य आरंभ कर दिया गया है।

दोस्त हमने बिहार राज्य के किशनगंज जिले के बारे में बताएं और यहां का सबसे प्रमुख है पर्यटन स्थल के बारे में भी बताएं अब हम बिहार राज्य के lakhisarai district (लखीसराय जिले) के बारे में जानेंगे और यहां का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में भी जाने तो दो चलते हैं आगे पोस्ट की ओर।

lakhisarai bihar | लखीसराय बिहार

किशनगंज बिहार
किशनगंज tourist places bihar (बिहार)

lakhisarai (लखीसराय) बिहार राज्य के 38 जिलों में से एक जिला है यह जिला किऊल नदी के किनारे बसा हुआ है। यह जिला बिहार के महत्वपूर्ण शहरों में से एक है इस जिला का गठन 3 जुलाई 1994 को किया गया था। इससे पहले लखीसराय जिला मुंगेर जिले के अंतर्गत आता था। इस जिला की स्थापना पाल वंश के दौरान एक धार्मिक प्रशासनिक केंद्र के रूप में ही गई थी। यह क्षेत्र हिंदू और बौद्ध देवी देवताओं के लिए प्रसिद्ध माना जाता है। 2011 की जनगणना के अनुसार यहां का आबादी लगभग 99,979 है। lakhisarai pin code 811310 lakhisarai temperature यहां का तापमान समान रहता है अक्टूबर के महीने में इस समय पर्यटक घूमने के लिए जा सकते हैं, यह समय टूरिज्म प्लेस के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है। लखीसराय जिला का एक प्रखंड बड़हिया है। lakhisarai station code (लखीसराय स्टेशन कोड) LKR हैं।

abhinath asthan | अभयनाथ स्थान अभयपुर गांव के दक्षिणी पहाड़ी की चोटी पर स्थित यह स्थान है। यह स्थान बहुत प्रसिद्ध और पवित्र स्थान है। इस गांव का नाम यहां के लोगों का मानना है कि बाबा अभयपुर नाथ के नाम पर इस गांव का नाम रखा गया। इस स्थान पर सप्ताह के मंगलवार को काफी मात्रा में श्रद्धालु पूजा पाठ करने के लिए आते हैं। यहां पर हर साल आषाढ़ के पूर्णिमा को यहां पर भव्य पूजा अर्चना होती है अदि आप इस स्थान पर जाना चाहते हैं तो यहां के सबसे निकटतम मसूदन स्टेशन से पैदल लगभग 1 किलोमीटर दूरी पड़ता है उसके बाद आप पहाड़ की चढ़ाई का आनंद लेते हुए अभयनाथ स्थान पहुंच सकते हैं। यहां से कुछ ही दूर पर bhagwati asthan है यह स्थान भी पर्यटक हो अपनी ओर आकर्षित करता है।

shringi rishi | श्रृंगी ऋषि

लखीसराय जिले के खड़गपुर की पहाड़ियों पर स्थित यह तीर्थ स्थल श्रृंगार है। यह स्थान लखीसराय जिले के दक्षिण पूर्व में स्थित है इसका नाम प्रसिद्ध ऋषि श्रृंगी के नाम पर रखा गया है। यहां के लोगों का मानना है कि राजा दशरथ ने अपने चारों पुत्र राम लक्ष्मण भरत और शत्रुग्घ चारों भाई का मुंडन यहीं पर किए थे। इस स्थान पर श्रवण मास मैं और शिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं की काफी भीड़ जुटती है चारों तरफ से गिरे पहाड़ियों से अलौकिक स्थान पर्यटकों को मन को मोह लेता है। इन सभी पर्यटन स्थल के अलावा यहां का एक प्रमुख पर्यटन स्थल nongarh हैं। यह स्थान भी लखीसराय जिले का सबसे प्रमुख स्थान है। lakhisarai photos यदि आप लखीसराय जिले का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल को दृश्य के रूप में देखना चाहते हैं तो आपको ऊपर दिए गए हैं।

दोस्त हमने लखीसराय जिले के बारे में जाने और यहां का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में भी जाने इस जिले के खास विशेषता के बारे में जानकारी लिए। अब हम bihar madhubani jila (बिहार मधुबनी जिले) के बारे में जानेंगे और यहां का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में भी जाने दो दो दोस्त बने रहिए टूरिज्म प्लेस से जुड़ी हुई पर्यटन स्थल के बारे में जानने के लिए।

madhubani bihar | मधुबनी बिहार

मधुबनी बिहार
मधुबनी tourist places bihar (बिहार)

tourist places bihar, madhubani (मधुबनी) बिहार राज्य के प्रान्त में दरभंगा प्रखंड के अंतर्गत एक जिला है। यह दरभंगा और मधुबनी को मिथिला संस्कृति का द्विध्रुव माना जाता है। इस जिले का पर मुख्य भाषा मैथिली तथा हिंदी है। इस जिले को madhubani paintings के रूप में मधुबनी विश्व भर में जाना जाता है। इस जिले का गठन 1972 ईस्वी में दरभंगा जिले के उपरांत हुआ था। madhubani painting मिथिलांचल क्षेत्र के बिहार के दरभंगा मधुबनी एवं नेपाल के कुछ क्षेत्रों की प्रमुख चित्रकला है। मिथिला की औरतों द्वारा शुरू की गई घरेलू चित्रकला को यहां के पुरुषों ने भी अपना लिया है वर्तमान में मिथिला पेंटिंग का कलाकारों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मधुबनी मिथिला पेंटिंग के सम्मान को और बढ़ाने के लिए मधुबनी रेलवे स्टेशन के दीवार पर बहुत बड़ा मिथिला पेंटिंग की कलाकृतियों (madhubani art) से सरोबर किया है। मधुबनी जिले के उत्तर में नेपाल दक्षिण में दरभंगा पूर्व में सुपौल तथा पश्चिम में सीतामढ़ी जिले से गिरा हुआ है। मधुबनी जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल लगभग 3,501 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। 2011 के जनगणना के अनुसार यहां का कुल जनसंख्या 66,285 है। मधुबनी जिले में 10 नदियां बहती है कमला, करेह, बलान, भूतही बलान, गेहुंआ, सुपेन, त्रिशुला, जीवछ, कोसी और अधवारा समूह हैं। इस जिला में कुल 5 अनुमंडल, 21 प्रखंडों, 399 पंचायतों तथा 1111 गांव में बांटा हुआ है। इस जिले का प्रमुख फसल धान, गेहूं, मक्का, मखान इत्यादि है। मधुबन जिले में यहां भारत के 80% मखान उगाए जाते हैं। madhubani pin code 847109

tourist places bihar, madhubani weather यहां का मौसम बहुत ही अनुकूल रहता है। यदि आप मधुबनी घूमना पसंद करते हैं नवंबर से लेकर मार्च के महीने तक घूमने का सबसे अच्छा समय रहता है। यहां का सबसे प्रमुख की पर्यटन स्थल rajnagar palace madhubani | राजनगर पैलेस मधुबनी इसी पैलेस को नवलखा पैलेस भी कहते हैं। इसे राजनगर पैलेस के नाम से भी जाना जाता है। एक्स एक्स एक्स बिहार राज्य मधुबनी जिले में राजनगर शहर में एक शाही ब्राह्मण महाल है। स्माइल का निर्माण दरभंगा के महाराजा रामेश्वर सिंह ने करवाया था। rajnagar place का निर्माण 1884 और 1929 के बीच दरभंगा राजा की प्रशासनिक राजधानी के रूप में काम करने के लिए बनाया गया था। raj please madhubani यह परिसर 15 सेकंड में फैला हुआ है इसमें देवी देवताओं के 11 मंदिर और कई किले मौजूद है। मैं सोचा 20 ईसवी में बिहार नेपाल भूकंप के दौरान इस महल में काफी नुकसान हुआ था। इस माल को फिर से नहीं बनाया गया है। यह पर्यटन स्थल मधुबनी जिले का सबसे श्रेष्ठ पर्यटन स्थल है।

tourist places bihar, kapileshwar mahadev mandir | कपिलेश्वर महादेव मंदिर मधुबनी जिले के रहता प्रखंड में स्थित है यह मंदिर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया है। इस मंदिर में भगवान शिव की प्रतिमा है। इस मंदिर में रखें शिवलिंग को यहां के कपिल ऋषि ने रखा था। यह मधुबनी जिले का kapileshwar mandir प्रसिद्ध मंदिर में से एक है। इस मंदिर में अत्यधिक मात्रा में भक्तों महाशिवरात्रि और श्रवन मास के समय में आता है। इस मंदिर में पूजा करने का समय सुबह 6:00 बजे से रात्रि 7:00 बजे तक जाती है उसके बाद इस मंदिर को बंद कर दिया जाता है। patna to madhubani distance लगभग 171.8 किलोमीटर की दूरी है।

दो दोस्त हमने मधुबनी जिले के बारे में जाने और यहां का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में भी जाने यहां के आसपास कि शहर की दूरी के बारे में जाने अब हम बिहार राज्य के मुंगेर जिले के बारे में जानेंगे और यहां का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल जैसे jai prakash udyan, kali pahadi और कहीं पर्यटन स्थल के बारे में भी जानेंगे।

मुंगेर बिहार
मुंगेर tourist places bihar (बिहार)

munger (monghyr) | मुंगेर बिहार राज्य के 38 जिलों में से एक जिला मुंगेर भी है जोकि गंगा नदी के किनारे बसा हुआ है। मुंगेर जिला का और मुंगेर विभाग का मुख्यालय भी है। मुंगेर जिला जनसंख्या के अनुसार बिहार का 5वां सबसे बड़ा शहर है। यह जिला जमालपुर से लगभग 8 किलोमीटर दूरी पर है मुंगेर और जमालपुर एक जुड़वा नगर क्षेत्र है। munger weather मुंगेर जिला का मौसम गर्मी की अपेक्षा munger temperature बहुत ही अत्यधिक मात्रा में रहता है और इस समय में पर्यटकों को घूमने के लिए अच्छा समय नहीं है और ऐसे कुछ जगह है जोकि गर्मियों के समय में यहां इतना गर्मी का अहसास नहीं होता है। यदि आप मुंगेर जिला घूमना पसंद करते हैं तो आप अक्टूबर नंबर और मार्च का महीना सबसे अच्छा है इस समय में यहां का तापमान बहुत ही अनुकूल रहता है। यहां का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल gurudwara at piparpanti, Goenka shivalaya, baptist mission, pirpahar, bhimbandh, जो कि यहां पर आने वाले पर्यटक इन सभी जगहों पर जरूर घूमने के लिए जाना पसंद करते हैं।

munger university | मुंगेर विश्वविद्यालय राज्य विश्वविद्यालय हैं। मुंगेर विश्वविद्यालय को भागलपुर विश्वविद्यालय के विभाजन के माध्यम से स्थापित किया गया था इसका अधिकार क्षेत्र 5 जिलों में फैला है बिहार में मुंगेर डिवीजन के तहत मुंगेर लखीसराय शेखपुरा जमुई और खगरिया के अंतर्गत आता है। मुंगेर विश्वविद्यालय की स्थापना 18 मार्च 2018 को तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय से विभाजन के बाद हुई थी। munger pin code 811201

chandika devi mandir | चंडिका देवी मंदिर बिहार राज्य के मुंगेर जिले में मुख्यालय से लगभग 4 किलोमीटर दूर गंगा के किनारे स्थित है। इसके पूर्व और पश्चिम में श्मशान है। इसीलिए इस मंदिर को श्मशान चंडी के रूप में भी जाना जाता है। इस मंदिर के प्रांगण में नवरात्रि के दौरान कई साधक तंत्र सिद्ध करने के लिए आते हैं। यहां के लोगों को मान्यता के अनुसार मां सती की बाई आंख गिरी थी यहां आंखों से असाध्य रोग से पीड़ित लोग पूजा करने आते हैं और यहां से काजल लेकर जाते हैं लोग मानते हैं कि यह काजल नेत्ररोगीयों के विकार दूर करती है। यह chandika देवी के 52 शक्तिपीठों में से एक मां चंद्रिका का मंदिर है। इस मंदिर में काफी लोग पूजा करने के लिए आते हैं। khandika devi मुंगेर का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल है। chandika astahan मुंगेर रेलवे स्टेशन से लगभग 2 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। यहां का बहुत ऐसे पर्यटन स्थल है जैसे shri krishna vatika, kastaharni ghat, pir shah nafah shrine यह सभी पर्यटन स्थल पर्यटकों के लिए दर्शनीय है।

tourist places bihar, sita kund | सीता कुंड मुंगेर से लगभग 6 किलोमीटर पूर्व में स्थित है। यह कुंड मुंगेर आने वाले पर्यटक को को आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। इस कुंड का नाम पुरुषोत्तम राम की धर्म पत्नी सीता के नाम पर रखा गया है यहां के लोगों का मानना है कि राम सीता को रावण के चंकुल से चुरा कर लाए थे तो उनको अपनी पवित्र साबित करने के लिए अग्नि परीक्षा देनी पड़ी थी। धर्म शास्त्र के अनुसार अग्नि परीक्षा के बाद सीता माता ने जिस कुंड में स्नान किया था यह वही कुंड है। इस कुंड को बिहार राज्य के पर्यटन मंत्रालय ने एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया है। इस कुंड के नजदीक एक डैम का भी निर्माण कराया गया है। इस कुंड में स्नान करने का सबसे श्रेष्ठ समय माघ मास के पूर्णिमा या फरवरी के महीने में स्नान करने के लिए यहां पर भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं इस कुंड का पानी कभी-कभी 138 डिग्री फॉरेनहाइट गर्म हो जाता है।

tourist places bihar,  manpatthar | मनपत्थर यह मां सीता के चरण है। सीता चरण कष्टहरनी घाट से बहुत ही नजदीक है। इस पत्थर में दो चरणों का निशान है जिसे सीता मां का चरण माना जाता है। यह पत्थर लगभग 250 मीटर लंबा और 30 मीटर चौड़ा है। और उस जगह पर एक छोटा सा मंदिर भी है। ucheswarnath | उचेश्वरनाथ मंदिर मुंगेर जिले के खड़गपुर क्षेत्र में स्थित है। इस मंदिर में भगवान शिव की प्रतिमा बनाई गई है। यह एक यहां का सबसे प्रसिद्ध स्थान है जहां भगवान शिव की पूजा की जाती है। इस मंदिर के प्रांगण में यहां रहने वाले संथान जनजाति के लिए यह स्थान विशिष्ट महत्त्व रखा गया है और यहां पर एक लोक मेला लगता है जिसमें आदिवासी परंपरा के अनुसार इस मंदिर में लड़के और लड़कियों की शादी की जाती है। यह मंदिर यहां का सर्वश्रेष्ठ मंदिर है।

tourist places bihar, kharagur lake | खड़गपुर झील दरभंगा के महाराजा द्वारा बनाए गए सरोवर के कारण इसकी सुंदरता और भी अधिक बढ़ गई है। यह जेल मुंगेर जेल के अपेक्षा खड़गपुर झील सबसे सुंदर झील है। malnipahar (मालनीपहाड़ी) , maruk (मारुकी) मुंगेर जिला का यह सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल हैं। safiabad-mirza (सफियाबाद-मिर्जा) इसका निर्माण सैफ खान ने लोक सुविधा के लिए किया था। आसिफ खान को पहले मिर्जा सैफी के नाम से जाना जाता था। जो कि मुमताज महल जिनकी स्मृति में ताजमहल बनवाया गया है। यहां सिर्फ कौन की इच्छा के अनुसार एक बड़ा कुआं भी है। मुंगेर जिला का और भी कई पर्यटन स्थल है जो कि यहां देखने के लिए आते हैं जैसे mullah mohammad syed grave, dilwarpur, haha punch kumari, rameshwar kund, munger fornt and sitla mandir यह सभी पर्यटन स्थल मुंगेर जिले को और भी खूबसूरती प्रदान करती हैं। जिससे यहां पर आने वाले पर्यटक का मन मोह लेता है। tourist places bihar,

tourist places bihar, rishikund | ऋषिकुंड खड़गपुर की पहाड़ियों पर स्थित है। यह कुंड तीर्थस्थल काफी महसूर है। ऋषि कुंड मुंगेर से लगभग 23 किलोमीटर दक्षिण पूर्व में लौवागढ़ी-पाटम-लोहची पथ में पहाड़पुर वनवर्ष के समीप स्थित है। इस स्थान का नाम प्रसिद्ध ऋषि श्रृंग के नाम पर रखा गया है। इस कुंड में मलमास के शुभ अवसर पर सरदारों काफी भीड़ में स्नान करने के लिए आते हैं। और यहां का घर में झरना पर्यटकों के लिए आकर्षक केंद्र बिंदु बन गया है। ठंड के मौसम में झरने का पानी हल्की गर्म होता है इस झरने में स्नान करने के लिए दूर-दूर से पर्यटक आते हैं। इस झरने के नजदीक एक डैम का निर्माण किया गया है जो कि इसकी खूबसूरती में चार चांद लगाता है। झरने के समीप भगवान शिव को समर्पित एक बहुत प्राचीन मंदिर भी है।

tourist places bihar, झरने में स्नान करने के बाद पर्यटक पूजा के लिए इस प्राचीन मंदिर के अंदर जाते हैं। badi durga maa temple (बड़ी दुर्गा मां मंदिर) मुंगेर जिले के श्री बड़ी दुर्गा महारानी अपनी एक अलग पहचान है। यहां पर नवरात्र के समय में मुंगेर से ही नहीं बल्कि दूर-दूर से पर्यटक पूजा और दर्शन के लिए आते हैं। मुंगेर जिले के सभी घरों में बड़ी दुर्गा का तस्वीर या कैलेंडर दिखती है। इस मंदिर में पूजा कराने के लिए यहां पर चंदे से जुटाए जाते हैं और यहां पर दूर-दूर के पर्यटक चंदा के रूप में दान प्रदान करते हैं। बड़ी मां दुर्गा का विसर्जन शोभायात्रा कंधे पर निकाली जाती है कंधा देने के लिए लोगों की काफी भीड़ लगी रहती है यहां का विसर्जन का समय दशमी की शाम में होती है। और एकादशी की दोपहर के बाद गंगा में विसर्जन की जाती है। यहां का सबसे सर्वश्रेष्ठ मंदिर माना जाता है। बड़ी दुर्गा की प्रतिमा में काल के जितने सभी रूप हैं वह सभी मूर्तिकार गुलाब पंडित उकेरने का प्रयास करते हैं। आधुनिक युग से ही बड़ी दुर्गा में पुरानी परंपरा का ख्याल रखा जाता है मां दुर्गा की सारे जेवरात सोने और चांदी के होते हैं लेकिन कंगन मट्टी के होते हैं। इस कंगन को कलाकृति के अनुसार से इसे आप नहीं पहचान पाएगा की मिट्टी के हैं। tourist places bihar,

tourist places bihar, तो दोस्त हमने बिहार राज्य मुंगेर जिले के बारे में जाने और यहां के सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में भी जाने, अब हम बिहार राज्य muzaffarpur district (मुजफ्फरपुर जिला) के बारे में जानेंगे और यहां का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल जैसे shri ram temple, ambara chowk, ram chandra shahi museum, national litchi research centre  के बारे में जानेंगे। तो दोस्त बने रहे टूरिज्म प्लेस के जानकारी के बारे में जानने के लिए। tourist places bihar,

muzaffarpur bihar (मुजफ्फरपुर बिहार)

मुजफ्फरपुर बिहार
मुजफ्फरपुर tourist places bihar (बिहार)

tourist places bihar, muzaffarpur (मुजफ्फरपुर) उत्तर बिहार का एक प्रमुख शहर है। यह जिला बूढ़ी गंडक नदी के किनारे बसा हुआ है। यह जिला अपने सूती वस्त्र उद्योग लाख की चूड़ियां शहद तथा आम और lichi gardens (लीची) जैसे फलों के उमा उत्पादन के लिए यह जिला पूरे विश्व में जाना जाता है। यहां के लीची राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भी भेजी जाती हैं। यहां की शाही लीची का कोई जोर नहीं है। 2017 में मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी के लिए चयनित हुआ है। मुजफ्फरपुर जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल लालबाग 3172 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। 2011 की जनगणना के अनुसार यहां का कुल जनसंख्या 3,93,724 हैं। प्राचीन काल में मुजफ्फरपुर मिथिला राज्य का अंग था। मुजफ्फरपुर से बहने वाली नदियां 4 नदियों है जो कि गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती तथा लखनदेई हैं। मुजफ्फरपुर जिले के अंतर्गत 16 प्रखंड और 387 पंचायत 1811 गांव मौजूद है। मुजफ्फरपुर जिले के अंतर्गत आने वाले शिक्षण स्थान जो कि सबसे महत्वपूर्ण शिक्षण स्थान है। जैसे बाबा साहब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय, लंगट सिंह विश्वविद्यालय , श्री राघव प्रसाद सिंह कॉलेज, रामेश्वर सिंह महाविद्यालय, ललित नारायण मिश्र कॉलेज ऑफ बिजनेस मेनज्मन्ट, मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, एडीडीएम कॉलेज, बीबी कालेजिएक, रामदयालु महाविद्यालय, राधु शरण सिंह इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ एजुकेशन, श्री कृष्णा मेडिकल एंड हॉस्पिटल, यह सभी मुजफ्फरपुर का प्रसिद्ध शिक्षण संस्थान है। muzaffarpur pin code 842001

tourist places bihar, muzaffarpur weather | मुजफ्फरपुर मौसम यहां का मौसम गर्मी अप्रैल से जून महीने के बीच अत्यधिक मात्रा में गर्मी रहता है। muzaffarpur temperature यहां का तापमान जून और मार्च के महीने में 40 डिग्री सेल्सियस तक अत्यधिक मात्रा में रहती हैं। इसके मुकाबले सर्दियों यहां पर काफी सुखद एवं शीतल होती है। इस समय में पर्यटक मुजफ्फरपुर का आनंद ले सकते हैं। muzaffarpur station code मुजफ्फरपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन का कोड MFP हैं। इस शहर को muzaffarpur smart city भी कहा जाता है। weather muzaffarpur, bihar यहां पर सबसे ज्यादा ठंडी जनवरी के महीने में रहती है। temperature in muzaffarpur जनवरी के महीने में यहां का उच्चतम तापमान लगभग 22 डिग्री सेल्सियस तक रहती है और न्यूनतम तापमान लगभग 6 डिग्री सेल्सियस तक रहती है।  pin code of muzaffarpur 842001, patna to muzaffarpur distance , लगभग 71.6 किलोमीटर की दूरी पड़ता है। muzaffarpur to delhi bus मुजफ्फरपुर से दिल्ली के लिए बस की प्राइस लगभग 1800 से 2500 के बीच रहता है यह निश्चित नहीं है कि इतना ही रहेगा समय के अनुकूल बस का किराया बढ़ते और घटता ही रहता है। अब हम मुजफ्फरपुर के कुछ प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में जानेंगे।

tourist places bihar, garib sthan mandir temple | गरीब स्थान मंदिर मुजफ्फरपुर के इस शिव मंदिर को देवघर के समान आदर प्राप्त हैं। garibnath temple में भी जैसे सावन में देवघर भक्त शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं उसी तरह baba garibnath temple पर भी शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं और यहां सावन के महीने में सोमवार के दिन बहुत भक्त पूजा करने के लिए आते हैं। यहां पर जलाभिषेक करने वाले भक्तों की मनोकामनाएं जरूर पूरी होती है। इस मंदिर में गंगाजल को गांधी पर कांवर में सजाकर कठिन डगर को पार करते हुए श्रद्धालु यहां आकर गंगाजल से बाबा का अभिषेक करते हैं। और बाबा उसकी आस्था को स्वीकार करते हुए उसके मन की कठिनाइयों को दूर करते हैं। tourist places bihar, garibnath temple in muzaffarpur सबसे प्रसिद्ध मंदिर माना जाता है। jubba sahni park muzaffarpur bihar | जुब्बा सहनी पार्क मुजफ्फरपुर बिहार भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान जुब्बा साहनी ने 16 अगस्त 1942 को मणिपुर थाने के इंचार्ज लियो वालर को आग में जिंदा झोंक दिया था बाद में इस बारे में जानने के बाद इसे पकड़ लिए गए उनके बाद उन्हें 11 मार्च 1944 ईस्वी को फांसी दे दिया गया था मुजफ्फरपुर जिले के इस महान स्वतंत्रता सेनानी के याद में बनाया गया jubba sahni park को निर्माण किया गया था। muzaffarpur jubba sahni park यहां का सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल माना गया है। और यहां के jubba sahni park photo देखने में काफी सुंदर है। मुजफ्फरपुर जिले के कुछ ऐसे भी प्रमुख पर्यटन स्थल है जो यहां आने वाले पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है जैसे shaheed jubba sahni park muzaffarpur, bihar and rama devi mandir, kali mata temple, simri mai temple इनसे पर्यटन स्थल के अलावा और भी कई सारे पर्यटन स्थल है जो नीचे दिए गए हैं।

ramna’s tripur sundari temple | रमना का त्रिपुरा सुंदरी मंदिर यह मंदिर हिंदू धर्म का सबसे प्रमुख मंदिर है इस मंदिर में काफी मात्रा में पर्यटक दर्शन के लिए आते हैं यह मंदिर मुजफ्फरपुर का सबसे प्रमुख प्रसिद्ध मंदिर हैं ।

tourist places bihar, तो दोस्त हमने बिहार राज्य के मुजफ्फरपुर जिले के बारे में जाने और यहां का सबसे प्रमुख भाग लीजिए के बारे में भी जोड़ें और यहां के अलग-अलग पर्यटन स्थल के बारे में भी जाने अब बिहार राज्य नालंदा जिला और यहां का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में भी जानेंगे। tourist places bihar,

 nalanda | नालंदा

नालंदा बिहार
नालंदा tourist places bihar (बिहार)

tourist places bihar, नालंदा प्राचीन भारत में उच्च शिक्षा का सर्वाधिक महत्वपूर्ण केंद्र था। यहां पर महायान बौद्ध धर्म के इस शिक्षा केंद्र में हीनयान बौद्ध धर्म के साथ हैं अन्य धर्म देश के अनेक छात्र इस महाविद्यालय में पढ़ते थे। वर्तमान में बिहार राज्य के पटना से लगभग 88.5 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व और राजगीर से 11.5 किलोमीटर उत्तर में एक गांव के पास अलेक्जेंडर कनिंघम द्वारा खोजे गए इस महान बौद्ध विश्वविद्यालय के प्राचीन वैभव का बहुत कुछ अंदाज करा देता है। सातवीं शताब्दी में भारत के इतिहास को पढ़ने आया था। चीन से ह्वेनसांग तथा इत्सिंग क्या यात्रा विवरणों से इस विश्वविद्यालय के बारे में विस्तार पूर्वक से जानकारी प्राप्त होती है। इस विश्वविद्यालय में 10000 छात्र को पढ़ाने के लिए 2000 शिक्षक थे।

प्रसिद्ध चीनी यात्री ह्वेनसांग ने सातवीं शताब्दी में यहां जीवन का महत्वपूर्ण 1 वर्ष का विद्यार्थी और एक शिक्षक के रूप में व्यतीत किए थे। viswa shanti stupa rajgir | विश्व शांति स्तूप राजगीर यहां स्तूप बिहार राज्य के राजगीर में रत्नागिरी पहाड़ी पर स्थित है। यह धुंधले से सफेद रंग का है और जिस पर बुद्ध की प्रतिमाएं बनाई गई है। यह राजगीर की विश्व शांति स्तूप एक प्रसिद्ध पावन स्थल हैं। जो कि एक पहाड़ियों के ऊपर बसा हुआ है। viswa shanti stupa का निर्माण 1978 में गौतम बुद्ध की 2600 जानती के मौके पर निर्माण किया गया था। इस स्तूप का डिजाइन वास्तुकार उपेंद्र महारथी ने तैयार किया था। स्तूप का गुंबद 72 फुट ऊंचा है भगवान बुद्ध ने इस पर्यटन स्थल से विश्व को शांति का उपदेश दिया था। shanti stupa देश का सबसे प्रमुख पर्यटक कोका आकर्षण केंद्र है यहां लोग को अत्यंत शांति प्राप्त होती है। और यहां शेयर करने के लिए सर्दी का मौसम सबसे श्रेष्ठ होता है। यह पर्यटन स्थल राजगीर का सबसे शांति पूर्वक पर्यटन स्थल है यहां पर श्रद्धालु घूमने के लिए जरूर जाते हैं अभी आप लोग राजगीर आते हैं तो एक बार rajgir shanti stupa पर्यटन स्थल यहां का सबसे प्रमुख के पर्यटन स्थल है।

tourist places bihar, swarn bhandar | स्वर्ण भंडार यह प्राचीन काल मैं जरासंघ का सोना का खजाना था। यहां के लोगों का मानना है कि अब भी इस पर्वत की गुफा के अंदर अत्यधिक मात्रा में सोना छुपा हुआ है। और पत्थर के दरवाजे पर उसे खोलने का रहस्य भी किसी गुप्त भाषा में खुदा हुआ है। में भाषा लिपि भाषा में है और वह लिपि बिंदुसार के शासनकाल में चला करती थी। swarn bhandar यहां का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। swarn bhandar rajgir का सबसे श्रेष्ठ स्थल है। यहां पर पर्यटन दूर-दूर से घूमने के लिए आते हैं यदि आप इसके बारे में पूरी जानकारी लेना चाहते हैं swarn bhandar rajgir wiki के माध्यम से ले सकते हैं।

tourist places bihar, mahavirswami jain water temple (महावीरस्वामी जैन जल मंदिर) बिहार राज्य के नालंदा जिले में राजगीर और बोधगया के नजदीक में ही स्थित है इसे पावापुरी या बाबा भी कहा जाता है। water temple जैन धर्म के मतावलंबियों के लिए एक पवित्र शहर है क्योंकि यहां के लोगों का मानना है कि भगवान महावीर को यही मोक्ष की प्राप्ति हुई थी, यहां के जल मंदिर की शोभा देखते ही बनती है। संपूर्ण शहर कैमूर की पहाड़ी पर बसा हुआ है। mahanandi temple water बिहार शरीफ रेलवे स्टेशन से लगभग 9 मील पर स्थित है। यह स्थान राजगृह से 10 मील दूर है। temple in water राजगीर कहां है सबसे महत्वपूर्ण मंदिर माना जाता है। इस मंदिर में दूर-दूर से पर्यटक दर्शन के लिए आते हैं।

tourist places bihar, pandu pokhar rajgir | पांडू पोखर राजगीर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। pandu pokhar in rajgir (पांडू पोखर राजगीर) में वैसे कर क्षेत्र में फैला हुआ है यहां के लोगों का मानना है कि इस जगह का इस्तेमाल पांडवों के पिता महाराज पांडू अस्तबल के तौर पर करते थे। pandu pokhar में सरोवर के बीचो-बीच 40 फीट ऊंचे महाराजा कुंडी की एक प्रतिमा स्थापित की गई है ओन्ली पोखर सरोवर में नौका या ना का लुत्फ उठाते हुए पर्यटक इन की प्रतिमा को गरीब से देखते हैं। इस पोखर में वोटिंग का भी आप आनंद ले सकते हैं। इस पर्यटन स्थल में घूमने वाले पर्यटकों को यहां के पोखर प्रबंधक ने तोफा दिया है। pandu pokhar rajgir bihar है पर्यटन स्थल बिहार राज्य के नालंदा जिले का सबसे श्रेष्ठ पर्यटन स्थल माना जाता है। pandu pokhar resort पांडू पोखर के नजदीक में अनेक होटल भी है और इस होटल में रहने खाने के साथ-साथ मनोरंजन की भी सुविधा दी गई है। ‌tourist places bihar,

ghora katora lake rahjgir | घोड़ा कटोरा झील राजगीर बिहार राज्य के नालंदा जिला में स्थित है। यह जेल पर्यटक स्थल के रूप में जानी जाती है यहां किसी प्रकार की जीव हत्या नहीं की जाती है कालांतर में यह पक्षी विहार का रूप ले चुका है यहां पर 37 पक्षियों का 1 वर्ष तक के सप्ताहिक अवलोकन का विवरण प्रस्तुत किया जाता है। ghora katora lake (घोरा कटोरा झील) यह नालंदा जिला का सबसे श्रेष्ठ झील है इस पर्यटन स्थल पर दूर-दूर से लोग घूमने के लिए आते हैं। ghora katora lake in rajgir (राजगीर में घोरा कटोरा झील) प्रमुख पर्यटन स्थल में से एक या झील भी है। यदि आप इस झील के बारे में और विस्तार रूप से जानना चाहते हैं तो आप ghora katora lake wikipedia के माध्यम से जान सकते हैं।

tourist places bihar, nalanda archaeological museum | नालंदा पुरातत्व संग्रहालय बिहार राज्य सबसे अधिक देखे जाने वाले स्थानों में से एक स्थान नालंदा के archaeological museum (पुरातत्व संग्रहालय) मैं हजारों पुरावशेष संरक्षित है। archaeological museum nalanda (पुरातत्व संग्रहालय नालंदा) मिशन 1917 ईस्वी में स्थापित किया गया था। और यह राजगीर का प्राचीनतम मठ विश्वविद्यालय परिसर के रूप में प्रसिद्ध है। संग्रहालय का सबसे मुख्य आकर्षण भाग बुद्ध की अच्छी मूर्तियां हैं। इस संग्रहालय में दो विशाल टेराकोटा के मटके भी है। जो पहले शताब्दी में बनाया गया था। nalanda museum राजगीर का उन सभी पर्यटन स्थलों के अलावा यह भी स्थान दर्शनीय है। यहां पर पर्यटक घूमने के लिए आते हैं। nalanda museum timings सुबह 9:00 बजे से शाम के 7:00 बजे तक खुली रहती हैं। यह एक अनुमान लगाया गया है। tourist places bihar,

nalanda  university history | नालंदा विश्वविद्यालय इतिहास

नालंदा विश्वविद्यालय
नालंदा विश्वविद्यालय

tourist places bihar, nalanda  university (नालंदा विश्वविद्यालय) राजगीर नालंदा जिला में स्थित है। nalanda university founder कुमारगुप्त ने पांचवी शताब्दी में स्थापित करवाया था। इस विश्वविद्यालय में 10000 छात्र को पढ़ाने के लिए 2000 शिक्षक थे। इस विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को रहने के लिए 300 कक्षा बने थे इसमें अकेले या एक से अधिक छात्र के रहने की व्यवस्था थी एक या दो भिक्षु छात्र एक कमरे में रहते थे कमरे में छात्र को प्रत्येक वर्ष उनकी पगड़ी माता के आधार पर दिए जाते थे इसका प्रबंधन स्वयं छात्र द्वारा किया जाता था। यह विश्वविद्यालय लगभग 30 एकड़ में फैला हुआ है।  इस विद्यालय की लंबाई लगभग 80 फीट तथा चौड़ाई 1600 फीट की है। nalanda open university (नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय) इस विश्वविद्यालय को कुमारगुप्त ने बनवाया था।  founder of nalanda university (नालंदा विश्वविद्यालय के संस्थापक) वंश के शासक कुमारगुप्त ने इस विश्वविद्यालय का स्थापना किया था।

tourist places bihar, nalanda open university online admission (नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय ऑनलाइन प्रवेश) इस विश्वविद्यालय में प्रवेश करने के लिए विश्वविद्यालय के सूची में आए दिनांक के अनुसार प्रवेश कर सकते हैं। tara maa mandir (तारा मां मंदिर) बिहार राज्य में नालंदा जिले में स्थित है। maa tara mandir यहां का सबसे प्रमुख मंदिर है। maa tara devi mandir (मां तारा देवी मंदिर) में पूजा करने के लिए काफी भक्त जाते हैं। maa tara tarini mandir में दूर-दूर से पर्यटक करने के लिए और यहां पर घूमने के लिए भी आते हैं यह स्थान सबसे पवित्र स्थान माना गया हैं। tara maa mandir pic देखने में बहुत ही खूबसूरत लगता है। नालंदा जिला के कुछ ऐसे भी बढ़िया नाश्ता है जो कि यहां का खूबसूरती में चार चांद लगाता है। जैसे shiv mandir, kargil park यह सभी पर्यटन स्थल यहां का सबसे श्रेष्ठ पर्यटन स्थल यदि आपको नालंदा घूमने के लिए आते हैं तो यहां का इन सभी पर्यटन स्थल जरुर घुमे ।

tourist places bihar, तो दोस्त हमने जाना नालंदा जिले के बारे में और यहां के बारे में बिहार के nawada district (नवादा जिला) के बारे में और यहां का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थान के बारे में जानेंगे। तो दोस्त बने रहिए टूरिज्म प्लेस की जानकारी के बारे में जानने के लिए चलते है, जानेंगे tourist places bihar,

nawada bihar | नवादा बिहार

नवादा बिहार
नवादा tourist places bihar (बिहार)

tourist places bihar, nawada (नवादा) सचिन बिहार गाजीपुर एक खूबसूरत एवं ऐतिहासिक जिला है। यह जिला पटना के दक्षिण पूर्व में लगभग 93 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह जिला प्रकृति की गोद में बसा नवादा जिला कोई प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए जाना जाता है। जैसे ककोलता जलप्रपात, प्रजातंत्र द्वारा, नारद संग्रहालय, सेखोदेवरा और गुनियाजी यह सभी पर्यटन स्थल यहां का प्रमुख पर्यटन स्थल। नवादा प्राचीन समय में यह शक्तिशाली मगध साम्राज्य का अंग रहा था। इस जगह पर वृहद्रथ, मौर्य, गुप्त एवं कण्व शासकों ने लंबे समय तक शासन किया था। नवादा शहर का नाम दो शब्द से मिलकर बना हुआ है। (नव + आबाद = नवादा) नवादा जिला लगभग 2494 किलोमीटर क्षेत्रफल में फैला हुआ है। 2011 के जनगणना के अनुसार यहां की कुल आबादी लगभग 1,18,768 हैं। nawada weather यहां का मौसम सर्दी के महीने में बहुत ही अनुकूल रहता है। और गर्मियों में nawada temperature लगभग 35 डिग्री सेल्सियस है 40 डिग्री सेल्सियस तक रहती है। यहां घूमने का सबसे अच्छा समय ठंडी के महीने में यहां पर पर्यटक घूमने के लिए आते हैं। nawada pin code 805110

tourist places bihar, kakolat falls nawada bihar | काकोलता जलप्रपात नवादा बिहार राज्य के नवादा शहर से लगभग 13 किलोमीटर दूर ककोलता में स्थित है। फतेहपुर गोविंदपुर मार्ग पर थाली से लगभग 5 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है। यह जलप्रपात प्राकृतिक के गोद में बसा ककोलता जलप्रपात धार्मिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। यह झरना समुद्र तल से लगभग 150 से 160 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां के लोगों का मानना है कि इस जगह पर पांडवों ने अपने अज्ञातवास के दौरान एक राजा को सर्पयोजना से मुक्त करवाया था। kakolat falls पर प्रत्येक वर्ष चैत संक्रांति के अवसर पर यहां एक सप्ताह तक मेला का आयोजन होता है चैत संक्रांति को विशुआ संक्रांति भी कहा जाता है। इन सभी के अलावा ककोलता पर्वत यहां का बहुत ही खूबसूरत पिकनिक स्थान भी है। और kakolat falls bihar का सबसे श्रेष्ठ झील माना जाता है। pin code of nawada 805110

tourist places bihar, यदि आप नवादा जिला आना चाहते हैं तो आप वायु मार्ग के माध्यम से यहां आ सकते हैं। यहां का सबसे निकटतम हवाई अड्डा पटना का जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है जो कि नवादा से लगभग 98 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। यदि आप रेल मार्ग के माध्यम से आना चाहते हैं तो भारत के कई प्रमुख शहरों से रेल मार्ग नवादा पहुंचा जा सकता है गया कियूल रेलखंड की बड़ी लाइन नवादा होकर गुजरती है। यहां से हावड़ा गया एक्सप्रेस गुजरने वाली महत्वपूर्ण गाड़ी है। यदि आप सड़क मार्ग से आना चाहते हैं तो नवादा सड़क मार्ग द्वारा बिहार के कई प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है अंतर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 31 एवं 85 नवादा जिले से होकर गुजरती है जिनकी कुल लंबाई लगभग 83 किलोमीटर है राजकीय राजमार्ग संख्या की कुल लंबाई 137.6 किलोमीटर है। नवादा से दूरी सड़क मार्ग कई बड़े बड़े शहरों से है। आप इन सभी के माध्यम से नवादा अच्छी तरह से पहुंच सकते हैं। नवादा शहर से इसके आसपास के शहर की दूरी जैसे gaya to nawada distance लगभग 59.2 किलोमीटर की दूरी है। patna to nawada distance लगभग 115.6 किलोमीटर की दूरी है। nawada bihar pin code 805110

tourist places bihar, तो दोस्त हमने बिहार राज्य के नवादा जिले के बारे में जाने और यहां का पर्यटन स्थल के बारे में भी जाने अब हम बिहार राज के राजधानी पटना जिले के बारे में जानेंगे और यहां का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में भी जानेंगे। दोस्त बने रहिए टूरिज्म प्लेस से जुड़ी जानकारी के बारे में जानने के लिए।

patna history | पटना इतिहास

patna बिहार
patna tourist places bihar (बिहार)

tourist places bihar, patna (पटना) भारत देश के बिहार राज्य के पटना जिले में स्थित एक ऐतिहासिक नगर है। और यह बिहार राज्य की राजधानी भी है। यह बिहार का सबसे बड़ा नगर है। पटना का सबसे प्राचीन नाम पाटलिपुत्र पुष्पपुरी और कुसुमपुर था। पटना सोन और गंगा नदी के संगम पर स्थित है। सोन नदी आज से दो हजार साल पहले अगमकुॅंआ से आगे गंगा में मिलती थी। यहां पर काफी मात्रा में उपजाया जाता था। और यहां पर गुलाब के फूल से तरह-तरह के इत्र, दवा आदि बनाकर का व्यापार किया जाता था इसीलिए इसका नाम पाटलीग्राम हो गया। पटना गंगा नदी के दक्षिणी किनारे पर स्थित है। जहां पर गंगा, घाघरा, गंडक जैसी सहायक नदी से मिला हुआ है। गंगा नदी के महात्मा गांधी सेतु पुल जो पटना से हाजीपुर को जोड़ने के लिए उत्तर दक्षिण की दिशा में बनाया गया है या दुनिया का सबसे लंबा सड़क पुल है दो लेन वाले इस प्रबलित कंक्रीट पुल की लंबाई लगभग 5575 मीटर है। पटना की जनसंख्या 2011 की जनगणना के अनुसार यहां की आबादी लगभग 16,83,200 है। पटना जिले में 23 ब्लॉक है। पटना सदर, फुलवारी शरीफ, सम्पतचक, पलिगंज, फतुहा, खुसरपुर, दानीयावॉं, बख्तियारपुर, बाढ़, बेल्ची, अथमलगोला, मोकामा, पंडारक, घोसवारी, बिहट प्रखंड, मनेर, दानापुर, नौबतपुर, दुलहिन बाजार, बिक्रम, मसूरी, धनरुआ, पुनपुन है।

tourist places bihar, patna weather पटना का मौसम यहां सर्दी के दौरान बहुत ही अनुकूल रहता है और गर्मी में यहां का तापमान अत्यधिक मात्रा में रहता है। patna temperature यहां का तापमान लगभग गर्मी के दिनों में 40 डिग्री सेल्सियस से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच में रहता है। और सर्दियों के दौरान में यहां का तापमान लगभग 20 डिग्री सेल्सियस से 6 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। पटना घूमने वाले पर्यटक को सबसे अच्छा समय सर्दी का ही मौसम है। patna pin code 800001

tourist places bihar, iit patna | आईआईटी (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान पटना) यह स्थान बिहार का एकमात्र भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में से एक है। यह संस्थान केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2008 से 2009 के मध्य स्थापित किया गया था। आईआईटी संस्थान पटना शहर से लगभग 25 किलोमीटर दूरी बिहटा में स्थित है। भारतीय पत्तियों की संस्थान लगभग 100 एकड़ भूमि पर निर्मित किया गया है। आईटीआई संस्थान में इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और कंप्यूटर साइंस (electrical, mechanical and computer science) की पढ़ाई होती है। इस संस्थान में कंप्यूटर विज्ञान इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग मैकेनिकल इंजीनियरिंग भौतिक विज्ञान रसायन शास्त्र एवं सामाजिक विज्ञान में डॉक्टरेट पाठ्यक्रम संचालित होता है। aiims patna (all India institute of medical science) | एम्स पटना (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान पटना) (आधिकारिक तौर पर जयप्रकाश नारायण ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस) जल संस्थान पटना के फुलवारी शरीफ औरंगाबाद रोड के निकट स्थित है। एम्स पटना लगभग 134 एकड़ में फैला हुआ है। यह संस्थान पटना टाउन से भुसुला गांव में स्थित है। एम्स पटना की स्थापित 2012 में किया गया था इसम संस्थान को बनाने में लगभग 11.24 विलियन का खर्च हुआ था। पटना एम्स में काफी सुविधाएं उपलब्ध की गई है। nit patna(National institute of technology, patna) | एनआईटी पटना (राष्ट्रीय औद्योगिक संस्थान, पटना) यह संस्थान गंगा नदी के दक्षिण तट पर स्थित है। इस संस्थान में बहुत सारी सुविधाएं दी गई लड़कों के लिए तीन छात्रवास लड़कियों के लिए एक छात्रावास और इस संस्थान में 24 घंटे बिजली की आपूर्ति उपयुक्त पेयजल साफ सफाई एवं स्वच्छ का रखरखाव किया जाता है। temperature in patna यहां का तापमान बहुत ही अनुकूल रहता है क्योंकि यह गंगा नदी के तट के किनारे बसा हुआ है इसीलिए यहां का वातावरण शुद्ध रहता है। अब हम जानेंगे यहां के एयरपोर्ट के बारे में

patna airport | पटना एयरपोर्ट

पटना एयरपोर्ट
पटना एयरपोर्ट tourist places bihar (बिहार)

tourist places bihar, जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बिहार राज्य की राजधानी पटना से 5 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम में स्थित है यह भारत के 16 सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है। यह एयरपोर्ट पटना में संजय गांधी जैविक उद्यान और हमारी सारी रेलवे स्टेशन के बीच स्थित है। इस हवाई अड्डा का रनवे की लंबाई लगभग 7000 फीट है। इसका i c a o कोड v e p t हैं। और i a t a कोड p a t हैं। जयप्रकाश नारायण हवाई अड्डा से इंडिगो की उड़ानें दिल्ली, रांची, कोलकाता, मुंबई तथा कुछ अन्य नगरों के लिए नियमित रूप से उपलब्ध है। यहां से उड़ान भरने के लिए delhi to patna flight दिल्ली से पटना के लिए बहुत सारी flights में जाती है जो आप आसानी से जा सकते हैं जैसे एयर इंडिया यह flights दिल्ली से 8 flights नियमित टाइम से उड़ान जाती है। और इसकी टिकट प्राइस है 2190 रुपया है। go first दिल्ली से पटना के लिए 9 flights जाती है। इसकी प्राइस 3120 रुपया है। Indigo दिल्ली से पटना के लिए 9 flights जाती है इस flights प्राइस 2190 रुपए है। spicejet flights दिल्ली से पटना के लिए यह 3 flights हैं। इस फ्लाइट की प्राइस 2192 रुपए है। vistara flights दिल्ली से पटना के लिए एक फ्लाइट जाती है। इसकी प्राइस 2317 रुपए है। patna to mumbai flight पटना से मुंबई के लिए लगभग 19 फ्लाइट है जो कि नियमित समय से मुंबई के लिए रवाना होती है। इन सभी की प्राइस लगभग ₹3974 से ₹4667 के बीच रहता है। समय के अनुसार टिकट की प्राइस घटते और बढ़ते रहता है। patna to bangalore flight पटना से बेंगलुरु के लिए लगभग 20 फ्लाइट बेंगलुरु के लिए नियमित समय से पूर्ण भरती है। पटना से बेंगलुरु फ्लाइट टिकट की प्राइस लगभग ₹3659-₹5142 है।

tourist places bihar, patna metro | पटना मेट्रो वर्तमान में मेट्रो का डी.पी.आर. तैयारी हो चुका है। पटना मेट्रो के अंतर्गत कुल 55 मेट्रो स्टेशन बनेंगे। पटना मेट्रो परियोजना के लिए दो कोरिडोर बनाए जाएंगे जिसमें पहला कोरिडोर दानापुर से जगनपुर तक होगा। यह कोरिडोर 17.933 किलोमीटर का होगा। इस कॉरिडोर में लगभग कई क्षेत्र भी शामिल है जैसे सगुना मोड़, आरपीएस मोर, पाटलिपुत्रा, रुकनपुरा, राजबाजार, पटना जू, विकास भवन, विद्युत भवन, पटना रेलवे स्टेशन, मीठापुर, रामकृष्णानगर, जगनपुरा इस सभी स्थानों पर मेट्रो रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे पहले करोडोर मैं कुल 14 मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे। पटना मेट्रो के लिए दूसरा कॉरिडोर में पटना रेलवे स्टेशन से पाटलिपुत्र बस टर्मिनल तक लगभग 14.564 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। इस कोरिडोर में लगभग 12 मेट्रो स्टेशन बनेंगे। पटना मेट्रो ट्रेन 2024 के अंत तक में ट्रेनों की संचालन शुरू हो जाएगा। यहां पर मेट्रो ट्रेन चलने से पटना शहर की काफी समस्याओं से दूर हो जाएगा यहां पर अत्यधिक मात्रा में गाड़ी वाहन का भीड़ जमा हो जाता है इसी समस्या से मेट्रो ट्रेन चलने से यहां की समस्या दूर होगी। tourist places bihar,

gandhi ghat patna | गांधी घाट पटना

tourist places bihar, पटना में river ganga (गंगा नदी) पर कई घाटे हैं। जिसमें यहां के गांधी घाट सबसे लोकप्रिय माना जाता है, इस घाट का नाम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान नेता महात्मा गांधी के नाम पर रखा गया है। यहां के लोगों का मानना है कि गांधी जी की अस्थियां विसर्जित की गई थी प्रत्येक सप्ताहांत मैं शाम को इस घाट पर गंगा जी की आरती पूजा आराधना भी की जाती है। आरती के समय इस घाट पर पर्यटकों की काफी भीड़ लग जाती है। और इस घाट पर दूर-दूर से पर्यटक घूमने के लिए आते हैं और यहां पर शाम और सुबह टहलने के लिए भी आते हैं gandhi ghat के नजदीकी लोग यहां पर बहुत ही सुंदर दृश्य दिखता है ‌। tourist places bihar, gandhi ghat barrackpore लोगों के बीच काफी प्रचलित है यहां पर घूमने के लिए आसपास के शहर से लोग काफी मात्रा में आते हैं। और barrackpore gandhi ghat photo देखने में काफी सुंदर है और यहां का दृश्य सबसे अच्छा संध्या के समय लगता है इस टाइम में गांधी घाट से गांधी सेतु पुल देखने में काफी सुंदर लगता है। गांधी घाट के बगल में ही gandhi ghat park भी है। जोकि गांधी घाट में चार चांद जैसा लग जाता है। यह पार्क यहां पर आने वाले पर्यटकों के लिए अपनी और आकर्षित करता है। यदि आप लोग गांधी घाट घूमने जाते हैं तो इसी के समीप गांधी घाट पार्क भी है आप लोग यहां पर जरूर घूमे यहां का सबसे लोकप्रिय जगह है। gaya to patna train गया से पटना के लिए नियमित टाइम से ट्रेन खुलती है और पटना में नियमित टाइम पर पहुंचती है।

patna sahib gurudwara history | पटना साहिब गुरुद्वारा इतिहास

tourist places bihar, यह स्थान पटना शहर में स्थित शिखा आस्था से जुड़ा यह एक ऐतिहासिक दर्शनीय स्थल है। यह स्थान गुरु गोविंद सिंह का जन्म स्थल है। गुरु गोविंद सिंह का जन्म 26 दिसंबर 1666 शनिवार को माता गुजरी के गर्व से हुआ था। उनका बचपन का नाम गोविंद राय था यहां के महाराजा रणजीत सिंह द्वारा बनवाया गया यह गुरुद्वार है जो स्थापत्य कला का सुंदर नमूना है। patna sahib gurudwara गुरु जी ने आनंदपुर साहिब जाने से पहले यहां पटना शहर के पुराने निवास कूचा फारूख खां मैं स्थित है जिससे आप हरमंदिर गली के नाम से भी जाना जाता है इस पवित्र आस्थान का सिख धर्म के पहले गुरु श्री गुरु नानक देव जी और नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी ने दौरा किया था गुरुद्वारा पटना साहिब भारत के पूर्व क्षेत्र में धर्म के प्रचार का एक केंद्र भी माना जाता है। patna sahib gurudwara bihar के आसपास और कई गुरुद्वारे स्थित है। gurudwara patna sahib पटना का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल है। patna sahib gurudwara contact number 0612-2641821, 9698621313, 9709631506 patna sahib gurudwara address यह गुरुद्वारा पटना शहर में ही स्थित है। how to reach patna sahib gurudwara यह गुरुद्वारा आप पटना से बस के माध्यम से पहुंच सकते हैं। patna sahib gurudwara distance for railway station लगभग 11 किलोमीटर की दूरी है। patna sahib gurudwara photo (पटना साहिब गुरुद्वारा फोटो) देखने में काफी सुंदर लगता है। patna sahib gurudwara image रात के समय में तो यह गुरद्वारा और अधिक देखने में सुंदर लगता है, क्योंकि इसमें लाइटिंग के प्रकाश से सजाया गया है। यहां का दृश्य देखने में पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

hotels near patna sahib gurudwara (पटना साहिब गुरुद्वारा के पास होटल) इस गुरुद्वारे के नजदीक बहुत सारी होटल भी मौजूद है। hotel mani International, fabhotel grand sheela, hotel maurya, hotel patliputra nirvana, tourist places bihar, revolving restaurant अब हम पटना शहर के गोलघर बारे में जानेंगे। 

golghar patna | गोलघर पटना

गोलघर पटना
गोलघर पटना tourist places bihar (बिहार)

tourist places bihar, यह गोलघर गांधी मैदान के पश्चिम में स्थित है। golghar ka nirman kab hua tha (गोलघर का निर्माण) 1970 में आई भयंकर सूखे के दौरान लगभग एक करोड़ लोग भुखमरी के शिकार हुए थे। इसी दौरान गवर्नर जनरल वारेन हेस्टिंग ने गोलघर के निर्माण की योजना बनाई थी। golghar (गोलघर) का निर्माण करवाया था इसका निर्माण कार्य ब्रिटिश राज मैं 20 जुलाई 1786 को संपन्न हुआ था इस गोलघर में लगभग एक साथ 140000 टन अनाज रखा जा सकता है। इस पुल पर का आकार 125 मीटर और ऊंचाई 29 मीटर है। और इसकी दीवार 3.6 मीटर मोटी है। tourist places bihar, इस के  शिखर पर चढ़ने के लिए लगभग 145 सीढ़ियों के माध्यम से इस के ऊपरी हिस्से पर चढ़ सकते हैं। और वहां से शहर का एक बड़ा हिस्सा देखा जा सकता है और गंगा के मनोहरी दृश्य को ध्यान से देख सकते हैं पटना शहर की सबसे अच्छी और मनमोहक दृश्य गोलघर है। golghar ka nirman kab hua गोलघर का निर्माण 20 जुलाई 1786 ईस्वी में संपन्न हुआ था। golghar of patna (पटना के गोलघर) बिहार राज्य का सबसे प्राचीन पर्यटन स्थल है। patna golghar photo (पटना गोलघर फोटो) patna ka golghar ka photo (पटना का गोलघर का फोटो) देखने में काफी सुंदर लगता है। इसका दृश्य पहले दूर से ही दिख जाता था। यह फिर इस पटना के गांधी मैदान से भी देखा जा सकता है। golghar image पटना कुछ स्थान ऐसे भी है, जो कि पटना के गोलघर के ऊपर से देखा जा सकता है। tourist places bihar

bihar museum patna | बिहार संग्रहालय पटना

bihar museum (बिहार संग्रहालय) यह संग्रहालय पटना बिहार संग्रहालय है। इससे 15 अगस्त 2005 में आंशिक रूप से खोला गया था। इस संग्रहालय में पटना म्यूजियम से लगभग 100 से ज्यादा कलाकृति ट्रांसफर की गई है।  bihar museum patna, bihar (बिहार संग्रहालय पटना, बिहार) में कई दीर्घाएं हैं। इसमें ओरिएंटेशन गैलरी, चिल्ड्रन गैलरी, रीजनल गैलरी, कंटेमपरेरी गैलरी, ऐतिहासिक आर्ट गैलरी, बिहारी डायस्पोरा गैलरी और कई सारे इस संग्रहालय में मौजूद है। bihar museum tickets price (बिहार संग्रहालय टिकट की कीमत) इस संग्रहालय में बच्चे 5 साल से 12 साल तक की लेकिन टिकट की प्राइस ₹50 है। विद्यार्थी की टिकट की कीमत विद्यार्थी अपने परिचय पत्र दिखाने पर से ₹50 की टिकट करती है। छात्रसमूह या नहीं शिक्षण संस्था के आवेदन के साथ बिहार में जेल में जाने के लिए ₹25 की टिकट करती है। वयस्क कि ₹100 की टिकट करती है। और विदेशी नागिन के लिए वयस्क की टिकट की प्राइस 500 रूपए है। और बच्चों की टिकट प्राइस ₹250 ‌है। और कैमरा का अलग से करना पड़ता है इसका मूल्य ₹100 है। दो दोस्त हमने बिहार राज्य के bihar museum society, bihar museum case study, new bihar museum ticket price, bihar international museum, bihar museum architecture के बारे में जाने। अब हम planetarium patna (तारामंडल पटना) के बारे में जानेंगे।

tourist places bihar (बिहार) patna planetarium | पटना तारामंडल पटना के इंदिरा गांधी विज्ञान परिसर में स्थित है। indira gandhi planetarium patna (इंदिरा गांधी तारामंडल पटना) को बनाने में लगभग 111 करोड़ की कुल लागत पर बनाया गया था। और इस तारामंडल को बनाने के लिए 1989 में बिहार के मुख्यमंत्री सत्येंद्र नारायण सिन्हा ने उसी वर्ष शुरू होने के साथ कल्पना की थी और उसी वर्ष 1अप्रैल 1993 ईस्वी में जनता के लिए खोला गया था, इसका नाम वरिष्ठ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नाम पर रखा गया है। पटना के तारामंडल एशिया में सबसे बड़े ग्रहों में से एक है। जंतर मंतर बड़ी संख्या में घरेलू और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करता है। इस तारामंडल में लगभग दो दशक से चला रहे स्काई थियेटर शो को और आकर्षक बनाने की तैयारी चल रही है। patna planetarium timing (पटना तारामंडल समय) सुबह 10:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक खुली रहती है। patna planetarium show timings (पटना तारामंडल शो का समय) पटना तारामंडल में 4 शो चलाए जाता है। बसों का समय दोपहर 12:30 है फिर 2:00 बजे, दोपहर 3:30 बजे और शाम 5:00 बजे है। कभी-कभी स्पेशल शो भी चला जाता है इसका टाइम 11:00 बजे है और सबसे अंतिम शो का समय शाम 5:00 बजे है। शो शुरू होने से आधे घंटे पहले टिकट की बिक्री शुरू हो जाती है। प्रत्येक से लगभग 30 से 40 मिनट की होती है। patna planetarium online ticket booking (पटना तारामंडल ऑनलाइन टिकट बुकिंग) की कोई सुविधा नहीं है। यदि आप टिकट खरीदना चाहते हैं तो हर एक शौ से आधा घंटा पहले आप वहां के काउंटर पर जाकर टिकट खरीद सकते हैं‌। दोस्त हमने तारामंडल के बारे में जाने, अब हम पटना के (patna museum)पटना संग्रहालय के बारे में जानेंगे।

tourist places bihar, museum patna | संग्रहालय पटना

संग्रहालय पटना
संग्रहालय पटना tourist places bihar (बिहार)

tourist places bihar (बिहार) पटना संग्रहालय बिहार की राजधानी पटना में स्थित है। पटना संग्रहालय जादूघर के नाम से भी जाना जाता है। इस संग्रहालय में प्राचीन पटना के हिंदू तथा बौद्ध धर्म की गई निशानियां मौजूद है। इस संग्रहालय में लगभग 20 करोड़ वर्ष पुराने पेड़ के तने का अवशेष यहां का विशेष धरोहर है। पटना संग्रहालय की स्थापना 20 जनवरी 1915 को की गई थी जिसमें 1 में पटना संग्रहालय है भवन में संग्रहालय 1 फरवरी 1929 में लाया गया था उसी समय 7 मार्च को बिहार उड़ीसा के तत्कालीन गवर्नर लैंसडाउन स्टीदेंसन ने इस संग्रहालय का उद्घाटन किया था। tourist places bihar, miseum in patna (पटना में संग्रहालय) बहुत ही जाने-माने संग्रहालय हैं। यहां पर दूर-दूर से बड़े करने के लिए आते हैं। patna museum address (पटना संग्रहालय का पता) पटना संग्रहालय पटना रेलवे स्टेशन से लगभग 3 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। patna museum timings सुबह 10:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक खुली रहती है। ‌ तो दोस्त हमने पटना म्यूजियम के बारे में जाने और patna new museum timing के बारे में जाने। अब हम बिहार राज्य के पटना जिले के अंतर्गत mahatma gandhi setu pul (महात्मा गांधी सेतु पुल) के बारे में जानेंगे। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places bihar mahatma gandhi setu history in hindi | महात्मा गांधी सेतु इतिहास हिंदी में

tourist places bihar mahatma gandhi setu bridge (महात्मा गांधी सेतु पुल) tourist places bihar (बिहार)  राज्य के राजधानी पटना से वैशाली जिले में जोड़ने के लिए गंगा नदी पर उत्तर दक्षिण की दिशा में बना पुल है। यह दुनिया का सबसे लंबा सड़क पुल है। length of mahatma gandhi setu (महात्मा गांधी सेतु की लंबाई) लगभग 5,750 मिटर हैं, और इसकी चौड़ाई लगभग 25 मीटर है, और इस पुल में स्पैन की कुल जनसंख्या 45 हैं। इस पुल का निर्माण गैमन इंडिया लिमिटेड ने किया था। और mahatma gandhi setu (महात्मा गांधी सेतु) पुल का उद्घाटन भारत के प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने मई 1982 में किया था। महात्मा गांधी सेतु एक नया रूप दिया जा रहा है।  वर्तमान में mahatma gandhi setu pul patna (महात्मा गांधी सेतु पुल पटना) नेशनल हाईवे 19 के एक हिस्सा है। mahatma gandhi setu patna (महात्मा गांधी सेतु पटना) का निर्माण 1972 में शुरू किया गया था और यह पुल 1982 में बनकर तैयार हो गया था। तो दोस्त हमने बिहार राज्य पटना जिले के महात्मा गांधी सेतु पुल के बारे में जानने, अब हम पटना जिले के buddha smriti park patna (बुद्धा स्मृति पार्क पटना) यह पार्क पटना जंक्शन रेलवे स्टेशन के पास 22 एकड़ जमीन पर फैला हुआ है। buddha smriti udyan (बुद्धा स्मृति उद्यान) को बनाने में लगभग ₹150 की लागत है। buddha smriti park  (बुद्धा स्मृति उद्यान पार्क) में 200 फीट ऊंचा एक स्तूप बनाया गया है, इसमें 6 देश से लाए गए बुद्ध अस्थि अवशेष की मंजुषाएं रखी गई है। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places bihar इस पार्क में 27 मई 2010 को बुद्ध पूर्णिमा के दिन तिब्बतियों के धर्मगुरु दलाई लाल ने इसे जनता को समर्पित किया था। उन्होंने इस स्तूप को पाटलिपुत्र करुणा अस्तु का नाम दिया था। यह park (पार्क) दुनिया भर के बौद्ध पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। इस पार्क का निर्माण उस स्थान पर किया गया है जहां की ब्रिटिश काल के ऐतिहासिक बांकीपुर सेंट्रल जेल मौजूद थे। buddha smriti udyan patna (बुद्धा स्मृति उद्यान पटना) यह पार्क बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिमाग की उपज है। यह पार्क पटना जंक्शन रेलवे स्टेशन के पास होने की वजह से यह खास लोकप्रिय है। यदि आप पटना रेलवे स्टेशन पर किसी ट्रेन के इंतजार कर रहे हैं तो आपके पास 2 घंटे का भी समय बचा है। तो आप एक बार महावीर हनुमान मंदिर के साथ बुद्ध स्मृति उद्यान का भी भ्रमण कर सकते हैं। buddha smriti park patna timing (पटना बुद्ध स्मृति पार्क का समय) सुबह 9:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक खुली रहती है। buddha smriti park entry fees (बुद्धा स्मृति पार्क प्रवेश शुल्क) इस पार्क प्रवेश करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति केवल 2 घंटे के मान्यता के लिए। इस पार्क में कई पर्यटन अस्थल है घूमने के लिए उन सभी का अलग-अलग प्राइस किए जाते हैं। जैसे करुणा स्तूप ₹50 दो घंटे के लिए, मध्यस्थल शुल्क ₹200 तथा संग्रहालय शुल्क ₹40 प्रति व्यक्ति टिकट के रूप में लिया जाता है। तो दोस्त हमने पटना के रेलवे स्टेशन के नजदीक बुद्धा पार्क के बारे में बताएं और यहां के कुछ विशेषता के बारे में जाने, अब हम पटना जिले के devi patan mandir tulsipur (देवी पाटन मंदिर तुलसीपुर) के बारे में जानेंगे। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places bihar devi patan mandir tulsipur balrampur (देवी पाटन मंदिर तुलसीपुर बलरामपुर) यह मंदिर तुलसीपुर में स्थित एक बहुत प्रसिद्ध मंदिर है जो बलरामपुर के जिला मुख्यालय के करीब 25 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। यह मां पाटेश्वर का स्वरूप मंदिर है। और यह devi patan mandir (देवी पाटन) के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर मां दुर्गे के प्रसिद्ध 51 शक्ति पीठों में से एक यह मंदिर भी है। यहां के लोगों का मानना है कि इस मंदिर में मां सती के दाहिने कंधे (पेट के रूप में हिंदी में कहा जाता है) यहां गिर गया था। इसीलिए यह शक्तिपीठ में से एक है। और देवी पाटने के रूप में कहा जाता है। patan devi mandir tulsipur (पाटन देवी मंदिर तुलसीपुर) महान धार्मिक महत्व का एक स्थान है।

tourist places bihar, tulsipur devi patan mandir (तुलसीपुर देवी पाटन मंदिर) नवरात्रि काल के दौरान रस है यहां के लोग अपने बच्चे के मुंडन समारोह के लिए यहां आते हैं इसीलिए यहां बाल दान पवित्र माना जाता है यदि आप यह मंदिर घूमना चाहते हैं तो तुलसीपुर बस के जरिए बिलासपुर के जिले मुख्यालय से जुड़े हैं और बलरामपुर से 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस मंदिर के निकटतम हवाई अड्डा राजधानी लखनऊ हवाई अड्डा है यह तुलसीपुर बिलासपुर से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है यदि आप ट्रेन के माध्यम से आना चाहते हैं तो लखनऊ से गोंडा और उसके बाद बिलासपुर है। devi patan mandir photo यहां का फोटो देखने में काफी सुंदर है और यहां पर आए पर्यटक घूमने के लिए यहां के दृश्य देखने में भी काफी सुंदर है जो अपने कैमरे के माध्यम से फोटो खींचकर ले जाते हैं। तो दोस्त हमने बिहार के पटना जिले के देवी पाटन मंदिर के बारे में जानने। अब हम पटना शहर के kumhar park (कुम्हरार पार्क) के बारे में जानेंगे। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places bihar kumhar patna | कुम्हरार पटना के पहाड़ी इलाकों में स्थित यह स्थल है। kumhrar (ancient pataliputra) कुम्हरार (प्राचीन पाटलिपुत्र) यह स्थान राजस्थान बालोतरा के पुरातात्विक अवशेष पाए गए हैं। यह स्थान चंद्रगुप्त मौर्य, बिंदुसारा तथा अशोक कालीन पाटलिपुत्र के भग्रवशेष को देखने के लिए यह सबसे अच्छा जगह है। यह स्थान सप्ताह में सोमवार को छोड़कर हर दिन सुबह 10:00 से शाम 4:00 बजे तक खुली रहती है। patliputra is the ancient name of (पाटलिपुत्र किसका प्राचीन नाम है) पाटलिपुत्र पटना के प्राचीन नाम है जो कि पाटलिपुत्र को वर्तमान में पटना के नाम से जाना जाता है। Kumhrar Patna pin code 800026 tourist places bihar (बिहार) 

tourist places bihar gandhi sangrahalaya | गांधी संग्रहालय यह संग्रहालय गोल घर के सामने बनी बांकीपुर बालिका उच्च विद्यालय के बगल में गांधी मैदान के जेजुरी चीजों का नायाब संग्रह देखा जा सकता है। हालांकि इस संग्रहालय में नवस्थापित चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का अध्ययन केंद्र भी अवलोकन योग्य है। ‌ यह संग्रहालय गांधी मैदान के निकट सबसे प्रमुख संग्रहालय है। तो दोस्त हमने मना गांधी संग्रहालय के बारे में जानें और कुछ ऐसे भी पर्यटक स्थल है। यहां के खूबसूरत हो में चार चांद लगा देती है जैसे chhoti dargah, maner, shaheed pir ali park, hungama world, maurya lok, kumhrar park, agam kunan यह सभी पर्यटन स्थल यहां के खूबसूरती को बड़ा देती है, यदि आप पटना शहर घूमने के लिए आते हैं तो यह सभी पर्यटन स्थल पर जरुर भ्रमण करें। अब हम पटना के funtasia island patna (फंटासिया द्वीप पटना), funtasia island water park in Patna (पटना में फंटासिया द्वीप वाटर पार्क), के बारे में जानेंगे। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places bihar funtasia island water park Patna | फंटासिया आइलैंड वाटर पार्क पटना का एक खूबसूरत पार्क है। fantasia Island (फंटासिया द्वीप) एक मनोरंजन करने के लिए यह पानी पार्क बहुत ही खूबसूरत पाक है। fantasia Island water park (फंटासिया द्वीप वाटर पार्क) पटना में पहला वाटर पार्क है यह पाक का प्रचार तक्षशिला सीज एंड रिसॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड मुंबई द्वारा किया जाता है। यहां पहुंच एकड़ में फैला हुआ है। इस पार्क में गर्मियों के समय में आराम करने के लिए एक अच्छा विकल्प है यह वाटर पार्क पटना रेलवे स्टेशन से लगभग 9 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। funtasia Island water park patna, bihar (फंटासिया आईलैंड वाटर पार्क पटना बिहार) का प्रमुख पर्यटन स्थल है। इस पार्क में गर्मी के मौसम में काफी मात्रा में पर्यटक वाटर पार्क का आनंद लेने आते हैं। तो दोस्त हमने पटना केक्षफंटासिया द्वीप वाटर पार्क के बारे में जानने। अब हम पटना के सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल sanjay gandhi botanical and zoological garden patna (संजय गांधी बॉटनिकल एंड जूलॉजिकल गार्डन पटना) के बारे में जानेंगे। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places bihar sanjay gandhi botanical garden patna | संजय गांधी बॉटनिकल गार्डन पटना

tourist places bihar (बिहार) sanjay gandhi botanical garden (संजय गांधी जैविक उद्यान) यह उद्यान पटना के चिड़ियाघर के नाम से जाना जाता है। chidiya ghar patna (चिड़िया घर पटना) के बेली रोड पर स्थित है। patna chidiya ghar (पटना चिड़ियाघर) पाक को 1973 में एक चिड़ियाघर के रूप में खोला गया था। यह पार्क पटना का सबसे बड़ा पार्क तथा पिकनिक मनाने का स्थान है। इस पार्क में सबसे अधिक 2011 में 36,000 से अधिक पर्यटक घूमने के लिए आए थे। इस चिड़ियाघर वर्तमान में लगभग 110 पर जातियों के 800 से अधिक जानवरों का घर है। जिनमें बाघ, तेंदुआ, बादल वाले तेंदुएं, दरियाई घोड़ा, मगरमच्छ, हाथी, हिमालयी काले भालू, सियार, काले हिरण, चित्तीदार हरिण, मोर, पहाड़ी मैना, घड़ियाल, अजगर, भारतीय है। गैंडा, चिंपांजी, जिराफ, जेबरा, एमू, और सफेद मोर इस वनस्पति उद्यान में पाए जाते हैं। इस पार्क में एक मछली घर भी शामिल है जो सामान्य प्रवेश शुल्क के बाद सबसे बड़ा राज्य जनरेटर है। इसमें लगभग 35 प्रजातियां की मछली पाई जाती है और सांप के घर में 5 प्रजातियां के 32 सांप है। या चिड़ियाघर दुनियाभर में लोकप्रिय पर जातियों के संरक्षण और प्रयास के लिए काफी प्रयास करता है।

tourist places bihar, patna ka chidiyavghar ka photo (पटना का चिड़ियाघर का फोटो) देखने में काफी सुंदर और मनमोहक है। patna chidiya ghar image और यहां का दृश्य देखने में काफी सुंदर लगता है। यहां पर लोग अपने साथ कैमरा को लेकर आते हैं और कैमरा में फोटो खींच कर ले जाते हैं और वहां पर सभी अपने परिवार के साथ देखते हैं। khuda bakhsh oriental library (खुदा बख्श ओरिएंटल लाइब्रेरी) यह लाइब्रेरी पटना में गंगा घाट के निकट स्थित है। पटना के कुछ ऐसे भी पर्यटन स्थल है जो यहां का खूबसूरती ओं में चार चांद लगा देती है जैसे Bihar emporium, maurya lok shopping complex eco park, patna, ISKCON temple patna यहां सभी पर्यटन स्थल यहां का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल है। तो 10 हमने पटना जिले के चिड़ियाघर के बारे में जानने। अब हम patna mahavir mandir (पटना  महावीर मंदिर) के बारे में जानेंगे। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places bihar mahavir mandir patna | महावीर मंदिर पटना

महावीर मंदिर पटना
महावीर मंदिर पटना tourist places bihar (बिहार)

tourist places bihar (बिहार) patna ka mahavir mandir (पटना का महावीर मंदिर) भारत में स्थित श्री राम भगवान के भक्त भगवान श्री हनुमानजी को समर्पित सबसे पवित्र हिंदू मंदिर में से एक है। यह देश के सबसे प्राचीन हनुमान मंदिर में से एक है। महावीर मंदिर उत्तर भारत का सबसे प्रसिद्ध मंदिर माना जाता है। मंदिर में हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं पूजा करने के लिए। संकट मोचन की प्रतिमा भक्तों के दिल में एक विशेष स्थान बना ली है रामनवमी के समय में यहां पर आने वाले लाखों भक्त इस मंदिर में पूजा करने के लिए आते हैं। इस मंदिर के बारे में माना जाता है कि यहां आने वाले हर भक्तों की मुराद जरूर पूरी होती है कोई भक्त यहां से खाली हाथ नहीं लौटते हैं इस मंदिर में भक्तों के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाता है यहां सभी को एक समान देखा जाता है। इस मंदिर की स्थापना स्वामी बाल आनंद द्वारा किया गया था सन 1948 ईस्वी में पटना का उच्च न्यायालय के फैसले के अनुसार मंदिर अनादि काल से मौजूद है। यह मंदिर 30 नवंबर से 4 मार्च 1985 के बीच निर्माण किया गया था।

tourist places bihar, इस मंदिर का क्षेत्रफल लगभग 10000 वर्ग फुट में फैला हुआ है। इस मंदिर परिसर में भक्तों के लिए काफी सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है मंदिर परिसर में प्रवेश करने के लिए पश्चात बाई तरफ चबूतरे पर सीडीओ की श्रृंखला है जो मंदिर के मुख्य क्षेत्र जिससे गर्भ गिरी कहा जाता है जहां भगवान हनुमान का गर्व गिरी है इसके चारों ओर एक गलियारा है जिसमें भगवान शिव जी है। इस मंदिर परिसर में रामसेतु का एक अवस्थायी है। इस सेतु को कांच के एक मात्रा में रखा गया है। इस पत्थर की भार तेरे हजार एमएस है जबकि इसका वजन लगभग 15 किलो है और पानी में तैरते रहती है। जो कि कभी डूबती नहीं है। महावीर मंदिर का प्रसाद जो पीठासीन देवताओं को अर्पित किया जाता है प्रसाद के रूप में नैवेद्यम दिया जाता है जिससे तिरुपति और आंध्र प्रदेश के विशेषज्ञों के द्वारा तैयार किया जाता है। हनुमान मंदिर का लड्डू का प्रसाद जो कि हनुमानजी को अर्पित किया जाता है यह संस्कृति भाषा में नैवेद्यम कहां जाता है। इस प्रसाद को बनाने में बहुत सारी सामग्री की उपलब्ध करना पड़ता है जैसे बेसन का आटा, चीनी, काजू, किसमिस, हरी इलायची, कश्मीरी केसर, और अन्य फलेवर डालकर पकाया जाता है। और इससे गेंद के आकार में बनाया जाता है लड्डू बनाने में प्रयोग की जाने वाली केसर कश्मीरी के पंपोर जिले के उत्पादकों से मंगाई जाती है। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places bihar (बिहार) इसके केसर को कश्मीर में सोने की भूमि के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर के परिसर में और कई अन्य सारी भगवान की प्रतिमाएं बनाई गई है जैसे राम, श्री कृष्ण भगवान, दुर्गा माता का भी मंदिर है। इस मंदिर के प्रांगण में राधा कृष्ण, राम सीता, शिव पार्वती, नंदी, भगवान गणेश समेत तमाम देवताओं की मूर्ति स्थापित की गई है। इन सभी के अलावा इस मंदिर के बगल में पीपल का पेड़ भी है जिसमें भगवान शनिदेव विराजमान है। यह मंदिर पटना जंक्शन रेलवे स्टेशन के आमने सामने हैं। यहां पर आने वाले रेल मार्ग से यात्री इस मंदिर में जरूर दर्शन भगवान हनुमान जी की दर्शन करते हैं। इस मंदिर में दान की गई राशि से इस मंदिर के कार्यकर्ता इस मंदिर के नाम से चार निजी हॉस्पिटल बनवाए हैं जिसमें गरीब व्यक्ति को मुफ्त में इलाज कराई जाती है। और दो हॉस्पिटल का निर्माण कार्य शुरू है। यह सभी हॉस्पिटल पटना के अलग-अलग क्षेत्र में बनाए गए हैं।

tourist places bihar, mahavir mandir पटना शहर का सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल के रूप में भी जाना जाता है। यह mahavir mandir patna junction के निकट है। hanuman handir बल्कि पटना में ही नहीं देश के पूरे गली चौराहे पर बनाई गई है। हनुमान जी की देशभर में सभी जगह पूजा जाते हैं। patna mahavir mandir photo यहां पर आने वाले पर्यटक अपने साथ कैमरा लेकर आते हैं और यहां से फोटो खींच कर ले जाते हैं वह अपने घर में भी सजाकर रखते हैं और उसे रोज पूछते भी हैं। patna mahavir mandir image (पटना महावीर मंदिर इमेज) पटना के बहुत ऐसे घर में भगवान हनुमान जी की फोटो लगाकर रखते हैं और उसे रोजाना पूछते भी हैं। तो दोस्त हमने पटना के बारे में जानने और यहां का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में भी जानने। अब हम बिहार राज्य के सीतामढ़ी जिले के बारे में जानेंगे। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places bihar (बिहार) इस जिले का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल माना जाता है सारण जिले में और कई पर्यटन स्थान है जैसे chirand, gautam asthan, ami, silhauri यहां की खूबसूरतीयों चार चांद लगा देती हैं। तो दोस्त हमने बिहार राज्य के सारण जिले के बारे में जानने। और यहां के प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में भी जानने। अब हम बिहार राज्य के vaishali district (वैशाली जिले) के बारे में जानेंगे और यहां का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में भी जानेंगे। तो दोस्त बने रहे टूरिज्म प्लेस से जूडी पर्यटन स्थल के बारे में जोड़ने के लिए। tourist places bihar (बिहार) 

vaishali bihar | वैशाली बिहार

वैशाली बिहार
वैशाली tourist places bihar (बिहार)

tourist places bihar (बिहार) vaishali (वैशाली) tourist places bihar (बिहार)  राज्य के 38 जिलों में से एक वैशाली जिला है। वैशाली मुजफ्फरपुर से विभाजित करके 22 अक्टूबर 1972 को वैशाली एक अलग जिला बनाया गया। इस जिला का मुख्यालय हाजीपुर में है। यहां का मुख्य बोलचाल की भाषा वज्जिका तथा हिंदी है। वैशाली जिला ऐतिहासिक पुराणों के अनुसार वैशाली में ही विश्व का सबसे पहला गणतंत्र यानी रिपब्लिक कायम किया गया था। जिला में भगवान महावीर की जन्मस्थली होने के कारण जैन धर्म के मातवलम्बियों के लिए एक पवित्र नगरी माना जाता है। वैशाली जिला ऐतिहासिक महत्व के होने के अलावा आज यह जिला राष्ट्रीय स्तर के कई स्थानों में जाना जाता है। तथा केले आम और लीची के उत्पादन के लिए भी जाना जाता है। वैशाली जिला का प्रसिद्ध baraila lake (बरैला झील) है जो कि 263 एकड़ में फैला हुआ है। यह झील यहां का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल है। वैशाली जिला का नाम रामायण काल के एक राजा विशाल के नाम पर रखा गया है। विष्णु पुराण मैं इस क्षेत्र पर राजा करने वाले 34 राज्यों का उल्लेख है जिसमें प्रथम नभग तथा अंतिम सुमती थे। विश्व को सर्वप्रथम गणतंत्र का ज्ञान की प्राप्ति कराने वाला स्थान वैशाली ही है। वैशाली जिला का क्षेत्रफल लगभग 2036 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। 2011 के जनगणना के अनुसार यहां की जनसंख्या लगभग 34,95,201 है। यह जिला समुद्र तल से औसत ऊंचाई 52 मीटर है। वैशाली जिले के उत्तर में मुजफ्फरपुर, दक्षिण में पटना, पूर्व में समस्तीपुर तथा पश्चिम में सारण जिला से घिरा हुआ है। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places bihar (बिहार) vaishali weather (वैशाली मौसम) वैशाली जिले में नवंबर से फरवरी तक ठंड का मौसम रहता है और मार्च से जून तक गर्मी का मौसम रहता है, जुलाई से सितंबर के महीने तक बारिश का मौसम रहता है। वैशाली जिले में सबसे सुखद महीना सितंबर से अक्टूबर है जो कि यहां का सबसे मनमोहक महीना भी कहा जाता है। वैशाली जिले में गर्मियों के समय में यहां का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से 1 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। ठंड के मौसम में यहां का तापमान 23 डिग्री सेल्सियस से 6 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। वैशाली जिले में छठ पर्व में ठंड का मौसम का आगमन होता है और होली में गर्मी मौसम का आगमन होता है। वैशाली जिले में कृषि एवं उद्योग मुख्य रूप से गेहूं, चावल, मक्का और तंबाकू यहां का मुख्य खेती है। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places bihar (बिहार) jain mandir, bawan pokhar | जैन मंदिर, बावन पोखरी वैशाली जिले का इतिहासिक बना पोखर विकास में एक नया अध्याय जोड़ा गया है। ऐतिहासिक पोखर के बीच जैन मंदिर निर्माण के लिए नवी डाली गई है। यह मंदिर चतुभुज आकार इस पोखर के बीच में 14 गुणे 41 फीट ऊंचा चतरा का निर्माण क्राय जाएगा। मंदिर परिसर तक जाने के लिए 102 फीट लंबा पुल बनेगा उस मंदिर के गर्भगृह में इसी पोखर के खुदाई में प्राप्त भगवान महावीर के काले पत्थर की पालकालीन मूर्ति मिली थी। और उसी जगह पर उस मूर्ति को स्थापित किया जाएगा। यह पर्यटन स्थल यहां का एक प्रमुख पर्यटन स्थल बनाने जा रहा है। यहां का एक ऐतिहासिक पर्यटन स्थल kachhi dargah bidupur ganga bridge (कच्छी दरगाह बिदुपुर गंगा पुल) इस पुल को बनाने के लिए फरवरी 2016 में प्रारंभ किया गया था लेकिन असम निर्माण जनवरी 2017 में शुरू किया गया बिहार राज्य पथ विकास निगम ने निर्माण एजेंसी देवू – एलएंडटी के साथ जो करार किया उसके मुताबिक 16 जनवरी 2017 से 15 जनवरी 2021 यानी कि 4 साल में निर्माण कार्य पूरा करना है लेकिन गुरुवार को पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव के स्थलीय कार्य निरीक्षण में यह बात सामने आई कि 9 दशमलव 76 किलोमीटर लंबे इस ब्रिज में अभी 30 का निर्माण हो रहा है कुल 87 पाय बनाए जाने हैं अन्य पाए के लिए स्वायल टेस्टिंग का काम शुरू हुआ है। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places bihar (बिहार) यह ब्रिज दुनिया का सबसे बड़ा पुल है। यह पुल निर्माण अभी होई रहा है। vaishali museum | वैशाली संग्रहालय एक ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों को घूमने के लिए है। वैशाली के संग्रहालय में प्रवेश करने के लिए आपको ऑनलाइन टिकट कटाना पड़ेगा। वैशाली संग्रहालय को देखते ही मासूम होकर लौटने को मजबूर हो रहे हैं। यह म्यूजियम यहां का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल है। ramchaura mandir (रामचौरा मंदिर) यहां का सबसे प्रसिद्ध मंदिर है इस मंदिर में बहुत सारे भाग पूजा करने के लिए जाते हैं और यहां पर गए भक्त खाली हाथ नहीं लौटते हैं यहां सबकी मनोकामनाएं पूरी होती है यह मंदिर बहुत ही पवित्र मंदिर माना जाता है। तो दोस्त हमने tourist places bihar (बिहार)  राज्य के वैशाली जिले के बारे में और यहां का प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में जानने। अब हम बिहार राज्य के west Champaran distri (पश्चिम चंपारण जिला) के बारे में जानेंगे और यहां का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में भी जाने दो दोस्त बने रहिए टूरिज्म प्लेस से पर्यटन स्थल के बारे में जानने के लिए। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places bihar, west champaran (पश्चिम चंपारण) tourist places bihar (बिहार)  राज्य के 38 जिलों में से एक यह भी जिला है। यह जिला हिमालय के तराई प्रदेश में बसा यह ऐतिहासिक जिला जल एवं वनसंपदा के पूर्ण है। चंपारण जिला का नाम 2 नाम से खंड होकर बना गया है जैसे चंपा + आर्यन से बना हुआ है। इसीलिए में चंपा के में अत्यधिक मात्रा में पाए जाते हैं। इस जिला से महात्मा गांधी ने अंग्रेज के खिलाफ नील आंदोलन से सत्य गिरी की आवाज उठाई थी। west champaran map (पश्चिम चंपारण का नक्शा) के अनुसार से इस जिले के उत्तर में नेपाल, दक्षिण में गोपालगंज जिला, पूर्व में पूर्वी चंपारण और पश्चिम में उत्तर प्रदेश के पडरौना तथा देवरिया जिला से घिरा हुआ है। इस जिला का क्षेत्रफल लगभग 5228 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। 2001 की जनगणना के अनुसार यहां की जनसंख्या लगभग 30,43,044 है। west champaran pin code (पश्चिम चंपारण पिन कोड 845106) bettiah west champaran bihar (बेतिया पश्चिम चंपारण बिहार) का एक मुख्यालय है। bihar bettiah west champaran (बिहार बेतिया पश्चिम चंपारण) मुगल काल के समय चंपारण का इतिहास बेतिया राज का उद्देश्य एवं अस्त से जुड़ा हुआ है। west champaran bettiah bihar (पश्चिम चंपारण बेतिया बिहार) बादशाह शाहजहां के समय उज्जैन सिंह और गज सिंह ने बेतिया राज की नवी डाली और मुगल के कमजोर होने पर बेतिया राज महत्वपूर्ण बन गया और शानो शौकत के लिए अच्छी ख्याति अर्जित कर लिए थे। bettiah west champaran bihar pin code 845438 pin code of bettiah west champaran bihar (बेतिया पश्चिम चंपारण बिहार के पिन कोड) बेतिया शहर में अलग-अलग क्षेत्र का अलग-अलग पिन कोड होता है। तो दोस्तों हमने पश्चिम चंपारण जिले के बारे में जानने, और west champaran bihar pin code के बारे में भी जानने। अब हम पश्चिम चंपारण के कुछ प्रमुख पर्यटन स्थल जैसे valmikinagar barrage, valmikinagar hydel project यह पर्यटन स्थल यहां की खूबसूरती में चार चांद लगा देती है। और यहां पर कई पर्यटन स्थल है। चलिए उसके के बारे में जानेंगे। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places biha, bhitiharwa ashram west champaran (भितहारवा आश्रम पश्चिम चंपारण) यह आश्रम पश्चिम चंपारण के गौनहा प्रखंड में भितहरवा गांव में स्थित है। जब एक बार महात्मा गांधी ने चंपारण में इस गांव के एक छोटे से घर में सत्याग्रह के शुरुआत की थी उस घर को आज भितहारवा आश्रम कहते हैं। यह आश्रम स्वतंत्रा के मूल्य का आदर करने वाले के लिए यह जगह तीर्थ समान है। भितहरवा आश्रम से कुछ ही दूर पर रामपुरवा में सम्राट अशोक द्वारा बनवाए गए दो स्तंभ है। इन स्तंभों के ऊपर बने सिंह वाले शीर्ष को कोलकाता संग्रहालय में तथा वृषभ शीर्ष के दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय में रखा गया है। bhitiharwa ashram (भितहरवा आश्रम) यहां का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल है इस स्थान पर दूर-दूर से पर्यटक घूमने के लिए आते हैं। इस आश्रम को bhitiharwa gandhi ashram (भितहरवा गांधी आश्रम) के नाम से भी जाना जाता है। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places bihar, ashok pillar at lauriya | लौरिया में अशोक स्तंभ tourist places bihar (बिहार) 

यह स्तंभ tourist places bihar (बिहार)  राज्य के पूर्वी चंपारण जिला का एक ऐतिहासिक महत्व का स्थान है। इस स्तम्भ अशोक सम्राट के द्वारा निर्मित किया गया है। जिस पर धर्म ले खुदा हुआ है। अशोका स्तंभ लउरिया नन्दगढ़ से लगभग 55 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम में स्थित है। यह स्थान 249 ईस्वी में लाया गया था। जो कि आज भी सुरक्षित है। इतिहास के अनुसार से सम्राट अशोक ने अपने राज्यभिषेक के 26 वर्ष बाद यह धर्म लेख लिखवाया था। यह स्तंभ लगभग 34 टन वजन का है। यह स्थान लगभग साढ़े छत्तीस फुट ऊंचा है। इस स्थान के ऊपर विकास सिंह टूट गया है जो कोलकाता संग्रहालय में रखा हुआ है। इस स्थान पर 41 पंक्तियों में नागरिकों को मानव धर्म का पालन करने एवं इसके बारे में में प्रचार मैत्री का संदेश है। अस्थमा स्थल को पर्यटन विभाग द्वारा संरक्षित है। ashok pillar (अशोक स्तंभ) पश्चिम चंपारण का यह सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थल है। यहां पर दूर-दूर से पर्यटक ने के लिए आते हैं। ashok pillar pincode 845453 तो दोस्त हमने चंपारण जिले के भितहारवा आश्रम के बारे में जानने। अब हम पश्चिम चंपारण के (valmiki tiger reserve) वाल्मीकि टाइगर रिजर्व  के बारे में जानेंगे। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places bihar, valmiki tiger reserve bihar | बाल्मीकि टाइगर रिजर्व बिहार

बाल्मीकि टाइगर रिजर्व बिहार
बाल्मीकि टाइगर रिजर्व tourist places Bihar

tourist places bihar, यहां भारत और नेपाल बॉर्डर tourist places bihar (बिहार)   के चंपारण जिले में स्थित है। इस अभयारण्य valmiki tiger reserve national park (वाल्मिकी टाइगर रिजर्व नेशनल पार्क) ‌ और वन्यजीव अभ्यारण भी कहा जाता है। या भारत बिहार के एक लोटा नेशनल पार्क है। valmiki nagar tiger reserve (वाल्मीकि नगर टाइगर रिजर्व) यहां का सर्वश्रेष्ठ अभ्यारण माना जाता है। valmiki nagar tiger reserve bihar (वाल्मीकि नगर टाइगर रिजर्व बिहार) राज्य के चंपारण जिला में bettiah (बेतिया) से लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है यह एक छोटा कसम वह है जहां कम आबादी है। यह क्षेत्र अधिकांश वन क्षेत्र के अंदर आता है। यह पार्क के निकटतम रेलवे स्टेशन नगकटिया गंज के रेलवे हैड के पास स्थित है। इस पार्क के उत्तर में नेपाल के रॉयल चितवन नेशनल पार्क और पश्चिम में हिमालय पर्वत की गंडक नदी से घिरा हुआ है। इस पार्क में अनेक जीव जंतु मौजूद है जैसे बाघ, स्‍लॉथ बीयर, भेडिए, हिरण, सीरो, चीते, अजगर, पीफोल, चीतल, सांभर, नील गाय, हाइना, भारतीय सीवेट, जंगली बिल्लियां, हॉग डीयर, जंगली कुत्ते, एक सींग वाले राइनोसिरोस तथा भारतीय भैंसे कभी-कभी चितवन से चलकर वाल्‍मीकि नगर में आ जाते हैं। यह अभ्यारण यहां का सबसे प्रमुख अभ्यारण है। इस अभ्यारण में बहुत सारे पर्यटक दूर-दूर से घूमने के लिए आते हैं। यह अभ्यारण यहां का लोकप्रिय अभ्यारण माना जाता है। valmiki tiger reserve tourism (वाल्मिकी टाइगर रिजर्व पर्यटन) स्थल यहां का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल माना जाता है। यहां पर आने वाले पर्यटकों को बहुत ही ज्यादा शांति महसूस करता है। और इस पार्क में बहुत सारे जीव जंतु रहते हैं। यह पार्क यहां का मनमोहक पाक है। valmiki tiger reserve booking (वाल्मीकि टाइगर रिजर्व बुकिंग) आप यहां आने से पहले घर बैठे हैं ऑनलाइन टिकट बुकिंग कर सकते हैं। इस अभ्यारण का लिंक इस अभियान के नाम से ही दिया गया। आप उस वेबसाइट पर जाकर टिकट बुक कर सकते हैं। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places bihar, valmiki tiger reserve resorts (वाल्मीकि टाइगर रिजर्व रिसॉर्ट्स) इस रिसॉर्ट्स में बहुत सारी सुविधाएं बड़े लोगों को मिलती है। यहां पर खाने-पीने के अलावा यहां पर होने वाले पर्यटन रात के समय में यहां पर ठंडी हवा का बहुत आनंद लेते हैं। इस रिसॉर्ट्स में बहुत सारी सुरक्षित की व्यवस्था की गई है यहां पर आने वाले पर्यटकों पर निगरानी बनाए रखने के लिए यहां के मालिक कुछ स्टाफ भी रखे हैं जो पर्यटकों को कोई परेशानी नहीं है। यह रिसॉर्ट्स अभ्यारण के नजदीक में ही स्थित है। यहां पर बहुत सारे होटल भी है। जो कि पर्यटकों को रहने और खाने की व्यवस्था की गई है। tourist places bihar (बिहार) 

tourist places bihar valmiki tiger reserve near by hotel (वाल्मिकी टाइगर रिजर्व के नजदीक होटल) इस अभ्यारण के नजदीक बहुत सारे होटल है जैसे jungle villa resort इस रिसॉर्ट्स में रहने खाने के साथ-साथ वाईफाई की भी सुविधा दी गई है यह अभ्यारण से लगभग 21.1 किलोमीटर है। इस अभ्यारण के नजदीक बहुत सारे होटल मौजूद है आप मैप के द्वारा भी देख सकते हैं। पश्चिम चंपारण जिला में इन सभी पर्यटन स्थल के अलावा यहां पर और सारी पर्यटन स्थल है जैसे bagaha, valmiki nagar यह सभी पर्यटन स्थल यहां की खूबसूरती यों में चार चांद लगा देती है। यह सभी पर्यटन स्थल पर्यटक को मनमोह लेता है। tourist places bihar (बिहार) 

बिहार राज्य
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निष्कर्ष

दोस्त हमने tourist places bihar (बिहार)  राज्य के 38 जिलों अररिया जिला, अरवल जिला, औरंगाबाद जिला, कटिहार जिला, किशनगंज जिला, कैमूर जिला, खगड़िया जिला, गया जिला, गोपालगंज जिला, जमुई जिला, जहानाबाद जिला, दरभंगा जिला, नवादा जिला, नालंदा जिला, पटना जिला, पश्चिमी चम्पारण जिला, पूर्णिया जिला, पूर्वी चम्पारण जिला, बक्सर जिला, बाँका जिला, बेगूसराय जिला, भागलपुर जिला, भोजपुर जिला, मधुबनी जिला, मधेपुरा जिला, मुंगेर जिला, मुजफ्फरपुर जिला, रोहतास जिला, लखीसराय जिला, वैशाली जिला, शिवहर जिला, शेखपुरा जिला, समस्तीपुर जिला, सहरसा जिला, सारन जिला, सीतामढ़ी जिला, सीवान जिला, सुपौल जिला के बारे में जानने, और यहां पर सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में भी जानने। और इन सभी जिले में आने-जाने की सुविधा और खाने पीने रहने की सुविधा के बारे में जानने। बिहार राज्य की खूबसूरत जगह और प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में भी जानें। और यहां के मौसम और आर्थिक व्यवस्था यहां की आबादी इन सभी जिलों से बहने वाली नदियां और यहां की प्रमुख फसल के बारे में जानने। तो दोस्त आपको यह पोस्ट अच्छी लगी हो तो आप अपने दोस्त या परिवार के साथ शेयर करना ना भूले दोस्त हम ऐसे ही टूरिज्म प्लेस के जानकारी के बारे में लाते रहते हैं अभी आपको इन सभी जानकारी के बारे में थोड़ी सी भी अच्छी लगी हो तो आप कमेंट बॉक्स में कमेंट करना ना भूलें धन्यवाद। tourist places bihar (बिहार) 

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